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बच्चों की बात सुनने से कई समस्याओं का हो सकता है समाधान
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म्योरपुर ब्लॉक सभागार में जिला बाल संरक्षण इकाई की ब्लॉक स्तरीय बैठक शामिल लोग
- फोटो : SONBHADRA
म्योरपुर। बच्चों की बातों को गंभीरता से सुनने की आवश्यकता है। उनकी बातें सुनने से बहुत सारी समस्याओं का समाधान हो सकता है और वह अपराध की दुनिया में जाने से बच सकते हैं।
ये विचार महिला कल्याण विभाग की तरफ से ब्लाक सभागार में आयोजित बाल संरक्षण समिति की बैठक में जिला प्रोबेशन अधिकारी डॉ. अमरेंद्र कुमार पौत्सायन ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि बच्चे फेंक दिए जाते हैं। आवश्यकता है उनकी सूचना सही समय पर मिले। विभाग की टीम जाकर उसका उपचार कराएगी और उचित स्थान पर रखेगी। उन्होंने बताया कि मिले हुए बच्चे का पेपर में विज्ञापन प्रकाशित कराया जाता है। इस पर कोई प्रतिक्रिया न आने पर 30 दिन बाद उसको गोद देने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाती है। कहा कि गोद दिए गए बच्चे नया जीवन पाकर नई ऊंचाइयों को छूते हैं।
बैठक में बालकों के प्रति होने वाले अपराधों से बचने पर भी चर्चा की गई। खंड विकास अधिकारी प्रदीप कुमार पांडे ने कहा कि बच्चों के प्रति किए गए अपराध क्षम्य नहीं है। नाबालिगों के साथ अपराध के लिए कठोर दंड का भी प्रावधान है। ऐसे में लोगों को जागरूक करने की जरूरत है। ताकि बच्चों के प्रति हिंसा अपराध कम हो सके। बैठक के दौरान शेषमणि दुबे, साधना मिश्रा, सुरेंद्र प्रताप सहाय, अजय कुमार सिंह, सरोज देवी, माया देवी सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।
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ये विचार महिला कल्याण विभाग की तरफ से ब्लाक सभागार में आयोजित बाल संरक्षण समिति की बैठक में जिला प्रोबेशन अधिकारी डॉ. अमरेंद्र कुमार पौत्सायन ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि बच्चे फेंक दिए जाते हैं। आवश्यकता है उनकी सूचना सही समय पर मिले। विभाग की टीम जाकर उसका उपचार कराएगी और उचित स्थान पर रखेगी। उन्होंने बताया कि मिले हुए बच्चे का पेपर में विज्ञापन प्रकाशित कराया जाता है। इस पर कोई प्रतिक्रिया न आने पर 30 दिन बाद उसको गोद देने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाती है। कहा कि गोद दिए गए बच्चे नया जीवन पाकर नई ऊंचाइयों को छूते हैं।
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बैठक में बालकों के प्रति होने वाले अपराधों से बचने पर भी चर्चा की गई। खंड विकास अधिकारी प्रदीप कुमार पांडे ने कहा कि बच्चों के प्रति किए गए अपराध क्षम्य नहीं है। नाबालिगों के साथ अपराध के लिए कठोर दंड का भी प्रावधान है। ऐसे में लोगों को जागरूक करने की जरूरत है। ताकि बच्चों के प्रति हिंसा अपराध कम हो सके। बैठक के दौरान शेषमणि दुबे, साधना मिश्रा, सुरेंद्र प्रताप सहाय, अजय कुमार सिंह, सरोज देवी, माया देवी सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।
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