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आखिर कब दूर होगी पेयजल समस्या
ब्यूरो/ अमर उजाला /सोनभद्र
Updated Tue, 03 May 2016 10:44 PM IST
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इन दिनों पड़ रही भीषण गर्मी से जिले भर में पानी की किल्लत हो गई है। स्थिति यह है कि लोगों को पानी के जगह-जगह भटकना पड़ रहा है। प्रशासन की ओर से जो प्रयास किए जा रहे हैं, वह नाकाफी साबित हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि आखिर कब दूर होगी पानी की समस्या। जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में लोगों तरह-तरह की मांग की है।
रामगढ़ में सूखे से निजात दिलाने की मांग को लेकर मंगलवार को नगवां ब्लाक में हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। विकास संगठन के पदाधिकारियों ने नगवां ब्लॉक के मांची, नगवां, दरेंव, बाराडाड़, बांकी, कजियारी एवं पनिकप खुर्द में 196 लोगों का हस्ताक्षर युक्त मांग पत्र डीएम को सौंपा। इसमें सूखा से हुए फसल नुकसान का सभी छोटे-बड़े किसानों को मुआवजा दिलाए जानेे, परंपरागत जल श्रोत जैसे कुआं, तालाब, बाबली को चिह्नित कर उसके रख-रखाव की स्थायी योजना बनाने, प्रति पंचायत में पांच नए हैंडपंप लगवाने, खराब हैंडपंपों की मरम्मत एवं री-बोर कराने की मांग शामिल है।
इसके अलावा सूखे के दौरान आजीविका जारी रखने के लिए मनरेगा का कार्य लगातार जारी रहने और प्रतिदिन 250 रुपये मजदूरी दिलाने, उचित दर की दूकानों का 30 दिन खुलना सुनिश्चित किए जाने, आंगनबाड़ी केंद्रों में भी पोषण आहार की मात्रा को दुगुना किए जाने तथा सभी गांवों में टैंकर से पानी का प्रबंध कराए जाने की मांग की है। संयोजक रामजतन खरवार, जय प्रकाश, संगीता, हाकिम लाल, रविंदर, ओहिदे आलम मौजूद रहे।
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रामगढ़ में सूखे से निजात दिलाने की मांग को लेकर मंगलवार को नगवां ब्लाक में हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। विकास संगठन के पदाधिकारियों ने नगवां ब्लॉक के मांची, नगवां, दरेंव, बाराडाड़, बांकी, कजियारी एवं पनिकप खुर्द में 196 लोगों का हस्ताक्षर युक्त मांग पत्र डीएम को सौंपा। इसमें सूखा से हुए फसल नुकसान का सभी छोटे-बड़े किसानों को मुआवजा दिलाए जानेे, परंपरागत जल श्रोत जैसे कुआं, तालाब, बाबली को चिह्नित कर उसके रख-रखाव की स्थायी योजना बनाने, प्रति पंचायत में पांच नए हैंडपंप लगवाने, खराब हैंडपंपों की मरम्मत एवं री-बोर कराने की मांग शामिल है।
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इसके अलावा सूखे के दौरान आजीविका जारी रखने के लिए मनरेगा का कार्य लगातार जारी रहने और प्रतिदिन 250 रुपये मजदूरी दिलाने, उचित दर की दूकानों का 30 दिन खुलना सुनिश्चित किए जाने, आंगनबाड़ी केंद्रों में भी पोषण आहार की मात्रा को दुगुना किए जाने तथा सभी गांवों में टैंकर से पानी का प्रबंध कराए जाने की मांग की है। संयोजक रामजतन खरवार, जय प्रकाश, संगीता, हाकिम लाल, रविंदर, ओहिदे आलम मौजूद रहे।
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