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Sonebhadra News: 14 साल पहले विवाहिता की मौत के मामले में पति को सात वर्ष की कैद
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14 वर्ष पूर्व दहेज प्रताड़ना के चलते हुई विवाहिता की मौत के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट अर्चना रानी की कोर्ट ने दोषी पति को सात वर्ष कैद की सजा सुनाई है। उस पर तीन हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
अर्थदंड न देने पर एक माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अभियोजन पक्ष के मुताबिक रॉबर्ट्सगंज के देवरी गांव निवासी अमरेश सिंह ने घोरावल थाने में 15 नवंबर 2010 को थाने में तहरीर दी थी।
अवगत कराया था कि उसने अपनी बहन सरिता की शादी करीब छह वर्ष पहले बेलखुरी निवासी मुकुंदुलाल उर्फ बबुंदर के साथ किया था। दहेज की मांग को लेकर उसकी बहन को मुकुंदलाल मारपीट कर प्रताड़ित करता था।
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कई बार रिश्तेदारों के सामने पंचायत भी हुई, बावजूद उत्पीड़न बंद नहीं हुआ। पांच नवंबर 2010 को दीपावली के दिन सूचना पर अन्य लोगों के साथ अस्पताल पहुंचा तो बहन सरिता मृत हाल में पड़ी थी। उसने बहन की हत्या का आरोप लगाया।
तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज कर विवेचना की और कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, नौ गवाहों के बयान और पत्रावली का अवलोकन करने पर पति मुकुंदलाल को दोषी करार दिया।
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अर्थदंड न देने पर एक माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अभियोजन पक्ष के मुताबिक रॉबर्ट्सगंज के देवरी गांव निवासी अमरेश सिंह ने घोरावल थाने में 15 नवंबर 2010 को थाने में तहरीर दी थी।
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अवगत कराया था कि उसने अपनी बहन सरिता की शादी करीब छह वर्ष पहले बेलखुरी निवासी मुकुंदुलाल उर्फ बबुंदर के साथ किया था। दहेज की मांग को लेकर उसकी बहन को मुकुंदलाल मारपीट कर प्रताड़ित करता था।
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कई बार रिश्तेदारों के सामने पंचायत भी हुई, बावजूद उत्पीड़न बंद नहीं हुआ। पांच नवंबर 2010 को दीपावली के दिन सूचना पर अन्य लोगों के साथ अस्पताल पहुंचा तो बहन सरिता मृत हाल में पड़ी थी। उसने बहन की हत्या का आरोप लगाया।
तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज कर विवेचना की और कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, नौ गवाहों के बयान और पत्रावली का अवलोकन करने पर पति मुकुंदलाल को दोषी करार दिया।