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दरवाजा खटखटाते पर नहीं निकले डॉक्टर, युवक ने तड़पकर दी जान

Fri, 03 Sep 2021 10:41 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 03 Sep 2021 10:41 PM IST
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Knocking on the door but the doctor did not come out, the young man died in agony
नक्सल प्रभावित और आदिवासी बहुल जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी पर सरकार का पूरा जोर है, मगर डॉक्टरों की लापरवाही मरीजों की जान पर भारी पड़ रही है। संवेदनहीनता का ऐसा ही मामला बृहस्पतिवार की रात बभनी सीएचसी पर आया। मरीज को लेकर परिजन डॉक्टर का दरवाजा खटखटाते रहे, चीखते-चिल्लाते रहे, लेकिन चैन की नींद सो रहे डॉक्टर ने बाहर आने की जरूरत नहीं समझी। कई घंटे छटपटाने के बाद शुक्रवार की भोर में बीमार ने इलाज के बिना दम तोड़ दिया। आक्रोशित लोगों ने सीएचसी के सामने हंगामा मचाया। प्रदर्शन और नारेबाजी करते हुए गुस्से का इजहार किया।
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राजासरई गांव निवासी बबलू (28) पुत्र रामनाथ बृहस्पतिवार की रात अपने कमरे में सो रहा था। रात करीब 12 बजे उसकी तबीयत बिगड़ गई। तेज बुखार, सीने में दर्द की शिकायत पर परिवार के लोगों ने 108 नंबर पर कॉल किया। एंबुलेंस से बबलू को लेकर वह रात करीब डेढ़ बजे बभनी सीएचसी पहुंचे। परिजनों में मुताबिक यहां इमरजेंसी में कोई डॉक्टर नहीं था। वह परिसर स्थित डॉक्टर के आवास पर पहुंचे। दरवाजा खटखटाया, आवाज लगाई, मरीज की पीड़ा देख चीखने लगे, गिड़गिड़ाते हुए डॉक्टर से बाहर आकर इलाज करने की गुहार लगाते रहे, मगर अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। लोगों ने सीएचसी अधीक्षक डॉ. गिरधारी लाल से संपर्क किया तो उन्होंने अवकाश पर होने का हवाला देते हुए डॉक्टर को भेजने की बात कही। भोर में करीब 5:30 बजे जब डॉक्टर पहुंचे तब तक अस्पताल परिसर में बबलू की मौत हो चुकी थी। आरोप है कि जब डॉक्टर से रात में न आने का कारण पूछा गया तो वह परिजनों पर ही रौब गांठने लगे। गुस्साए लोगों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बभनी के गेट पर नारेबाजी व प्रदर्शन किया। इसकी शिकायत सीएमओ से भी की। प्रदर्शन करने वाले दुर्गावती, सोनामती, राम चन्द्र, रामदेव, रामदास, रमेश, लक्ष्मण, राजेश्वर, राम अवतार, रामप्रसाद आदि रहे। इस बाबत सीएमओ डॉ. नेम सिंह का कहना था कि इमरजेंसी में एक डॉक्टर की तैनाती होती है। अस्पताल में बृहस्पतिवार की रात किसकी ड्यूटी थी और वह ड्यूटी पर क्यों नहीं थे, इस बारे में जानकारी लेकर समुचित कार्रवाई की जाएगी।
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बभनी।
बभनी पहुंचे एसीएमओ, डॉक्टर-कर्मचारियों के लिए बयान
सीएचसी पर उपचार के अभाव में बीमार युवक की मौत के मामले का अफसरों ने संज्ञान लिया है। सीएमओ के निर्देश पर शुक्रवार को एसीएमओ डॉ. आरजी यादव ने सीएचसी पहुंचकर जांच की। अस्पताल के दोनों चिकित्सकों, स्वास्थ्य कर्मचारियों और पीड़ित परिवार से पूछताछ की।
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बृहस्पतिवार की रात उपचार के अभाव में मृत युवक की पत्नी दुर्गावती ने आरोप लगाया कि वह रात में पति का इलाज कराने के लिए रोती बिलखती रही, लेकिन उपचार नही हुआ। चिकित्सकों ने दरवाजा तक नहीं खोला। फार्मासिस्ट सुरेंद्र ने एसीएमओ को बताया कि डॉ. दिशा गुप्ता और डॉ. बसंत के आवास के बाहर मरीज के परिजन आवाज लगा रहे थे। एसीएमओ ने दोनों डॉक्टरों से पूछताछ किया तो डॉ. दिशा गुप्ता की ओर से सूचना न मिलने की दलील दी। कहा कि जब वह मरीज तक पहुंची तो उसकी मौत हो चुकी थी। डॉ. बसंत का कहना था कि वह कमरे पर ही थे, लेकिन किसी के सूचना देने और दरवाजे पर दस्तक देने का उन्हें नहीं पता। एसीएमओ डॉ. आरजी यादव ने अस्पताल में हुई की घटना की जांच करने के बाद प्रसव कक्ष का निरीक्षण किया। वहां पानी और बिजली की समस्या को स्टाफ नर्स ने बताया। एसीएमओ ने जल्द ही जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को प्रेषित करने की बात कही।
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