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झमाझम बारिश, गर्मी से राहत
sonbhadra
Updated Sun, 03 Jul 2016 12:03 AM IST
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बारिश से मधुपुर में एक विद्यालय के समीप लगा पानी।
- फोटो : sonbhadra
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जिले में कई दिनों की कड़ी और चिलचिलाती धूप के बाद एक बार फिर बादल उमड़-घुमड़ कर बरसे। इससे लोगों को उमस से काफी हद तक राहत महसूस हुई है। उमस भरी गर्मी और उसमें बिजली कटौती से लोग बिलबिला गए थे। अब बारिश के बाद लोगों को उमस से काफी हद तक निजात मिली है। हालांकि किसानों का कहना है कि खेती के लिए यह बारिश अभी कम है। कम बारिश से कृषि पिछड़ रही है।
चिलचिलाती धूप, उमस भरी गर्मी और पसीने से बेहाल लोगों को शनिवार को काफी राहत मिली। रात-दिन उमस से बेचैन लोग बिजली की कटौती से और भी परेशान होते थे।
लेकिन शनिवार की सुबह से ही मौसम काफी खुशनुमा रहा। लोगों को अंदाजा था कि बारिश भी हो सकती है। हुआ भी ऐसा। जिला मुख्यालय समेत कई इलाकों में जोरदार बारिश हुई। झमाझम बारिश का बच्चों ने जमकर लुत्फ लिया। तमाम बच्चे बारिश के पानी में भीगते नजर आए। बच्चों की नहाने के दौरान खुशी देखने लायक थी। दोपहर में हुई बारिश के बाद भी आसमान में बादल छाए रहे। कड़ी धूप से भी लोगों को निजात मिली। इससे लोग खुश नजर आए। हालांकि इस बारिश से धान की आगामी खेती को लेकर किसानों में खास उत्सुकता नहीं रही।
तमाम किसान कम बारिश को लेकर चिंतित रहे। किसान शिवप्रकाश सिंह, रामसकल चौबे, मिठाई लाल, कृष्णा दूबे का कहना था कि कम बारिश होने के नाते अभी धान की नर्सरी भी नहीं डाली जा सकती है। जब तक खेत काफी हद तक नम नहीं हो जाते, नर्सरी डालना घाटे का सौदा होगा। अभी जितनी बारिश हुई है उतनी ही बारिश और हो तब जाकर धान की नर्सरी डाली जा सकेगी।
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चिलचिलाती धूप, उमस भरी गर्मी और पसीने से बेहाल लोगों को शनिवार को काफी राहत मिली। रात-दिन उमस से बेचैन लोग बिजली की कटौती से और भी परेशान होते थे।
लेकिन शनिवार की सुबह से ही मौसम काफी खुशनुमा रहा। लोगों को अंदाजा था कि बारिश भी हो सकती है। हुआ भी ऐसा। जिला मुख्यालय समेत कई इलाकों में जोरदार बारिश हुई। झमाझम बारिश का बच्चों ने जमकर लुत्फ लिया। तमाम बच्चे बारिश के पानी में भीगते नजर आए। बच्चों की नहाने के दौरान खुशी देखने लायक थी। दोपहर में हुई बारिश के बाद भी आसमान में बादल छाए रहे। कड़ी धूप से भी लोगों को निजात मिली। इससे लोग खुश नजर आए। हालांकि इस बारिश से धान की आगामी खेती को लेकर किसानों में खास उत्सुकता नहीं रही।
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तमाम किसान कम बारिश को लेकर चिंतित रहे। किसान शिवप्रकाश सिंह, रामसकल चौबे, मिठाई लाल, कृष्णा दूबे का कहना था कि कम बारिश होने के नाते अभी धान की नर्सरी भी नहीं डाली जा सकती है। जब तक खेत काफी हद तक नम नहीं हो जाते, नर्सरी डालना घाटे का सौदा होगा। अभी जितनी बारिश हुई है उतनी ही बारिश और हो तब जाकर धान की नर्सरी डाली जा सकेगी।
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