{"_id":"6012b7e78ebc3e3406244807","slug":"illegal-recovery-in-the-name-of-getting-digital-ration-card-investigation-started-sonbhadra-news-vns5714308187","type":"story","status":"publish","title_hn":"डिजिटल राशन कार्ड दिलाने के नाम पर अवैध वसूली, जांच शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डिजिटल राशन कार्ड दिलाने के नाम पर अवैध वसूली, जांच शुरू
विज्ञापन
सोनभद्र। जिले में डिजिटल राशन कार्ड बनवाने का झांसा देकर लोगों से वसूली करने का मामला प्रकाश में आते ही आपूर्ति विभाग महकमे में हड़कंप मच गया है। जिलापूर्ति अधिकारी डॉ. राकेश तिवारी ने सभी आपूर्ति निरीक्षक को राशन कार्ड बनवाने के नाम पर वसूली करने वालों की पहचान करते हुए उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने का निर्देश दिए हैं।
जिले में धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के सदस्य गांवों में भ्रमण कर खुद को एक संस्था का सदस्य बताते हुए लोगों को अपने झांसे में लेकर उनसे डिजिटल राशन कार्ड बनवाने के एवज में 40 रुपये लेकर रसीद थमा रहे हैं। कुछ दिन पूर्व सदर ब्लॉक के तीनताली गांव की एक महिला ने आपूर्ति विभाग के कर्मचारी को डिजिटल राशन कार्ड के नाम पर 40 रुपये देने की बात बताई और रसीद भी दिखाया तो महकमे में हड़कंप मच गया। महिला ने बताया कि कई लोगों से डिजिटल राशन कार्ड बनवाने के नाम पर वसूली की गई है। जबकि आपूर्ति विभाग का दावा है कि राशन कार्ड बनवाने के लिए किसी तरह का शुल्क नहीं लगता। रसीद काटने के लिए किसी को नामित नहीं किया गया है। डीएसओ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विभागीय निरीक्षकों को अपने-अपने क्षेत्रों में राशन कार्ड के नाम पर वसूली करने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ केस दर्ज कराने के लिए निर्देशित कर दिया है। कोटेदारों को भी ठगी करने वालों पर नजर रखने को कहा गया है।
तीनताली गांव की एक महिला से डिजिटल कार्ड बनवाने के एवज में 40 रुपये लेने का मामला संज्ञान में आया है। राशन कार्ड के नाम पर वसूली करने वालों की पहचान कराया जा रहा है। कार्डधारकों से अपील है कि अगर कोई राशन कार्ड के नाम पर रुपये मांगता है तो न दें। उनके बारे में तत्काल अपने क्षेत्र के कोटेदार,क्षेत्रीय आपूर्ति निरीक्षकों या उन्हें सूचित करें। - डॉ. राकेश तिवारी, जिलापूर्ति अधिकारी, सोनभद्र।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिले में धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के सदस्य गांवों में भ्रमण कर खुद को एक संस्था का सदस्य बताते हुए लोगों को अपने झांसे में लेकर उनसे डिजिटल राशन कार्ड बनवाने के एवज में 40 रुपये लेकर रसीद थमा रहे हैं। कुछ दिन पूर्व सदर ब्लॉक के तीनताली गांव की एक महिला ने आपूर्ति विभाग के कर्मचारी को डिजिटल राशन कार्ड के नाम पर 40 रुपये देने की बात बताई और रसीद भी दिखाया तो महकमे में हड़कंप मच गया। महिला ने बताया कि कई लोगों से डिजिटल राशन कार्ड बनवाने के नाम पर वसूली की गई है। जबकि आपूर्ति विभाग का दावा है कि राशन कार्ड बनवाने के लिए किसी तरह का शुल्क नहीं लगता। रसीद काटने के लिए किसी को नामित नहीं किया गया है। डीएसओ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विभागीय निरीक्षकों को अपने-अपने क्षेत्रों में राशन कार्ड के नाम पर वसूली करने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ केस दर्ज कराने के लिए निर्देशित कर दिया है। कोटेदारों को भी ठगी करने वालों पर नजर रखने को कहा गया है।
विज्ञापन
तीनताली गांव की एक महिला से डिजिटल कार्ड बनवाने के एवज में 40 रुपये लेने का मामला संज्ञान में आया है। राशन कार्ड के नाम पर वसूली करने वालों की पहचान कराया जा रहा है। कार्डधारकों से अपील है कि अगर कोई राशन कार्ड के नाम पर रुपये मांगता है तो न दें। उनके बारे में तत्काल अपने क्षेत्र के कोटेदार,क्षेत्रीय आपूर्ति निरीक्षकों या उन्हें सूचित करें। - डॉ. राकेश तिवारी, जिलापूर्ति अधिकारी, सोनभद्र।
विज्ञापन