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Sonebhadra News: एक घंटे तक तेज बरसात में धुली नवरात्र मेले की रौनक
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रॉबर्ट्सगंज के मेन बाजार मार्ग पर बारिश के बाद पंडाल में बाहर लगा पानी। -संवाद
सोनभद्र। नवरात्र के अंतिम दिन देर शाम हुई तेज बरसात में दुर्गा पूजा मेले की रौनक धुल गई। करीब एक घंटे तक हुई बारिश से सड़कों पर पानी भर गया। कपड़े से बने पूजा पंडाल भींग गए। नगर में कई जगह नीचे बने पंडालों में भी पानी आने से आयोजकों की फजीहत हुई। मेले में चाट, पकौड़ी, खिलौने की दुकान सजाए पटरी दुकानदार सामान सहेजने और उसे सुरक्षित करने में परेशान दिखे। बारिश के बीच कई इलाकों में बिजली भी गुल हो गई।
शारदीय नवरात्र का बुधवार को अंतिम दिन था। सुबह से ही हवन-पूजन में जुटे श्रद्धालु शाम को पूजा पंडालों में पहुंचकर मां दुर्गा के दर्शन की आस संजोए थे। नगर में पूरी भव्यता के साथ सजे पूजा पंडाल सबकी आकर्षण का केंद्र हैं। लोग दूरदराज से इसे देखने पहुंच रहे हैं। शाम करीब साढ़े चार बजे के बाद अचानक मौसम बदला और फिर तेज बरसात शुरू हो गई। चमक-गरज के साथ हो रही बारिश एक घंटे तक जारी रही।
बरसात से रॉबर्ट्सगंज नगर के मुख्य मार्ग पर जलभराव हो गया। मंडी गेट के पास सर्विस लेन पर पानी लगने से राहगीरों को आवागमन में दुश्वारी झेलनी पड़ी। दर्शन-पूजन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के कदम भी ठिठक गए। मेन बाजार रोड, उत्तर मोहाल, चंडी तिराहा सहित नगर के कई इलाकों में सजे पंडालों में भी बारिश का पानी घुस गया। यहां आयोजकों को व्यवस्था बनाने में काफी दुश्वारी हुई।
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अमूमन नवमी पर पूजा पंडालों को जाने वाले मार्गों पर पैर रखने की जगह नहीं होती, मगर इस बार बारिश ने श्रद्धालुओं को मायूस किया। सबसे ज्यादा चिंतित पटरी दुकानदार दिखे, जिनकी मेले में अच्छी आमदनी की उम्मीदों पर बरसात ने पानी फेर दिया।
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बारिश के बीच बत्ती गुल, छाया अंधेरा
बारिश के दौरान बिजली व्यवस्था भी ध्वस्त हो गई। छपका उपकेंद्र से जुड़े कई इलाकों में लोकल फाल्ट के चलते बिजली बंद रही। तेज चमक-गरज के कारण आउटगोइंग फीडर को ऐहतियात के तौर पर बंद कर दिया गया था। फ्लाईओवर के सर्विस लेन पर जलभराव के बीच बिजली गुल होने से राहगीरों को परेशानी से जूझना पड़ा। उरमौरा, छपका, पुसौली सहित अन्य क्षेत्रों में भी उपभोक्ता फाल्ट के कारण अंधेरे में रहे।
दशहरे पर बारिश में भीगता था पुतला, इस बार नवमी पर बरसात
सोनभद्र। पिछले वर्ष दशहरा पर दिन में बारिश हुई। इससे रावण का पुतला भींग गया था। उसे जलाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी थी। इससे पहले भी कई बार दशहरा के दिन हल्की बरसात होती रही है। पंडाल सजने के बाद पंचमी, षष्ठी पर भी हल्की बरसात का असर रहा है, लेकिन करीब सात वर्षों में पहली बार नवरात्र की नवमी के दिन तेज बरसात हुई है। करीब एक घंटे तक हुई ऐसी बरसात अमूमन अगस्त या सितंबर के मध्य में ही होती है। वर्ष 2023 में भी एक अक्तूबर को भी तेज बरसात दर्ज हुई थी। संवाद
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दिन भर उमस, शाम को मिली राहत
सोनभद्र। तेज धूप के कारण बुधवार को लोग पूरे दिन उमस से परेशान रहे। तापमान दो डिग्री सेल्सियस बढ़कर 34.2 डिग्री तक पहुंच गया था। शाम साढ़े चार बजे के बाद मौसम बदलने और तेज बारिश होने से लोगों ने राहत महसूस की। मौसम विभाग के मुताबिक इस बार अगस्त में ही कोटे से 30 प्रतिशत तक अधिक बरसात हुई थी। पूरे मानसून सीजन में करीब 1000 एमएम बारिश का मानक है। यह बारिश सितंबर तक होती है।
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शारदीय नवरात्र का बुधवार को अंतिम दिन था। सुबह से ही हवन-पूजन में जुटे श्रद्धालु शाम को पूजा पंडालों में पहुंचकर मां दुर्गा के दर्शन की आस संजोए थे। नगर में पूरी भव्यता के साथ सजे पूजा पंडाल सबकी आकर्षण का केंद्र हैं। लोग दूरदराज से इसे देखने पहुंच रहे हैं। शाम करीब साढ़े चार बजे के बाद अचानक मौसम बदला और फिर तेज बरसात शुरू हो गई। चमक-गरज के साथ हो रही बारिश एक घंटे तक जारी रही।
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बरसात से रॉबर्ट्सगंज नगर के मुख्य मार्ग पर जलभराव हो गया। मंडी गेट के पास सर्विस लेन पर पानी लगने से राहगीरों को आवागमन में दुश्वारी झेलनी पड़ी। दर्शन-पूजन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के कदम भी ठिठक गए। मेन बाजार रोड, उत्तर मोहाल, चंडी तिराहा सहित नगर के कई इलाकों में सजे पंडालों में भी बारिश का पानी घुस गया। यहां आयोजकों को व्यवस्था बनाने में काफी दुश्वारी हुई।
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अमूमन नवमी पर पूजा पंडालों को जाने वाले मार्गों पर पैर रखने की जगह नहीं होती, मगर इस बार बारिश ने श्रद्धालुओं को मायूस किया। सबसे ज्यादा चिंतित पटरी दुकानदार दिखे, जिनकी मेले में अच्छी आमदनी की उम्मीदों पर बरसात ने पानी फेर दिया।
बारिश के बीच बत्ती गुल, छाया अंधेरा
बारिश के दौरान बिजली व्यवस्था भी ध्वस्त हो गई। छपका उपकेंद्र से जुड़े कई इलाकों में लोकल फाल्ट के चलते बिजली बंद रही। तेज चमक-गरज के कारण आउटगोइंग फीडर को ऐहतियात के तौर पर बंद कर दिया गया था। फ्लाईओवर के सर्विस लेन पर जलभराव के बीच बिजली गुल होने से राहगीरों को परेशानी से जूझना पड़ा। उरमौरा, छपका, पुसौली सहित अन्य क्षेत्रों में भी उपभोक्ता फाल्ट के कारण अंधेरे में रहे।
दशहरे पर बारिश में भीगता था पुतला, इस बार नवमी पर बरसात
सोनभद्र। पिछले वर्ष दशहरा पर दिन में बारिश हुई। इससे रावण का पुतला भींग गया था। उसे जलाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी थी। इससे पहले भी कई बार दशहरा के दिन हल्की बरसात होती रही है। पंडाल सजने के बाद पंचमी, षष्ठी पर भी हल्की बरसात का असर रहा है, लेकिन करीब सात वर्षों में पहली बार नवरात्र की नवमी के दिन तेज बरसात हुई है। करीब एक घंटे तक हुई ऐसी बरसात अमूमन अगस्त या सितंबर के मध्य में ही होती है। वर्ष 2023 में भी एक अक्तूबर को भी तेज बरसात दर्ज हुई थी। संवाद
दिन भर उमस, शाम को मिली राहत
सोनभद्र। तेज धूप के कारण बुधवार को लोग पूरे दिन उमस से परेशान रहे। तापमान दो डिग्री सेल्सियस बढ़कर 34.2 डिग्री तक पहुंच गया था। शाम साढ़े चार बजे के बाद मौसम बदलने और तेज बारिश होने से लोगों ने राहत महसूस की। मौसम विभाग के मुताबिक इस बार अगस्त में ही कोटे से 30 प्रतिशत तक अधिक बरसात हुई थी। पूरे मानसून सीजन में करीब 1000 एमएम बारिश का मानक है। यह बारिश सितंबर तक होती है।