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मजदूर हितैषी कानून नहीं किए गए लागू
ब्यूरो/ अमर उजाला /सोनभद्र
Updated Fri, 13 May 2016 10:03 PM IST
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उत्तर प्रदेश ताप विद्युत मजदूर संघ की आम सभा गुरुवार की शाम झरिया नाला गेट पर हुई। इसमें प्रांतीय महामंत्री पवन कुमार श्रीवास्तव ने प्रदेश सरकार को मजदूर हितैषी कानूनों को लागू करने में विफल बताया। कर्मचारियों की सुविधा में की जा रही कटौती पर असंतोष जाहिर किया।
कहा कि भारत सरकार के बनाए गए बोनस संशोधन अधिनियम 2015 को लागू करते हुए मजदूरों को वर्ष 2014-15 का बोनस भुगतान नहीं कराया जा रहा। प्रदेश में जहां एक तरफ बिजली के लिए आम जनमानस त्राहि त्राहि कर रहा है वहीं निगम से पर्याप्त विद्युत उत्पादन होने के बावजूद आठ सौ मेगावाट तक की थर्मल बैकिंग कराई जा रही। यह जनता के धन का दुरुपयोग के साथ ही देशद्रोह के समान है, जो प्रदेश की ऊर्जा नीति में खामियों का दुष्परिणाम है। ओबरा परियोजना के विस्तारीकरण से प्रभावित सभी श्रमिकों के पुनर्वास के लिए स्पष्ट और भेदभाव रहित पारदर्शी नीति बनायी जाए।
प्रांतीय उपाध्यक्ष पारसनाथ ने कहा कि सरकारी नीतियां श्रमिक हितों के विरुद्ध होती जा रही हैं। शाखा अध्यक्ष राधामोहन प्रजापति ने कहा कि अधिकारी निरंकुश तरीके से नियमों के विरुद्ध कार्यों में लिप्त रहकर निगम को हानि पहुंचा रहे हैं। उपाध्यक्ष अवधेश सेठ ने कहा कि कालोनी की सुरक्षा में लगी भूतपूर्व सैनिक कल्याण निगम आवासों को किराये चलवा रहा। कमरों के खिड़की, दरवाजे तक गायब हो रहे हैं। गोवर्धन सिंह, गौतम, अनीश, शम्भू, एसबी शुक्ल, दिनेश यादव, मदन गोपाल सिंह, राम आशीष, रमेश, विजय विश्वकर्मा आदि मौजूद रहे।
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कहा कि भारत सरकार के बनाए गए बोनस संशोधन अधिनियम 2015 को लागू करते हुए मजदूरों को वर्ष 2014-15 का बोनस भुगतान नहीं कराया जा रहा। प्रदेश में जहां एक तरफ बिजली के लिए आम जनमानस त्राहि त्राहि कर रहा है वहीं निगम से पर्याप्त विद्युत उत्पादन होने के बावजूद आठ सौ मेगावाट तक की थर्मल बैकिंग कराई जा रही। यह जनता के धन का दुरुपयोग के साथ ही देशद्रोह के समान है, जो प्रदेश की ऊर्जा नीति में खामियों का दुष्परिणाम है। ओबरा परियोजना के विस्तारीकरण से प्रभावित सभी श्रमिकों के पुनर्वास के लिए स्पष्ट और भेदभाव रहित पारदर्शी नीति बनायी जाए।
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प्रांतीय उपाध्यक्ष पारसनाथ ने कहा कि सरकारी नीतियां श्रमिक हितों के विरुद्ध होती जा रही हैं। शाखा अध्यक्ष राधामोहन प्रजापति ने कहा कि अधिकारी निरंकुश तरीके से नियमों के विरुद्ध कार्यों में लिप्त रहकर निगम को हानि पहुंचा रहे हैं। उपाध्यक्ष अवधेश सेठ ने कहा कि कालोनी की सुरक्षा में लगी भूतपूर्व सैनिक कल्याण निगम आवासों को किराये चलवा रहा। कमरों के खिड़की, दरवाजे तक गायब हो रहे हैं। गोवर्धन सिंह, गौतम, अनीश, शम्भू, एसबी शुक्ल, दिनेश यादव, मदन गोपाल सिंह, राम आशीष, रमेश, विजय विश्वकर्मा आदि मौजूद रहे।
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