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Sonebhadra News: केस दर्ज होने के बाद लापता हुआ फर्म संचालक, मोबाइल भी बंद
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मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह में स्टील का पायल, बिछिया सहित अन्य सामानों की आपूर्ति में गड़बड़ी करने वाली फर्म के खिलाफ पुलिस प्रशासन ने जांच तेज कर दी है। पिछले सप्ताह पुलिस ने घोरावल ब्लॉक के लाभार्थियों का बयान दर्ज किया। उन्हें मिले सामानों का सैंपल भी लिया है। इसे जांच के लिए जल्द ही लखनऊ स्थित प्रयोगशाला भेजा जाएगा। वहीं दूसरी तरफ टेंडर लेने वाले व्यक्ति का फोन बंद जा रहा है। पुलिस फर्म के जरिए आरोपित से संपर्क करने में जुटी है। आरोपी का मोबाइल नंबर केस दर्ज होने के बाद से ही बंद है। टेंडर प्रपत्र में जो दस्तावेज लगे थे, उनसे भी उसके बारे में कोई खास जानकारी नहीं मिली है।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत पहले चरण में ब्लॉक वार सामूहिक विवाह का आयोजन किया गया था। सामान आपूर्ति का टेंडर नई दिल्ली के अजमेरी गेट की संस्था मेसर्स इंडस्टि्यल वेंचर्स लिमिटेड को मिला था। जेम पोर्टल के माध्यम से हुए टेंडर में फर्म ने सबसे कम 7600 रुपये में सभी 19 तरह के सामान देने की सहमति जताई थी। सामानों की आपूर्ति की बारी आई तो घपलेबाजी शुरू हुई। तय मानक की बजाय घटिया सामान दिए गए। इसकी पोल तब खुली जब 30 जनवरी को घोरावल ब्लॉक में सामूहिक विवाह के दौरान महिलाओं ने चांदी की जगह गिलट (स्टील) का पायल-बिछिया देने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। इसके बाद जांच में पायल, बिछिया समेत नौ सामानों में गड़बड़ी मिली थी। पुलिस के मुताबिक टेंडर लेने वाली फर्म के ऑफिस में संपर्क किया गया था, जहां से अभी तक कोई सही सूचना नहीं मिली है। बताया जा रहा है कि टेंडर लेने वाला आरोपित मुज्जफरनगर का रहने वाला है। उसका मोबाइल नंबर बंद जा रहा है। उससे अब तक पुलिस से संपर्क नहीं हो सका है।
लाभार्थियों का बयान दर्ज करते हुए सामान का सैंपल सील किया गया है, इसे जांच के लिए जल्द ही लखनऊ भेजा जाएगा। टेंडर लेने वाले व्यक्ति का नंबर बंद जा रहा है। नई दिल्ली स्थित फर्म से संपर्क करने पर भी उसका पता नहीं चल सका है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। -सतेंद्र राय, कोतवाली प्रभारी।
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मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत पहले चरण में ब्लॉक वार सामूहिक विवाह का आयोजन किया गया था। सामान आपूर्ति का टेंडर नई दिल्ली के अजमेरी गेट की संस्था मेसर्स इंडस्टि्यल वेंचर्स लिमिटेड को मिला था। जेम पोर्टल के माध्यम से हुए टेंडर में फर्म ने सबसे कम 7600 रुपये में सभी 19 तरह के सामान देने की सहमति जताई थी। सामानों की आपूर्ति की बारी आई तो घपलेबाजी शुरू हुई। तय मानक की बजाय घटिया सामान दिए गए। इसकी पोल तब खुली जब 30 जनवरी को घोरावल ब्लॉक में सामूहिक विवाह के दौरान महिलाओं ने चांदी की जगह गिलट (स्टील) का पायल-बिछिया देने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। इसके बाद जांच में पायल, बिछिया समेत नौ सामानों में गड़बड़ी मिली थी। पुलिस के मुताबिक टेंडर लेने वाली फर्म के ऑफिस में संपर्क किया गया था, जहां से अभी तक कोई सही सूचना नहीं मिली है। बताया जा रहा है कि टेंडर लेने वाला आरोपित मुज्जफरनगर का रहने वाला है। उसका मोबाइल नंबर बंद जा रहा है। उससे अब तक पुलिस से संपर्क नहीं हो सका है।
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लाभार्थियों का बयान दर्ज करते हुए सामान का सैंपल सील किया गया है, इसे जांच के लिए जल्द ही लखनऊ भेजा जाएगा। टेंडर लेने वाले व्यक्ति का नंबर बंद जा रहा है। नई दिल्ली स्थित फर्म से संपर्क करने पर भी उसका पता नहीं चल सका है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। -सतेंद्र राय, कोतवाली प्रभारी।
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