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झमाझम बारिश होने से किसानों के चेहरे खिले
अमर उजाला ब्यूरो, सोनभद्र
Updated Thu, 29 Oct 2015 11:17 PM IST
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बुधवार से मौसम के करवट लेने के बाद गुरुवार को सुबह जमकर बारिश हुई। इससे किसानों के मुरझाए चेहरे खिल गए हैं। धान की सूख रही फसल को इस बारिश से फायदा भी मिलने की उम्मीद है।
इस बार धान की सिंचाई के लिए पानी का संकट किसानों के लिए परेशानी का सबब बन गया था। जिन इलाकों में बारिश पर ही कृषि संभव है, वहां के लोगों के माथे पर चिंता की लकीर खिंच गई थी। धान की फसलें तमाम जगहों पर 80 प्रतिशत तक सिंचाई के अभाव में प्रभावित हो गई। किसानों के समक्ष आने वाली खेती के लिए भी संकट खड़ा गया था लेकिन अब बुधवार से शुरू हुई बारिश ने किसानों को उम्मीद के पंख लगा दिए हैं।
बुधवार की दोपहर से ही मौसम ने करवट ले लिया था। दोपहर होते-होते कई जगहों पर बारिश भी हुई और फिर शाम व रात में भी जिले के तमाम इलाकों में बारिश की बूंदे गिरीं। इस बार बारिश न होने से पानी के संकट को लेकर चिंतित लोगों को भी काफी राहत मिली है। बारिश से ठंडक ने भी दस्तक दे दी है। जिला कृषि अधिकारी राजीव कुमार ने बताया कि बारिश रबी की खेती के लिए काफी लाभदायक है।चोपन प्रतिनिधि के मुताबिक- चोपन ब्लाक क्षेत्र के परासपानी, मालोघाट, पनारी, कोटा, गुरमूरा क्षेत्रों में गुरुवार की सुबह आए आंधी-तूफान और ओलावृष्टि से भारी नुकसान हुआ है। एक तरफ जहां बारिश होने से किसान खुश रहे, वहीं दूसरी ओर भयंकर ओलावृष्टि से धान की फसल को लेकर किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच गई। केकराही और करमा प्रतिनिधि के मुताबिक बारिश से किसानों की टमाटर और मिर्च की फसल को लाभ हुआ है।
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इस बार धान की सिंचाई के लिए पानी का संकट किसानों के लिए परेशानी का सबब बन गया था। जिन इलाकों में बारिश पर ही कृषि संभव है, वहां के लोगों के माथे पर चिंता की लकीर खिंच गई थी। धान की फसलें तमाम जगहों पर 80 प्रतिशत तक सिंचाई के अभाव में प्रभावित हो गई। किसानों के समक्ष आने वाली खेती के लिए भी संकट खड़ा गया था लेकिन अब बुधवार से शुरू हुई बारिश ने किसानों को उम्मीद के पंख लगा दिए हैं।
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बुधवार की दोपहर से ही मौसम ने करवट ले लिया था। दोपहर होते-होते कई जगहों पर बारिश भी हुई और फिर शाम व रात में भी जिले के तमाम इलाकों में बारिश की बूंदे गिरीं। इस बार बारिश न होने से पानी के संकट को लेकर चिंतित लोगों को भी काफी राहत मिली है। बारिश से ठंडक ने भी दस्तक दे दी है। जिला कृषि अधिकारी राजीव कुमार ने बताया कि बारिश रबी की खेती के लिए काफी लाभदायक है।चोपन प्रतिनिधि के मुताबिक- चोपन ब्लाक क्षेत्र के परासपानी, मालोघाट, पनारी, कोटा, गुरमूरा क्षेत्रों में गुरुवार की सुबह आए आंधी-तूफान और ओलावृष्टि से भारी नुकसान हुआ है। एक तरफ जहां बारिश होने से किसान खुश रहे, वहीं दूसरी ओर भयंकर ओलावृष्टि से धान की फसल को लेकर किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच गई। केकराही और करमा प्रतिनिधि के मुताबिक बारिश से किसानों की टमाटर और मिर्च की फसल को लाभ हुआ है।
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