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सड़क मार्ग से कोयला ढुलाई पर रखें नजर
ब्यूरो/ अमर उजाला /सोनभद्र
Updated Fri, 01 Apr 2016 10:31 PM IST
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अनपरा परियोजना के विदेशी अतिथिगृह में एनजीटी से जुड़ी बैठक लेते एसडीएम डा. विश्राम सिंह यादव।
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तापीय परियोजना के आवासीय परिसर स्थित विदेशी अतिथि गृह के कांफ्रेंस हाल में शुक्रवार को एसडीएम दुद्धी डॉ. विश्राम यादव की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें प्रशासनिक अमले और परियोजना प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया और एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) के निर्देशों पर अमल को लेकर चर्चा करने के साथ ही सड़क मार्ग से कोयला ढुलाई तिरपाल ढंककर ही करने, गति नियंत्रित रखने की हिदायत दी गई। इसका अनुपालन हो रहा है कि नहीं, इसका सीसी कैमरे तथा एलईडी से निगरानी बनाए रखने का निर्देश थानाध्यक्षों को दिया गया।
एसडीएम ने कहा कि एनजीटी को भी जो दिशा-निर्देशन है, उसे संबंधित शत-प्रतिशत लागू करें। इसमें किसी भी तरह की ढील बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस दौरान सड़क की पटरियों के पक्कीकरण, रिहंद जलाशय में औद्योगिक अवशिष्टों का उत्सर्जन न होने देने, सड़क मार्ग से कोयला ढुलाई के चलते होने वाले प्रदूषण पर रोकथाम को लेकर जरूरी उपाय अमल पर लाने को लेकर विचार-विमर्श किया गया। एनटीपीसी सिंगरौली, एनसीएल दुद्धीचुआ, एनटीपीसी रिहंद, एनसीएल खड़िया तथा कृष्ण शिला के प्रतिनिधियों का दावा था कि मौजूदा समय में उनके यहां से किसी भी प्रकार का प्रदूषित जल रिहंद जलाशय में नहीं जा रहा है।
डिबुलगंज से शक्तिनगर के मध्य पटरीविहिन सड़क को लेकर चिंता जताई गई। एसडीएम ने लैंको, हिंडाल्को प्रतिनिधियों को चेतावनी दी कि सड़क मार्ग से कोयला ढोना है तो जल्द पटरी दुरुस्त कराएं। सीजीएम अनपरा इं. त्रिभुवन तिवारी, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी कालिका सिंह, सीओ पिपरी शीतांशु यादव, डा. गणेश प्रसाद डिप्टी सीएमओ, सहायक वैज्ञानिक अधिकारी प्रदीप कुमार विश्वकर्मा आदि मौजूद रहे।
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एसडीएम ने कहा कि एनजीटी को भी जो दिशा-निर्देशन है, उसे संबंधित शत-प्रतिशत लागू करें। इसमें किसी भी तरह की ढील बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस दौरान सड़क की पटरियों के पक्कीकरण, रिहंद जलाशय में औद्योगिक अवशिष्टों का उत्सर्जन न होने देने, सड़क मार्ग से कोयला ढुलाई के चलते होने वाले प्रदूषण पर रोकथाम को लेकर जरूरी उपाय अमल पर लाने को लेकर विचार-विमर्श किया गया। एनटीपीसी सिंगरौली, एनसीएल दुद्धीचुआ, एनटीपीसी रिहंद, एनसीएल खड़िया तथा कृष्ण शिला के प्रतिनिधियों का दावा था कि मौजूदा समय में उनके यहां से किसी भी प्रकार का प्रदूषित जल रिहंद जलाशय में नहीं जा रहा है।
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डिबुलगंज से शक्तिनगर के मध्य पटरीविहिन सड़क को लेकर चिंता जताई गई। एसडीएम ने लैंको, हिंडाल्को प्रतिनिधियों को चेतावनी दी कि सड़क मार्ग से कोयला ढोना है तो जल्द पटरी दुरुस्त कराएं। सीजीएम अनपरा इं. त्रिभुवन तिवारी, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी कालिका सिंह, सीओ पिपरी शीतांशु यादव, डा. गणेश प्रसाद डिप्टी सीएमओ, सहायक वैज्ञानिक अधिकारी प्रदीप कुमार विश्वकर्मा आदि मौजूद रहे।
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