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Sonebhadra News: गंभीर बीमारी से जूझ रहे अंकित की मदद को आगे बढ़े हाथ
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दिल में छेद की बीमारी से जूझ रहे आठ वर्षीय अंकित की मदद के लिए कई संस्थाओं ने पहल की है। शनिवार को अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद उन्हाेंने पीड़ित परिवार से संपर्क कर बीमारी के बारे में जानकारी ली और उपचार में मदद का भरोसा दिलाया।
उधर, सीएमओ की ओर से भी परिवार से संपर्क कर सरकार की योजना से लाभान्वित करने के लिए कवायद शुरू की है। मधुपुर क्षेत्र के नागनार हरैया निवासी चंद्रिका सिंह खेती मजदूरी करते हैं। उनका पुत्र गांव के ही प्राथमिक विद्यालय जरलहवा में कक्षा-4 का छात्र है।
लगातार बीमार रहने के कारण पिछले माह चंद्रिका ने बेटे की बीएचयू में जांच कराई तो उसके दिल में छेद का पता चला। डॉक्टरों ने तत्काल सर्जरी की सलाह दी है। उपचार पर करीब चार लाख रुपये तक के खर्च का अनुमान है।
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गरीब परिवार बेटे के उपचार के लिए भटक रहा है। आयुष्मान कार्ड की पात्रता सूची में भी उनका नाम नहीं है। चंद्रिका सिंह की इस पीड़ा को अमर उजाला ने 21 सितंबर के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
खबर पढ़ने के बाद विभिन्न संस्थाओं व लोगों ने पीड़ित परिवार के मदद की पहल की है। लैंको परियोजना की ओर से एसके द्विवेदी ने फोन पर चंद्रिका सिंह से वार्ता की। उन्हें भरोसा दिलाया कि बेटे के उपचार में लैंको परिवार हरसंभव मदद करेगा।
सपा के पूर्व विधायक अविनाश कुशवाहा ने भी संपर्क कर चंद्रिका को मदद का आश्वासन दिया। उधर, स्वास्थ्य विभाग की टीम ने भी पीड़ित परिवार को लाभान्वित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मदद के लिए लोगों के हाथ बढ़ने से मायूस हो चुके परिवार को नई उम्मीद जगी है।
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उधर, सीएमओ की ओर से भी परिवार से संपर्क कर सरकार की योजना से लाभान्वित करने के लिए कवायद शुरू की है। मधुपुर क्षेत्र के नागनार हरैया निवासी चंद्रिका सिंह खेती मजदूरी करते हैं। उनका पुत्र गांव के ही प्राथमिक विद्यालय जरलहवा में कक्षा-4 का छात्र है।
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लगातार बीमार रहने के कारण पिछले माह चंद्रिका ने बेटे की बीएचयू में जांच कराई तो उसके दिल में छेद का पता चला। डॉक्टरों ने तत्काल सर्जरी की सलाह दी है। उपचार पर करीब चार लाख रुपये तक के खर्च का अनुमान है।
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गरीब परिवार बेटे के उपचार के लिए भटक रहा है। आयुष्मान कार्ड की पात्रता सूची में भी उनका नाम नहीं है। चंद्रिका सिंह की इस पीड़ा को अमर उजाला ने 21 सितंबर के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
खबर पढ़ने के बाद विभिन्न संस्थाओं व लोगों ने पीड़ित परिवार के मदद की पहल की है। लैंको परियोजना की ओर से एसके द्विवेदी ने फोन पर चंद्रिका सिंह से वार्ता की। उन्हें भरोसा दिलाया कि बेटे के उपचार में लैंको परिवार हरसंभव मदद करेगा।
सपा के पूर्व विधायक अविनाश कुशवाहा ने भी संपर्क कर चंद्रिका को मदद का आश्वासन दिया। उधर, स्वास्थ्य विभाग की टीम ने भी पीड़ित परिवार को लाभान्वित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मदद के लिए लोगों के हाथ बढ़ने से मायूस हो चुके परिवार को नई उम्मीद जगी है।