{"_id":"608ea4b38ebc3e8d904ea265","slug":"good-news-oxygen-plant-in-karahia-closed-for-years-sonbhadra-news-vns5876559163","type":"story","status":"publish","title_hn":"खुशखबरी: करहिया में वर्षों से बंद पड़ा ऑक्सीजन प्लांट चालू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खुशखबरी: करहिया में वर्षों से बंद पड़ा ऑक्सीजन प्लांट चालू
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सोनभद्र। वैश्विक महामारी कोरोना पीड़ितों को सबसे ज्यादा ऑक्सीजन की जरूरत पड़ रही है। कई जगह ऑक्सीजन समय से उपलब्ध न हो पाने के कारण लोगों की जान तक चली गई। जिले में भी बीते दिन्रों ऑक्सीजन की किल्लत सामने आई थी। जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों को ऑक्सीजन नहीं मिलने से दूसरे अस्पताल जाना पड़ा। इन सबके बीच रविवार को जिले के लिए एक खुशखबरी मिली। दुद्धी तहसील क्षेत्र के करहिया में वर्षों से बंद पड़ा ऑक्सीजन प्लांट चालू कर लिया गया। दोपहर 12.05 बजे से सिलिंडर भराव का काम भी शुरू हो गया। इसकी जानकारी जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. सतीश चंद्र द्विवेदी ने ट्वीट करके दिया।
दो दशक पहले 2002 में एसके लूथरा ने करहिया में ऑक्सीजन प्लांट की नींव रखी थी। प्लांट की स्थापना के कुछ वर्षों तक स्थिति ठीक रही। प्लांट नियमित रूप से लगभग 300 सिलिंडर ऑक्सीजन का उत्पादन कर रहा था। ये सिलिंडर एनटीपीसी, हिंडाल्को सहित आस-पास की कंपनियों में जाते थे। इसी बीच करीब छह वर्ष पहले बिजली की समस्या उत्पन्न हो गई। ऐसे में प्लांट से उत्पादन ठप हो गया। बीच में तमाम कोशिश की गई कि प्लांट चालू हो जाए, लेकिन समस्या दूर नहीं हुई। कोविड के समय जब ऑक्सीजन की मांग बढ़ी तो जिला प्रशासन ने इसे चालू कराने के लिए युद्ध स्तर पर काम शुरू करा दिया। करीब एक सप्ताह में यहां की सभी समस्याओं को हल करके ऑक्सीजन बनाने का काम शुरू कर लिया गया।
अब नहीं होगी ऑक्सीजन की कमी
ऑक्सीजन की किल्लत के समय में इस प्लांट के चालू होने से जिला आत्मनिर्भर हो जाएगा। अभी तक तो सिंगरौली सहित अन्य जगहों से ऑक्सीजन सिलिंडर मंगाए जाते हैं। अब यहां से ऑक्सीजन के सिलिंडर निकलेंगे तो समस्या का समाधान होगा। सबसे खास बात यह है कि करहिया के ऑक्सीजन प्लांट से ऑक्सीजन बनाने के लिए लिक्विड की जरूरत नहीं पड़ती। यहां के प्रबंधक पीएन प्रसाद ने बताया कि सिलिंडर का भराव शुरू हो गया है। दो बजे तक करीब 15 सिलिंडर भरे जा चुके थे।
विज्ञापन
बिजली ठीक से मिली तो निकलेंगे 300 सिलिंडर
ऑक्सीजन प्लांट के प्रबंधक पीएन प्रसाद बताते हैं कि प्लांट को बिजली लगातार मिलनी चाहिए। अगर निर्वाध बिजली मिलती रहे तो एक दिन में 300 सिलिंडर की आपूर्ति यहां से हो सकेगी। बताया कि अगर दो मिनट के लिए भी बिजली कटी तो एक घंटे का समय बर्बाद होता है। मशीन को एक घंटे ऐसे ही चलाना पड़ता है। इस तरह से अगर घंटे भर कट गई तो सात-आठ घंटे का समय बर्बाद हो जाता है।
विज्ञापन
दो दशक पहले 2002 में एसके लूथरा ने करहिया में ऑक्सीजन प्लांट की नींव रखी थी। प्लांट की स्थापना के कुछ वर्षों तक स्थिति ठीक रही। प्लांट नियमित रूप से लगभग 300 सिलिंडर ऑक्सीजन का उत्पादन कर रहा था। ये सिलिंडर एनटीपीसी, हिंडाल्को सहित आस-पास की कंपनियों में जाते थे। इसी बीच करीब छह वर्ष पहले बिजली की समस्या उत्पन्न हो गई। ऐसे में प्लांट से उत्पादन ठप हो गया। बीच में तमाम कोशिश की गई कि प्लांट चालू हो जाए, लेकिन समस्या दूर नहीं हुई। कोविड के समय जब ऑक्सीजन की मांग बढ़ी तो जिला प्रशासन ने इसे चालू कराने के लिए युद्ध स्तर पर काम शुरू करा दिया। करीब एक सप्ताह में यहां की सभी समस्याओं को हल करके ऑक्सीजन बनाने का काम शुरू कर लिया गया।
विज्ञापन
अब नहीं होगी ऑक्सीजन की कमी
ऑक्सीजन की किल्लत के समय में इस प्लांट के चालू होने से जिला आत्मनिर्भर हो जाएगा। अभी तक तो सिंगरौली सहित अन्य जगहों से ऑक्सीजन सिलिंडर मंगाए जाते हैं। अब यहां से ऑक्सीजन के सिलिंडर निकलेंगे तो समस्या का समाधान होगा। सबसे खास बात यह है कि करहिया के ऑक्सीजन प्लांट से ऑक्सीजन बनाने के लिए लिक्विड की जरूरत नहीं पड़ती। यहां के प्रबंधक पीएन प्रसाद ने बताया कि सिलिंडर का भराव शुरू हो गया है। दो बजे तक करीब 15 सिलिंडर भरे जा चुके थे।
विज्ञापन
बिजली ठीक से मिली तो निकलेंगे 300 सिलिंडर
ऑक्सीजन प्लांट के प्रबंधक पीएन प्रसाद बताते हैं कि प्लांट को बिजली लगातार मिलनी चाहिए। अगर निर्वाध बिजली मिलती रहे तो एक दिन में 300 सिलिंडर की आपूर्ति यहां से हो सकेगी। बताया कि अगर दो मिनट के लिए भी बिजली कटी तो एक घंटे का समय बर्बाद होता है। मशीन को एक घंटे ऐसे ही चलाना पड़ता है। इस तरह से अगर घंटे भर कट गई तो सात-आठ घंटे का समय बर्बाद हो जाता है।