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Sonebhadra News: का साहिब, हमहिन के गांव में कब्बो रथ से बरात ना आई...

Fri, 28 Feb 2025 11:05 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 28 Feb 2025 11:05 PM IST
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Ka Sahib, the marriage procession did not come in the Kabbo chariot to Hamhin's village...
शाहगंज। आदिवासी गांव तिलहर को पक्की सड़क से जोड़ने की उम्मीदों को फिर झटका लगा है। सड़क की जद में आने वाली गांव की वन भूमि के बदले राजस्व विभाग ने करीब चार हेक्टेयर भूमि अन्यत्र चिह्नित कर वन विभाग को देने का प्रस्ताव तैयार किया है, मगर अब वन विभाग उसे लेने के लिए सहमत नहीं है। पीडब्ल्यूडी को ओर से इस गांव में सड़क बनाने की प्रक्रिया फिर ठंडे बस्ते में जाती दिख रही है। इससे ग्रामीणों में असंतोष है। ग्रामीणों का कहना है कि - का साहिब, हमहिन के गांव में कब्बो रथ से बरात ना आई...।
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तिलहर घोरावल ब्लाॅक के दुगौलिया ग्राम पंचायत का राजस्व गांव है। अस्सी के दशक में सिलहटा बांध निर्माण के दौरान आदिवासी समुदाय के कई परिवारों को विस्थापित कर यहां बसाया गया था। गांव की आबादी करीब 1500 है। आदिवासी बहुल यह गांव अभी तक पक्की सड़क से अपने ही ग्राम पंचायत के दुगौलिया गांव से नहीं जुड़ पाया है। वन विभाग की करीब तीन किमी लंबी पहाड़ी सड़क बनाने में हमेशा से बाधा बनी रही है। सड़क के अभाव में गांव तक न एंबुलेंस पहुंच पाती है और न कार या अन्य छोटे वाहन। गंभीर रूप से बीमार मरीजों को ग्रामीण चारपाई पर लिटाकर कई किमी दूर पैदल सफर तय करते हुए दुगौलिया आते हैं, फिर यहां से उन्हें एंबुलेंस मिलती है। गांव की दुल्हनें भी पैदल या फिर ट्रैक्टर पर बैठकर ही ससुराल पहुंचती हैं। वोट देने के लिए भी ग्रामीणों को तीन किमी पैदल चलना पड़ता है। आदिवासियों की इस मूलभूत समस्या को अमर उजाला लगातार उठाता रहा है। पिछले वर्ष काश, इस गांव में भी आ जाए कोई दशरथ मांझी... शीर्षक के साथ प्रकाशित खबर को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने यहां सड़क बनवाने की पहल की थी। पीडब्ल्यूडी ने ग्रामीण बुनियादी विकास निधि (आरआईडीएफ) योजना के तहत सड़क बनाने का प्रस्ताव तैयार किया था। सड़क की जद में आ रही वन भूमि के बदले प्रशासन ने दुगौलिया गांव में ही चार हेक्टेयर गैर वन भूमि के हस्तांतरण का प्रस्ताव तैयार किया। संयुक्त टीम की ओर से कई चरणों में विभिन्न मानकों पर सर्वे के आधार पर 4.125 हेक्टेयर ग्राम समाज की भूमि के हस्तांतरण की प्रक्रिया शुरू की, लेकिन अब वन विभाग ने यह भूमि लेने से इन्कार कर दिया है। इससे ग्रामीणों की उम्मीदों को झटका लगा है। तिलहर निवासी प्रधान प्रतिनिधि रामवृक्ष बैगा ने कहा कि अब फिर से मायूसी ही मिली है।
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वर्जन...
तिलहर गांव में आरआईडीएफ योजना के तहत सड़क बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है, लेकिन समस्या जमीन की है। जिस भूमि पर सड़क बननी है, वह वन विभाग की है। प्रशासन की ओर से इसके बदले वन विभाग को दूसरी जमीन देने का आग्रह किया गया था। गांव में ही दूसरी जमीन चिह्नित कर सर्वे भी कर लिया गया है, लेकिन वन विभाग अपनी जमीन देने पर सहमत नहीं है। प्रकरण को उच्चाधिकारियों के समक्ष रखा गया है। -शैलेश सिंह ठाकुर, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी, प्रांतीय खंड।
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वन विभाग की ओर से असहमति की बात संज्ञान में आई है। इसके लिए दोनों विभागों के अधिकारियों को बुलाया गया है। जल्द ही इस समस्या का समुचित समाधान निकाला जाएगा। -बद्रीनाथ सिंह, डीएम।
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