{"_id":"642ef7af466ea2d83003921c","slug":"green-fodder-was-not-found-in-shelters-lack-of-cake-sonbhadra-news-c-20-1-142058-2023-04-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sonebhadra News: आश्रय स्थलों में नहीं मिला हरा चारा, खली-चूनी का भी अभाव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sonebhadra News: आश्रय स्थलों में नहीं मिला हरा चारा, खली-चूनी का भी अभाव
विज्ञापन
सोनभद्र। विशेष सचिव प्रशासन व गोवंश संरक्षण के नोडल अधिकारी सुनील कुमार वर्मा ने बृहस्पतिवार को जिले में गोवंश संरक्षण का हाल जाना। गो आश्रय स्थलों में पहुंचे नोडल अधिकारी ने वहां पशु चारे की कमी पर नाराजगी जताई। उन्होंने पर्याप्त मात्रा में खली-चूनी, गुड़ और हरा चारा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। स्थानीय स्तर पर सामाजिक संस्थाओं व गणमान्य लोगों की मदद लेकर पशुओं की बेहतर देखभाल सुनिश्चित करने को कहा।
नोडल अधिकारी ने चोपन व सलखन में स्थापित गोवंश आश्रय स्थल का निरीक्षण किया। चोपन में 214 पशु रखे गए थे, जिसमें दो बीमार मिले। उनके लिए खली-चूनी उपलब्ध नहीं थी और न ही हरे चारे का इंतजाम था। इसी तरह सलखन के सलखन के भठवा टोला स्थित आश्रय स्थल में 91 पशु रखे गए थे। उनके लिए भूसे की गुणवत्ता ठीक नहीं थी। आश्रय स्थल की व्यवस्था पर असंतोष जताते हुए ग्राम प्रधान, सचिव को सुधार के निर्देश दिए। मौजूद अधिकारियों को गर्मी के दिनों में पशुओं को पीने के लिए पानी की व्यवस्था सुचारू ढंग से करने को कहा। पशुओं को हरा चारा उपलब्ध कराने के लिए नैपियर ग्रास का उत्पादन कर हरा चारा भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
नोडल अधिकारी ने विकास भवन सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक की। गो-आश्रय स्थलों की संख्या, संरक्षित गोवंशों की संख्या, भरण पोषण की स्थिति, चारें की उपलब्धता,संरक्षित गोवंशों का स्वास्थ्य, सहभागिता योजनान्तर्गत सुपुर्द किए गए गोवंशों की संख्या, गोवंशों का टीकाकरण एवं स्वास्थ्य परीक्षण आदि से सम्बंधित बिन्दुवार जानकारी ली। कहा कि अगर किसी गो आश्रय स्थलों में किन्ही कारणवश गोवंशों की संख्या मानक से ज्यादा है तो आवश्यकतानुसार कुछ गोवंशों को दूसरे गोसंरक्षण केन्द्रों में संरक्षित कराएं। गोवंशों के भरण पोषण एवं संरक्षण में किसी भी तरह की शिथिलता न बरती जाए। सभी गोशालाओं की बाउंड्री कराने, पेयजल व्यवस्था, नैपियर घास उगाने के निर्देश दिए। गोशालाओं के बेहतर संचालन के लिए ट्रस्ट बनाकर लोगों सहयोग लेने को कहा। बैठक में सीडीओ सौरभ गंगवार, डीडीओ शेषनाथ चौहान, डीसी मनरेगारमेश कुमार, डीसी एनआरएलएम एके जौहरी, पीडी आरएस मौर्या, डीपीआरओ विशाल सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
नोडल अधिकारी ने चोपन व सलखन में स्थापित गोवंश आश्रय स्थल का निरीक्षण किया। चोपन में 214 पशु रखे गए थे, जिसमें दो बीमार मिले। उनके लिए खली-चूनी उपलब्ध नहीं थी और न ही हरे चारे का इंतजाम था। इसी तरह सलखन के सलखन के भठवा टोला स्थित आश्रय स्थल में 91 पशु रखे गए थे। उनके लिए भूसे की गुणवत्ता ठीक नहीं थी। आश्रय स्थल की व्यवस्था पर असंतोष जताते हुए ग्राम प्रधान, सचिव को सुधार के निर्देश दिए। मौजूद अधिकारियों को गर्मी के दिनों में पशुओं को पीने के लिए पानी की व्यवस्था सुचारू ढंग से करने को कहा। पशुओं को हरा चारा उपलब्ध कराने के लिए नैपियर ग्रास का उत्पादन कर हरा चारा भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
नोडल अधिकारी ने विकास भवन सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक की। गो-आश्रय स्थलों की संख्या, संरक्षित गोवंशों की संख्या, भरण पोषण की स्थिति, चारें की उपलब्धता,संरक्षित गोवंशों का स्वास्थ्य, सहभागिता योजनान्तर्गत सुपुर्द किए गए गोवंशों की संख्या, गोवंशों का टीकाकरण एवं स्वास्थ्य परीक्षण आदि से सम्बंधित बिन्दुवार जानकारी ली। कहा कि अगर किसी गो आश्रय स्थलों में किन्ही कारणवश गोवंशों की संख्या मानक से ज्यादा है तो आवश्यकतानुसार कुछ गोवंशों को दूसरे गोसंरक्षण केन्द्रों में संरक्षित कराएं। गोवंशों के भरण पोषण एवं संरक्षण में किसी भी तरह की शिथिलता न बरती जाए। सभी गोशालाओं की बाउंड्री कराने, पेयजल व्यवस्था, नैपियर घास उगाने के निर्देश दिए। गोशालाओं के बेहतर संचालन के लिए ट्रस्ट बनाकर लोगों सहयोग लेने को कहा। बैठक में सीडीओ सौरभ गंगवार, डीडीओ शेषनाथ चौहान, डीसी मनरेगारमेश कुमार, डीसी एनआरएलएम एके जौहरी, पीडी आरएस मौर्या, डीपीआरओ विशाल सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन