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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sonebhadra News ›   From Bihar, Harpura became the resident of Baghadu, then the pages of the family register changed.

Sonebhadra News: बिहार से हरपुरा, फिर बघाड़ू के बन गए बाशिंदे, परिवार रजिस्टर के पन्ने बदले

Mon, 15 Dec 2025 12:51 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 15 Dec 2025 12:51 AM IST
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From Bihar, Harpura became the resident of Baghadu, then the pages of the family register changed.
सोनभद्र। अनुसूचित जनजाति की महिलाओं से शादी कर उनके जरिये जनजातीय समाज की जमीनें खरीदने और उस पर मुस्लिम आबादी बसाने के मामले में कई नई जानकारियां सामने आई हैं।
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इस मामले चर्चा में आए बहादुर के परिवार ने पहले बिहार से दुद्धी तहसील को ठिकाना बनाया। दूसरी शादी रचाने के बाद बहादुर बघाड़ू में बस गया। उसने पत्नी का नाम बदलकर रजिया और धर्म मुस्लिम दर्ज करा दिया।
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इसके बाद जमीन खरीदने, रिश्तेदारों, समुदाय के लाेगों को बसाने का काम जारी रखा। विरोध शुरू हुआ तो परिवार रजिस्टर के पन्ने ही बदल दिए गए। एसडीएम ने ने जमीन की खरीद-फरोख्त करने वालों को नोटिस जारी करते हुए जांच शुरू कर दी है।
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बताते हैं कि बहादुर के पिता का परिवार कई साल पहले बिहार से हरपुरा आया था। वर्ष 1986 में उसका संपर्क धोरवा की जनजाति महिला से हुआ। उससे शादी रचाई और उसके बाद बघाड़ू जाकर बस गया। पत्नी का नाम बदलकर रजिया रखा। उससे तीन बेटे पैदा किए और उनका भी नाम मुस्लिम रखा लेकिन पिछड़ा वर्ग के नाते सामाजिक तौर पर रजिया को अनुसूचित जनजाति के रूप में प्रचारित किए रहा।
जनजाति बताते हुए उससे कई जमीनें बैनामा कराई। कहीं कोई दिक्कत न होने इसके लिए बैनामे रजिया पत्नी बहादुर अली की जगह रजिया पुत्री सरदार निवासी धोरपा रखा। सरदार के परिवार रजिस्टर में रजिया नाम की कोई महिला न होने के बावजूद राजस्वकर्मियों की तरफ से भी क्रेता-विक्रेता दोनों को जनजाति होने की रिपोर्ट लगती रही और नामांतरण की प्रक्रिया चलती रही। समुदाय विशेष के कई लोगों को स्टांप पर जमीन बेची गई जिन्होंने नामांतरण की शर्त रखी उनके लिए संबंधित भूभाग को धारा 80 (अकृषिक) में परिवर्तित कराकर जमीन बैनामा किया गया।
इसको लेकर सवाल उठने लगे तो 2020 में समुदाय विशेष के ही पंचायत सचिव से सहयोग लेते हुए परिवार रजिस्टर में भी बहादुर, रजिया सहित अन्य का नाम हरपुरा से हराकर बघाड़ू में दर्ज करा लिया।

आरोप है कि इसके लिए विधिक प्रक्रिया अपनाने की बजाय कटिंग-ओवरराइटिंग का सहारा लिया गया। अब जब जमीन के खरीद-फरोख्त से लेकर परिवार रजिस्टर तक में खेल का मामला सामने आया है तो तहसील प्रशासन और पुलिस की तरफ से जांच तेज कर दी गई है।
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