UP: चार बकरियों को नोच-नोच कर मार डाला, खूंखार जानवर या कुछ और...उठे सवाल; वन विभाग ने की पड़ताल
यूपी के सोनभद्र जिले में चार बकरियों की मौत की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम बघाडू रेंज के तुर्रीडीह गांव में पहुंच गई। पड़ताल कर शवों को कब्जे में ले लिया गया। स्थानीय लोगों ेस पूछताछ की जा रही है।
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सोनभद्र के बघाडू रेंज के तुर्रीडीह गांव में शनिवार देर रात हिंसक जंगली जानवर के हमले में चार बकरियों की मौत हो गई, जबकि एक गर्भवती बकरी को साथ लेकर जानवर जंगल की ओर भाग गया। हमले के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने इसे तेंदुए का हमला बताया है। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।
तुर्रीडीह गांव निवासी मेर सिंह पुत्र शिवनंदन ने बताया कि बारिश के चलते उन्होंने अपनी 13 बकरियों को घर के अंदर बांस के दरवाजे से बंद कर रखा था। देर रात करीब एक बजे बारिश रुकने के बाद एक जंगली जानवर दरवाजा तोड़कर अंदर घुस आया और बकरियों को बाहर खदेड़ कर करीब 100 मीटर दूर ले जाकर हमला कर दिया।
हमले में तीन बकरियों और एक बकरे की मौके पर मौत हो गई, जबकि एक गर्भवती बकरी को वह उठा ले गया। घटना के समय पशुओं की चीख-पुकार से गांव में हड़कंप मच गया। मेर सिंह की पत्नी मानकुंवर ने बताया कि बारिश के बाद जब जानवरों में हलचल मची तो परिवार को घटना की जानकारी हुई।
रेंजर सरिता गौतम, वन दरोगा विशाल कुमार, साजिद हुसैन, गुंजन पांडेय, नेहा त्रिपाठी, लेखपाल अभिषेक पांडेय और उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. रुद्रेश यादव मौके पर पहुंचे। पशु चिकित्सक दल ने मृत बकरियों का पोस्टमार्टम कराया और शवों को कब्जे में लिया।
पंजे के निशान से पहचान में जुटा विभाग
डॉ. रुद्रेश यादव ने बताया कि यह हमला किसी जंगली जानवर का है, लेकिन अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि हमला तेंदुए ने किया या किसी अन्य हिंसक वन्य जीव ने। ग्राम प्रधान विदवंत घसिया, वनाधिकार समिति अध्यक्ष महादेव, बीडीसी सदस्य भोला सिंह और ग्रामीण बासरूप ने बताया कि इलाके में पिछले कुछ दिनों से जंगली जानवरों की आवाजाही बढ़ गई है, जिससे लोगों में भय का माहौल है।
रेंजर सरिता गौतम ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह किसी हिंसक वन्य जीव की ओर से किया गया हमला प्रतीत होता है। मोरम व गीली मिट्टी के कारण पंजे के निशान स्पष्ट नहीं हो रहे। क्षेत्र में गश्त बढ़ाई जा रही है और ग्रामीणों को जागरूक रहने व रात में बाहर न निकलने की सलाह दी जा रही है।
समूह में निकलें, जानवरों को बाहर न छोड़ें
मवेशियों को रात में घर के अंदर सुरक्षित स्थान पर रखें। अकेले न निकलें, समूह में टॉर्च लेकर बाहर जाएं। जंगली जानवर की गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत वन विभाग को सूचना दें। वन विभाग ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है और हमलावर जानवर की पहचान के बाद उचित कार्रवाई की बात कही है।