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कानून, विज्ञान का ज्ञान ही पर्याप्त नहीं
अमर उजाला ब्यूरो, सोनभद्र
Updated Sat, 10 Oct 2015 11:09 PM IST
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जनपद न्यायालय में शनिवार को जिला प्राधिकरण द्वारा विश्व मानसिक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। जनपद न्यायाधीश धर्मवीर सिंह ने मानसिक रोग से पीड़ित आरोपियों का विधिक सहायता कराने पर बल दिया। मानसिक रूप से विकलांग को कोर्ट से हर संभव विधिक सेवा प्रदान की जाए।
जिलाजज ने कहा कि सभी न्यायिक अधिकारियों एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को मानसिक रोगियों के प्रति संवेदनाशीलता एवं सहानुभूति का दृष्टिकोण रखते हुए कार्रवाई करनी चाहिए।
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कहा कि महज कानून और विज्ञान का ज्ञान रखना ही पर्याप्त नहीं है बल्कि उसका प्रयोग संवेदनशीलता के साथ सकारात्मक व्यवहार करने पर ही उसका सही लाभ संबंधित व्यक्ति तक पहुंचाया जा सकता है।
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सिविल जज सीनियर डिविजन नितेंद्र कुमार ने जिला सेवा विधिक प्राधिकरण से होने वाले कार्याें की जानकारी दी। इस मौके पर अपर जनपद न्यायाधीश प्रथम विमल प्रकाश कांडपाल, द्वितीय अपर जनपद न्यायाधीश अजय कुमार श्रीवास्तव, आदि रहे।
उधर सीएमएस कार्यालय में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें सीएमएस डा. वीके सिंह ने बताया कि यह बुढ़ापे में होने वाली मानसिक बीमारी है।
इसके कोई भूत प्रेत का चक्कर न समझें। सही समय पर इसकी जांच कराएं, जिससे इस बीमारी से निजात मिल सके। नगर पंचायत चोपन के अध्यक्ष इम्तियाज अहमद ने कहा कि वृद्धों के समुचित उपचार के लिए सभी को आगे आने की जरूरत है।