सोनभद्र: सगी बहनों से सामूहिक दुष्कर्म में दो दोषियों को उम्रकैद, दोनों पर 1.05 लाख का अर्थदंड
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सोनभद्र जिले के सदर कोतवाली क्षेत्र में चार साल पहले अनुसूचित जाति की सगी बहनों के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट पंकज श्रीवास्तव के कोर्ट ने गुरुवार को फैसला सुनाया। घटना में दोनों दोषियों को उम्रकैद और दोनों पर 1.05 लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर उन्हें एक-एक वर्ष की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।
अभियोजन के मुताबिक सदर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव की पीड़ित बहनों ने आठ नवंबर 2017 को तहरीर देकर आरोप लगाया था कि चार नवंबर को ट्रेन से घर आ रही थीं। राबर्ट्सगंज रेलवे स्टेशन पर ट्रेन रुकने पर दोनों बहनें पानी पीने के लिए प्लेटफॉर्म पर उतर गईं। इसी बीच शाम सात बजे एक व्यक्ति आया और अपने को टीटीई बताकर टिकट मांगने लगा। उनके पास टिकट नहीं था।
इसके बाद एक दूसरा व्यक्ति भी आ गया और धमकी देने लगा कि अगर किसी से कुछ बताया या शोर किया तो जान से मार दिया जाएगा। डर की वजह से दोनों कुछ नहीं बोल पाईं। दोनों व्यक्ति उन्हें बाइक पर बैठाकर रॉबर्ट्सगंज मंडी समिति में एक कमरे में ले गए। वहां बारी-बारी से दुष्कर्म किया। उसके बाद जान से मारने की धमकी देकर भगा दिया। एक का नाम राकेश था।
पुलिस ने एक नामजद समेत दो के खिलाफ दुष्कर्म समेत विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना की। मामले में सदर क्षेत्र निवासी राकेश मौर्या और मृत्युंजय सिंह का नाम प्रकाश में आया। दोनों के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की गई।
मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान एवं पत्रावली के अवलोकन पर राकेश मौर्या व मृत्युंजय सिंह को दोषी करार दिया। उन्हें उम्रकैद और अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड की समस्त धनराशि पीड़ित बहनों को मिलेगी। अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी वकील दिनेश अग्रहरि व सत्यप्रकाश तिवारी ने बहस की।