{"_id":"691e1c88a5f621046c07902f","slug":"fir-against-sadar-and-five-others-for-running-illegal-madrasa-sonbhadra-news-c-194-1-son1018-137619-2025-11-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sonebhadra News: अवैध मदरसा संचालन के आरोप में सदर सहित पांच पर प्राथमिकी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sonebhadra News: अवैध मदरसा संचालन के आरोप में सदर सहित पांच पर प्राथमिकी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सोनभद्र। जिला मुख्यालय पर अवैध तरीके से मदरसा संचालन के आरोप में अंजुमन इस्लामिया कमेटी के सदर मुस्ताक खान सहित पांच के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। रॉबर्ट्सगंज कोतवाली पुलिस ने यह कार्रवाई न्यायालय के आदेश पर की। मामले की जांच शहर चौकी इंचार्ज अमित सिंह को सौंपी गई है।
भाजपा अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के अल्ताफ अहमद ने न्यायालय में मो. नूर अहमद, मुश्ताक अहमद, सिराजुद्दीन खान निवासी दीपनगर, मौलाना खुर्शीद निवासी कांशीराम आवास, अजहर खान निवासी रामलीला गेट के सामने कस्बा रॉवर्ट्सगंज के खिलाफ प्रार्थना पत्र दाखिल किया था। आरोप लगाया था कि जिला मुख्यालय पर वर्ष 2011 से अवैध तरीके से मदरसे का संचालन किया जा रहा है।
दावा किया गया कि ये लोग हर साल मदरसे के नाम पर फर्जी तरीके से कैलेंडर छपवाते हैं। फर्जी रसीद काटकर अवैध धन की वसूली करते हैं। जब उसने जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी से आरटीआई के तहत सूचना मांगी तो पता चला कि मदरसा जियाउल उलूम नाम की कोई संस्था रजिस्टर्ड नहीं है।
विज्ञापन
शिकायत पर अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने क्षेत्राधिकारी को विधिक कार्रवाई के लिए पत्र भेजा लेकिन प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई। तब अदालत से गुहार लगाई गई। न्यायालय ने मामले को गंभीर मानते हुए प्रभारी निरीक्षक राॅबटर्सगंज को एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया। प्रभारी निरीक्षक माधव सिंह के मुताबिक न्यायालय के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच कराई जा रही है।
विज्ञापन
भाजपा अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के अल्ताफ अहमद ने न्यायालय में मो. नूर अहमद, मुश्ताक अहमद, सिराजुद्दीन खान निवासी दीपनगर, मौलाना खुर्शीद निवासी कांशीराम आवास, अजहर खान निवासी रामलीला गेट के सामने कस्बा रॉवर्ट्सगंज के खिलाफ प्रार्थना पत्र दाखिल किया था। आरोप लगाया था कि जिला मुख्यालय पर वर्ष 2011 से अवैध तरीके से मदरसे का संचालन किया जा रहा है।
विज्ञापन
दावा किया गया कि ये लोग हर साल मदरसे के नाम पर फर्जी तरीके से कैलेंडर छपवाते हैं। फर्जी रसीद काटकर अवैध धन की वसूली करते हैं। जब उसने जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी से आरटीआई के तहत सूचना मांगी तो पता चला कि मदरसा जियाउल उलूम नाम की कोई संस्था रजिस्टर्ड नहीं है।
विज्ञापन
शिकायत पर अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने क्षेत्राधिकारी को विधिक कार्रवाई के लिए पत्र भेजा लेकिन प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई। तब अदालत से गुहार लगाई गई। न्यायालय ने मामले को गंभीर मानते हुए प्रभारी निरीक्षक राॅबटर्सगंज को एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया। प्रभारी निरीक्षक माधव सिंह के मुताबिक न्यायालय के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच कराई जा रही है।