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लापरवाह 40 सहज जन सेवा संचालकों की आईडी निरस्त, 700 को नोटिस

Mon, 08 Aug 2022 11:54 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 08 Aug 2022 11:54 PM IST
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IDs of 40 careless public service operators canceled, notice to 700
जिले में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान के तहत चयनित लाभार्थियों को गोल्डेन कार्ड बनाने के लिए 800 वीएलई नामित हैं। मगर अधिकांश सहज जन सेवा केंद्र संचालक (वीएलई) कार्ड बनाने में रुचि नहीं ले रहे हैं। इसका खामियाजा योजनाओं के तहत चयनित गरीबों को भुगतना पड़ रहा है। कार्ड न होने के कारण मजबूरी में उन्हें रुपये देकर उपचार करना पड़ा रहा है। डीएम चंद्र विजय सिंह ने ऐसे लापरवाह 40 वीएलई की आईडी निरस्त कर दी है। वहीं योजना के नोडल डॉ. एपी सिंह ने सात सौ से अधिक वीएलई को नोटिस भेजा है।
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केंद्र व राज्य सरकार की ओर से आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना और सीएम जन आरोग्य अभियान चलाया जा रहा है लेकिन इसका लाभ सभी जरूरतमंदों को नहीं मिल पा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की मानें तो जिले में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान के तहत 244183 परिवारों के 1074218 सदस्यों का गोल्डेन कार्ड बनना है। मगर अभी तक सिर्फ 91519 परिवारों के 228141 लोगों का ही आयुष्मान कार्ड बन सका है। आयुष्मान कार्ड धीमी गति से बनाए जाने के कारण पीएम और सीएम की मंशा पर पानी फिर रहा है। जरूरतमंदों को कार्ड न बनने से उपचार कराने में परेशानी उठानी पड़ रही है। जबकि जिला प्रशासन की ओर से राबर्ट्सगंज, ओबरा, घोरावल और दुद्धी तहसील क्षेत्र में करीब 800 सहज जन सेवा केंद्र संचालकों को आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए आईडी मुहैया कराई गई है। अधिकांश वीएलई कार्ड बनाने में रुचि नहीं ले रहे हैं। हालांकि कार्ड न बनाने वाले वीएलई को चिह्नित कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। योजना के नोडल के रिपोर्ट पर डीएम चंद्र विजय सिंह ने 40 वीएलई की अस्थायी तौर पर आईडी निरस्त कर दी है। उधर योजना के नोडल ने करीब सात सौ वीएलई को चेतावनी नोटिस जारी की है। इसके बावजूद रुचि न लेने वालों के खिलाफ योजना के प्रभारी की ओर से डीएम और सीडीओ को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
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नहीं मिल रहा दाम, कैसे करें काम
जिले में आयुष्मान कार्ड धीमी गति से बनने की कई वजह है। कोविड काल में स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना वैक्सीनेशन में ज्यादा ध्यान दिया। इससे आयुष्मान कार्ड बनाने का काम प्रभावित हुआ। कुछ क्षेत्र में नेटवर्क न होने के कारण सेटअप काम नहीं करता है, ऐसे में लाभार्थियों को नेटवर्क क्षेत्र में ले जाने का काम कठिन होता है। शासन स्तर से नामित कंपनी द्वारा समय से वीएलई का भुगतान नहीं किया जा रहा है जिसके कारण वीएलई कार्ड बनाने में रुचि नहीं ले रहे हैं। वीएलई को लाभार्थियों का मुफ्त में कार्ड बनाना है। नामित कंपनी एक कार्ड बनाने पर वीएलई को 11 रुपये देती है। मगर वर्तमान में कंपनी सहज जन सेवा केंद्र संचालकों का लाखों रुपये भुगतान रोक रखा है।
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जमीनी स्तर पर विभागीय सहयोग न होने के कारण लक्ष्य के सापेक्ष आयुष्मान कार्ड नहीं बन पा रहा है। कार्यालय में संसाधन की भी कमी है। डीएम ने करीब 40 वीएलई की आईडी निरस्त कर दी है। सात सौ वीएलई को चेतावनी नोटिस भेजा गया है। वीएलई के बकाया भुगतान के लिए भी संबंधित कंपनी से पत्राचार किया जाएगा। - डॉ. एपी सिंह, नोडल, आयुष्मान भारत पीएम जन आरोग्य योजना/सीएम आरोग्य अभियान
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