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आंधी से लाइनें खराब
ब्यूरो/ अमर उजाला /सोनभद्र
Updated Thu, 26 May 2016 10:23 PM IST
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उत्पादन लागत में कमी आई
- फोटो : Getty
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आंधी के चलते पारेषण और वितरण लाइनों में आई खराबी के कारण बिजली की मांग में कमी आई है। राज्य सेक्टर की अनपरा डी और पनकी परियोजना में तीन दिन से उत्पादन शून्य बना है। ओबरा की भी तीन इकाइयां बंद हैं। बावजूद इसके शक्ति भवन स्थित सिस्टम कंट्रोल को बिजली परियोजनाओं में 617 मेगावाट की थर्मल बैकिंग करवानी पड़ी। राज्य सेक्टर का बिजली उत्पादन 2782 मेगावाट के आसपास बना रहा।
बुधवार को दिन में दो बार आई आंधी से बिजली आपूर्ति व्यवस्था छिन्न-भिन्न हो गई है। गुरुवार को कस्बों की आपूर्ति तो सामान्य कर ली गई लेकिन ग्रामीण इलाकों में अभी भी आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह से पटरी पर आ नहीं है। इसके चलते बिजली की खपत कम हो गई है।सिस्टम कंट्रोल के मुताबिक बिजली खपत नौ हजार मेगावाट से भी कम होने के कारण थर्मल बैकिंग करवानी पड़ रही है।
समाचार दिए जाने तक 1630 मेगावाट वाली अनपरा परियोजना में 1570, 1288 मेगावाट वाली ओबरा परियोजना में महज 275, 1140 मेगावाट वाली पारीक्षा में 757, 665 मेगावाट वाली हरदुआगंज में 180, कुल 2782 मेगावाट बिजली पैदा हो रही थी। बिजली खपत कम होने के कारण 617 मेगावाट की थर्मल बैकिंग कराई जा रही है।
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उधर, सीजीएम अनपरा इं. त्रिभुवन तिवारी ने बताया कि अनपरा डी की बंद पड़ी पांच-पांच सौ मेगावाट की दोनों इकाइयों को उत्पादन पर लाने के प्रयास जारी हैं। गुरुवार देर रात तक पहली इकाई के लाइटअप होने की उम्मीद है।
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बुधवार को दिन में दो बार आई आंधी से बिजली आपूर्ति व्यवस्था छिन्न-भिन्न हो गई है। गुरुवार को कस्बों की आपूर्ति तो सामान्य कर ली गई लेकिन ग्रामीण इलाकों में अभी भी आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह से पटरी पर आ नहीं है। इसके चलते बिजली की खपत कम हो गई है।सिस्टम कंट्रोल के मुताबिक बिजली खपत नौ हजार मेगावाट से भी कम होने के कारण थर्मल बैकिंग करवानी पड़ रही है।
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समाचार दिए जाने तक 1630 मेगावाट वाली अनपरा परियोजना में 1570, 1288 मेगावाट वाली ओबरा परियोजना में महज 275, 1140 मेगावाट वाली पारीक्षा में 757, 665 मेगावाट वाली हरदुआगंज में 180, कुल 2782 मेगावाट बिजली पैदा हो रही थी। बिजली खपत कम होने के कारण 617 मेगावाट की थर्मल बैकिंग कराई जा रही है।
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उधर, सीजीएम अनपरा इं. त्रिभुवन तिवारी ने बताया कि अनपरा डी की बंद पड़ी पांच-पांच सौ मेगावाट की दोनों इकाइयों को उत्पादन पर लाने के प्रयास जारी हैं। गुरुवार देर रात तक पहली इकाई के लाइटअप होने की उम्मीद है।