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सर्पदंश से 20 दिनों में दस लोगों की मौत, अस्पतालों में एंटी वेनम नहीं

Sun, 20 Jun 2021 11:06 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 20 Jun 2021 11:06 PM IST
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Incidents of snakebite increased, no anti snake venom in hospitals
वनों और पहाड़ों से घिरे जिले में सर्पदंश की घटनाएं बढ़ी हैं। प्रति वर्ष 30 से 35 लोगों की जान सर्पदंश से जाती है। इसके बाद भी सुदूर प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध नहीं है। सर्पदंश से पीड़ित अधिकतर आम लोगों की मौत झाड़-फूंक के चक्कर में होती है।
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जिले में बारिश के मौसम में सर्पदंश की घटनाएं बढ़ गई हैं। बीते 20 दिन में दस लोगों की मौत सर्पदंश से हो चुकी है। आपदा विभाग के अनुसार बीते वित्तीय वर्ष में सर्पदंश से जिले में 29 लोगों की मौत हुई थी। यह आंकड़ा तो वह है जो प्रशासन के पास होता है। जो पोस्टमार्टम नहीं कराया जाता है उनका आंकड़ा भी विभाग के पास नहीं होता।
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बीते वर्ष रायपुर थाना क्षेत्र के सेमरिया गांव निवासी रामसकल अपने घर के पास ही काम कर रहे थे। उसी समय सांप ने उन्हें डस लिया। झाड़-फूंक से ठीक नहीं हुए तो परिजन अस्पताल ले गए जहां उनको मृत घोषित किया गया था। नगवां ब्लाक के ही बिजवार की रहने वाली जड़ावती को भी सांप ने डस लिया था। झाड़फूंक के चक्कर में उसकी भी मौत हो गई। सर्पों के जानकार बताते हैं कि जिले में पांच विषैले प्रजाति के सांप पाए जाते हैं। सर्वाधिक संख्या पीली धारी वाले करैत की है। इसके बाद ब्लैक कोबरा और रसेल वाइपर भी पाए जाते हैं। सेवानिवृत्त चिकित्सक डॉ. पीबी गौतम ने बताया कि सर्पदंश से पीड़ित का हौसला बढ़ाना चाहिए। क्योंकि सर्पदंश के बाद रक्तचाप तेज हो जाता है और विष तेजी से खून के रास्ते बढ़ता है। यदि पैर में सर्प डस ले तो उस स्थान को घुटने के नीचे बांध दें। तत्काल एंटी स्नेक वेनम लगवाएं।
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स्टोर समेत कई अस्पतालों में इंजेक्शन नहीं
जिले के स्टोर सहित कई अस्पतालों में एंटी स्नेक वेनम नहीं है। विंढमगंज पीएचसी के फार्मासिस्ट रंजीत ने बताया कि एंटी स्नेक वेनम कभी नहीं आया। यहां के लोग 20 किमी दूर दुद्धी सीएचसी जाते हैं। इसी तरह कोन सीएचसी में इंजेक्शन नहीं होने से लोगों को चोपन जाना पड़ता है। न्यू पीएचसी करमा में भी इंजेक्शन नहीं है। छत्तीसगढ़ की सीमा से सटे सांगोबांध पीएचसी के चिकित्सक डॉ. शिशिर श्रीवास्तव बताते हैं कि उनके यहां भी इंजेक्शन नहीं है। मधुपुर सीएचसी में एंटी स्नेक वेनम न होने के कारण वहां के अधीक्षक डॉ. एपी सिंह ने सीएमओ को पत्र लिखा है। गुरमुरा पीएचसी में भी इंजेक्शन नहीं है।
इन स्थानों पर है एंटी वेनम
जिले के कुछ ही स्थानों पर एंटी स्नेक वेनम मौजूद है। जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुद्धी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र म्योरपुर, सीएचसी केकराही और वैनी में एंटी वेनम इंजेक्शन उपलब्ध है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चोपन में पांच वॉयल इंजेक्शन बचा है।

डिप्टी सीएमओ डा. संजय सिंह ने कहा कि सर्पदंश की घटना होने पर तत्काल नजदीकी राजकीय अस्पतालों मे जाकर एंटी स्नेक वेनम लगवाएं। झाड़-फूंक के चक्कर में न पड़ें। जिला अस्पताल के अलावा सभी सीएचसी पर एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध हैं।-
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