'घबराना नहीं, दो माह में...': लेटर लिख घर से निकले चार बच्चे, परिजनों में मची चीख-पुकार; पुलिस ने किया ये काम
उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की सीमा से सटे जिले में बच्चों के गायब होने की सूचना मिलते ही माैके पर बरगवां थाने की पुलिस भी पहुंच गई। आसपास के लोगों से जानकारी लेने के बाद पुलिस ने कार्रवाई कर बच्चों को बरामद कर लिया।
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Sonbhadra News: सीमा से सटे मप्र के सिंगरौली में परिजनों के नाम पत्र लिखकर चार नाबालिग बच्चों के घर छोड़ने से खलबली मच गई। सोमवार को बच्चों को 12 घंटे के भीतर पुलिस ने रीवा जिले के अमिहया से ढूंढ लिया, तब परिजनों को राहत मिली। घटना मोरवा थाना क्षेत्र की है।
बरगवां थाना क्षेत्र के भलुगड़ निवासी दंपती मोरवा के वार्ड क्रमांक तीन स्थित विमल कॉलोनी के समीप रह कर क्रमशः 13 और 8 वर्षीय बच्चों की शिक्षा दीक्षा करा रहे थे। रविवार को परिजन बच्चों को घर में बंद कर किसी समारोह में भलूगढ़ गांव चले गए।
इस दौरान घर के पास ही रह रहे उनके साले के दो बच्चे (13 वर्ष एवं 9 वर्ष) ने चाबी लेकर उनके घर का ताला खोल दिया था। इसके बाद सभी घर के आंगन में खेलने लगे। इसी दौरान योजना बनाया और घर से निकल गए।
पुलिस ने की कार्रवाई
उन्होंने परिजनों के लिए बाकायदा हस्ताक्षर पत्र छोड़ा था, जिसमें उन्होंने लिखा था कि कोई चिंता ना करे, वह घूमने जा रहे हैं और दो महीने में लौट आएंगे। देर रात तक तलाश करने पर भी जब बच्चों की सूचना नहीं लगी तो परिजनों ने मोरवा थाने में इसकी सूचना दी।
मोरवा निरीक्षक उमेश प्रताप सिंह ने तत्काल सिंगरौली एसपी मनीष खत्री के निर्देश एवं अनुविभागीय अधिकारी गौरव पांडेय के मार्गदर्शन में मामला पंजीबद्ध कर एक पुलिस टीम का गठन कर बच्चों की तलाश शुरू कर दी। सोमवार सुबह बच्चों के हाथ में पड़ा मोबाइल चालू हुआ तो पुलिस को मालूम चला कि बच्चे रीवा पहुंच गए हैं। पुलिस ने तत्काल रीवा जिले की पुलिस से संपर्क साधा और बच्चों को कुशल बरामद कर लिया है।