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लॉकडाउन ने सुधारी हवा की सेहत, पूरे महीने नियंत्रण में रहा प्रदूषण
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सोनभद्र। जहरीली आबोहवा को लेकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चर्चित सिंगरौली परिक्षेत्र (सोनभद्र और सिंगरौली का दस हजार वर्ग किमी परिक्षेत्र) के लिए लॉकडाउन वरदान साबित हुआ है। अक्सर 200 से अधिक रहने वाला वायु गुणवत्ता सूचकांक (एयर क्वालिटी इंडेक्स) 30 अगस्त को जहां गिरकर 27 तक जा पहुंचा,वहीं महीने के ज्यादातर दिनों में इसका स्तर 50 से नीचे बना रहा। दो अगस्त को 93 तक पहुंचा वायु गुणवत्ता सूचकांक इस माह में सर्वाधिक रहा।
एक से 30 अगस्त के बीच के आंकड़ों पर नजर डालें तो पता चलेगा कि सिर्फ दो अगस्त ही ऐसा था, जिस दिन इस माह का सर्वोच्च स्तर 93 दर्ज किया गया। इसके बाद तीन अगस्त को 59, चार को 51, पांच को 60, 11 को 64 दर्ज किया गया। इसी तरह 14 अगस्त को 50, 15 अगस्त को 56, 18 को 55, बीस अगस्त को 54, 25-26 अगस्त को 51 दर्ज किया गया। अन्य दिनों में एक्यूआई 50 के नीचे बना रहा। उसमें भी 19 और 29 अगस्त को यह गिरकर 33 पर पहुंच गया जबकि 12 अगस्त को यह सूचकांक और कम 31 पर दर्ज हुआ। इसके अलावा 30 अगस्त को तो यह 27 तक पहुंच गया।
50 से नीचे का वायु गुणवत्ता सूचकांक हवा की शुद्धता का परिचायक
विशेषज्ञों की राय और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मानक के हिसाब से देखें तो 50 से नीचे का वायु गुणवत्ता सूचकांक एक तरह से हवा की शुद्धता का परिचायक है। वहीं 25 के इर्द-गिर्द वाले सूचकांक को स्वास्थ्य के लिए हर तरीके से बेहतर बताया जाता है। 50 से अधिक वाय गुणवत्ता सूचकांक की स्थिति थोड़ी चिंताजनक मानी जाती है। सूचकांक 100 से अधिक पहुंचने के बाद इसे स्वास्थ्य के लिए खतरा माना जाने लगता है।
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एक से 30 अगस्त के बीच के आंकड़ों पर नजर डालें तो पता चलेगा कि सिर्फ दो अगस्त ही ऐसा था, जिस दिन इस माह का सर्वोच्च स्तर 93 दर्ज किया गया। इसके बाद तीन अगस्त को 59, चार को 51, पांच को 60, 11 को 64 दर्ज किया गया। इसी तरह 14 अगस्त को 50, 15 अगस्त को 56, 18 को 55, बीस अगस्त को 54, 25-26 अगस्त को 51 दर्ज किया गया। अन्य दिनों में एक्यूआई 50 के नीचे बना रहा। उसमें भी 19 और 29 अगस्त को यह गिरकर 33 पर पहुंच गया जबकि 12 अगस्त को यह सूचकांक और कम 31 पर दर्ज हुआ। इसके अलावा 30 अगस्त को तो यह 27 तक पहुंच गया।
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50 से नीचे का वायु गुणवत्ता सूचकांक हवा की शुद्धता का परिचायक
विशेषज्ञों की राय और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मानक के हिसाब से देखें तो 50 से नीचे का वायु गुणवत्ता सूचकांक एक तरह से हवा की शुद्धता का परिचायक है। वहीं 25 के इर्द-गिर्द वाले सूचकांक को स्वास्थ्य के लिए हर तरीके से बेहतर बताया जाता है। 50 से अधिक वाय गुणवत्ता सूचकांक की स्थिति थोड़ी चिंताजनक मानी जाती है। सूचकांक 100 से अधिक पहुंचने के बाद इसे स्वास्थ्य के लिए खतरा माना जाने लगता है।
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