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कार्य बहिष्कार कर मांगा हक
ब्यूरो, अमर उजाला/ सोनभद्र
Updated Wed, 13 Jul 2016 11:50 PM IST
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विरोध करते इंजीनियर
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पांच प्रारंभिक वेतन वृद्धि सहित दस सूत्री मांगों को लेकर अभियंताओं ने बुधवार को परियोजना में तीन घंटे तक कार्य बहिष्कार किया और अनपरा परियोजना गेट पर धरना दिया। बीस जुलाई को लखनऊ में महारैली के जरिए आवाज उठाने का ऐलान किया गया।
वरिष्ठ उपाध्यक्ष जीके मिश्रा, सहायक सचिव मणींद्रनाथ ने कहा कि प्रारंभिक वेतन वृद्धि लागू न किए जाने से अभियंताओं का मनोबल प्रभावित हो रहा है। इसका सीधा असर प्रदेश सरकार के शहरों को 24 घंटे और गांवों को 16 घंटे बिजली देने के ड्रीम प्रोजेक्ट पर पड़ेगा। क्षेत्रीय सचिव आलोक कुमार श्रीवास्तव, इं. एके राय ने ऊर्जा निगमों में नए पदों का सृजन, रियायती बिजली सुविधा बहाल रखने, इंजीनियर्स प्रोटेक्स एक्ट आदि पर संजीदगी न दिखाए जाने पर नाराजगी जताई। कहा कि बीस जुलाई को लखनऊ में ताकत दिखाई जाएगी।
शिवाजी त्रिपाठी, समीर भटनागर ने कहा कि कारपोरेशन प्रबंधन से कई बार वार्ता हुई, लेकिन एक भी समझौते पर अमल नहीं किया गया। बारा-बार वादा करने के बाद भी प्रबंधन समझौता अमल में नहीं लाता है। ऐसे में निर्णायक लड़ाई जरूरी है। राजेंद्र सिंह, निखिल चतुर्वेदी ने कहा कि वेतन वृद्घि आदि मांगों पर सचिव वित्त स्तर से सहमति जताई जा चुकी है, बावजूद प्रबंधन उदासीन रवैया अपना रहा है।
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इं. मंधीर कुमार, डीपी पांडेय, संजय पांडेय, आरसी श्रीवास्तव, यूसी मिश्रा ने कहा कि अब भी मांगों पर संजीदगी नहीं दिखाई जाती है तो लखनऊ में महारैली के साथ पूरे प्रदेश में व्यापक स्तर पर आंदोलन और बेमियादी कार्य बहिष्कार करेंगे। इस मौके पर शशिप्रकाश, विशाल, अजय मौर्या, अभिषेक नारायण सिंह, ऋषिकांत, बलराम, बलवीर, सुरेश मौर्या आदि मौजूद रहे।
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वरिष्ठ उपाध्यक्ष जीके मिश्रा, सहायक सचिव मणींद्रनाथ ने कहा कि प्रारंभिक वेतन वृद्धि लागू न किए जाने से अभियंताओं का मनोबल प्रभावित हो रहा है। इसका सीधा असर प्रदेश सरकार के शहरों को 24 घंटे और गांवों को 16 घंटे बिजली देने के ड्रीम प्रोजेक्ट पर पड़ेगा। क्षेत्रीय सचिव आलोक कुमार श्रीवास्तव, इं. एके राय ने ऊर्जा निगमों में नए पदों का सृजन, रियायती बिजली सुविधा बहाल रखने, इंजीनियर्स प्रोटेक्स एक्ट आदि पर संजीदगी न दिखाए जाने पर नाराजगी जताई। कहा कि बीस जुलाई को लखनऊ में ताकत दिखाई जाएगी।
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शिवाजी त्रिपाठी, समीर भटनागर ने कहा कि कारपोरेशन प्रबंधन से कई बार वार्ता हुई, लेकिन एक भी समझौते पर अमल नहीं किया गया। बारा-बार वादा करने के बाद भी प्रबंधन समझौता अमल में नहीं लाता है। ऐसे में निर्णायक लड़ाई जरूरी है। राजेंद्र सिंह, निखिल चतुर्वेदी ने कहा कि वेतन वृद्घि आदि मांगों पर सचिव वित्त स्तर से सहमति जताई जा चुकी है, बावजूद प्रबंधन उदासीन रवैया अपना रहा है।
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इं. मंधीर कुमार, डीपी पांडेय, संजय पांडेय, आरसी श्रीवास्तव, यूसी मिश्रा ने कहा कि अब भी मांगों पर संजीदगी नहीं दिखाई जाती है तो लखनऊ में महारैली के साथ पूरे प्रदेश में व्यापक स्तर पर आंदोलन और बेमियादी कार्य बहिष्कार करेंगे। इस मौके पर शशिप्रकाश, विशाल, अजय मौर्या, अभिषेक नारायण सिंह, ऋषिकांत, बलराम, बलवीर, सुरेश मौर्या आदि मौजूद रहे।