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Sonebhadra News: गेहूं की फसल लहलहाने वाले किसानों ने
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खून-पसीना एक कर खेतों में गेहूं की फसल लहलहाने वाले किसानों ने कई सपने संजोए थे। मौसम की मार ने उनके अरमानों को एक झटके में तोड़ दिया है। एक पखवाड़े में तीन बार बारिश और ओलावृष्टि से कई इलाकों में गेहूं की फसल खेत में गिर गई है। दाने काले पड़ने लगे हैं। यह हाल देख किसान चिंतित हैं। उनका कहना है कि अब अगर फसल बच भी जाए तो उत्पादन प्रभावित होगा। गुणवत्ता पर भी असर पड़ेगा, जिससे उन्हें अच्छा दाम नहीं मिलेगा।जिले में हो रही लगातार बारिश से गेहूं सहित चना, मटर, सरसो, अलसी की फसल बर्बाद हो रही है। इससे किसानों के सामने आर्थिक तंगी का संकट आ सकता है। खड़ी फसल के गेहूं के दाने काले होने से दाम पर प्रभाव पड़ेगा। दलहन फसलें हो रही बारिश से भींगने की वजह से पेड़ में ही फिर से अंकुर निकलने लगे हैं। जिन किसानों ने फसल की कटाई कर खलिहान में रखा है, वह खलिहान में ही खराब हो रही है।
जहां एक तरफ सरकार किसानों की आय दोगुनी करने की बात कर रही हैं, वही प्रकृति के कहर से किसानों को अपना फसल बचाना मुश्किल नजर आ रहा है। सबसे बड़ा संकट उन किसानों को है जो बंटाई पर खेत लेकर खेती किए हैं। फसल बर्बाद होने के बाद वह किसान के पैसे का भुगतान कहां से कर पाएंगे, इसकी चिंता भी सता रही है। किसानों ने जिलाधिकारी व प्रदेश सरकार से फसल नुकसान का सर्वे कराकर किसानों को नुकसान का मुआवजा दिलाने की मांग की है।
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आंधी पानी मे बिजली के खंभे ध्वस्त
बीजपुर। ग्राम पंचायत महुली के जलजलिया टोले में शुक्रवार की शाम तेज आंधी पानी के साथ ओलावृष्टि से किसानों की खेती बर्बाद हो गई। गेंहू, सरसों, जौ, सब्जी आदि फसलों को नुकसान हुआ है। आंधी की वजह से आधा दर्जन बिजली के खंभे तार सहित उखड़ कर सड़क पर गिर गए हैं। टोले में कई पेड़ टूट कर धराशाही हो गए। रामसुमेर यादव, भारत लाल यादव, देवजी आदि किसानों ने बताया कि शुक्रवार को हुई बारिश से भारी क्षति हुई है। बिजली के खंभे टूटकर गिरने से बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है। ग्राम प्रधान जुकमुनिया देवी ने क्षेत्रीय लेखपाल सन्तोष कुमार यादव सहित इंस्पेक्टर क्राफ्टकटिंग सोनभद्र शैलेश तिवारी को फोन कर आपदा में बर्बाद वस्तुओं की जानकारी देकर तत्काल मौका मुआयना करने और आपदा राहत कोष से सहायता दिलाने की मांग की है।
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आंधी में उड़े टीनशेड, छप्पर
केकराही। करमा ब्लॉक के भगौती, पांपी ,कसया में आंधी से ज्यादा नुकसान हुआ हैं। सीमेंट शेड, टीन शेड आंधी के झोके से नीचे गिरकर टूट गए। बिजली के खंभे, पेड़ गिर गए। कसया के धर्मेश मिश्र, भगौती के संतोष गुप्ता, राजाराम यादव,संजय कुमार का सीमेंट शेड उखड़कर टूट गया और घरों में पानी भर गया। ग्रामप्रधान नागेन्द्र मौर्य ने बताया कि बे मौसम वर्षा जल से किसानों की ख़डी फसलों को काफी नुकसान हुआ है। विद्युत उपकेंद्र से संचालित होने वाली विद्युत आपूर्ति भी रात भर बंद रही। जिलाप्रशासन का ध्यान आकृष्ट करते हुए उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।
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किसानों की प्रतिक्रिया:
हम जैसे छोटे किसान बंटाई पर जमीन लेकर खेती करते हैं। बारिश से फसल नष्ट हो गई। हम कैसे बंटाई का पैसा किसानों को देंगें। कर्ज में बध जायेंगे और आर्थिक तंगी का शिकार होना पड़ेगा।
- रामसनेही, केतार।
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मौसम की मार से हर फसल को नुकसान हुआ है। इसका असर सीधे किसानों की आय पर पड़ा है। किसान आर्थिक तंगी के कारण आगे की खेती नहीं कर पाएगा। सरकार को सर्वे कराकर उचित मुआवजा देना चाहिए।
- महेंद्र प्रताप सिंह, बगही।
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जहां एक तरफ सरकार किसानों की आय दोगुनी करने की बात कर रही हैं, वही प्रकृति के कहर से किसानों को अपना फसल बचाना मुश्किल नजर आ रहा है। सबसे बड़ा संकट उन किसानों को है जो बंटाई पर खेत लेकर खेती किए हैं। फसल बर्बाद होने के बाद वह किसान के पैसे का भुगतान कहां से कर पाएंगे, इसकी चिंता भी सता रही है। किसानों ने जिलाधिकारी व प्रदेश सरकार से फसल नुकसान का सर्वे कराकर किसानों को नुकसान का मुआवजा दिलाने की मांग की है।
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आंधी पानी मे बिजली के खंभे ध्वस्त
बीजपुर। ग्राम पंचायत महुली के जलजलिया टोले में शुक्रवार की शाम तेज आंधी पानी के साथ ओलावृष्टि से किसानों की खेती बर्बाद हो गई। गेंहू, सरसों, जौ, सब्जी आदि फसलों को नुकसान हुआ है। आंधी की वजह से आधा दर्जन बिजली के खंभे तार सहित उखड़ कर सड़क पर गिर गए हैं। टोले में कई पेड़ टूट कर धराशाही हो गए। रामसुमेर यादव, भारत लाल यादव, देवजी आदि किसानों ने बताया कि शुक्रवार को हुई बारिश से भारी क्षति हुई है। बिजली के खंभे टूटकर गिरने से बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है। ग्राम प्रधान जुकमुनिया देवी ने क्षेत्रीय लेखपाल सन्तोष कुमार यादव सहित इंस्पेक्टर क्राफ्टकटिंग सोनभद्र शैलेश तिवारी को फोन कर आपदा में बर्बाद वस्तुओं की जानकारी देकर तत्काल मौका मुआयना करने और आपदा राहत कोष से सहायता दिलाने की मांग की है।
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आंधी में उड़े टीनशेड, छप्पर
केकराही। करमा ब्लॉक के भगौती, पांपी ,कसया में आंधी से ज्यादा नुकसान हुआ हैं। सीमेंट शेड, टीन शेड आंधी के झोके से नीचे गिरकर टूट गए। बिजली के खंभे, पेड़ गिर गए। कसया के धर्मेश मिश्र, भगौती के संतोष गुप्ता, राजाराम यादव,संजय कुमार का सीमेंट शेड उखड़कर टूट गया और घरों में पानी भर गया। ग्रामप्रधान नागेन्द्र मौर्य ने बताया कि बे मौसम वर्षा जल से किसानों की ख़डी फसलों को काफी नुकसान हुआ है। विद्युत उपकेंद्र से संचालित होने वाली विद्युत आपूर्ति भी रात भर बंद रही। जिलाप्रशासन का ध्यान आकृष्ट करते हुए उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।
किसानों की प्रतिक्रिया:
हम जैसे छोटे किसान बंटाई पर जमीन लेकर खेती करते हैं। बारिश से फसल नष्ट हो गई। हम कैसे बंटाई का पैसा किसानों को देंगें। कर्ज में बध जायेंगे और आर्थिक तंगी का शिकार होना पड़ेगा।
- रामसनेही, केतार।
मौसम की मार से हर फसल को नुकसान हुआ है। इसका असर सीधे किसानों की आय पर पड़ा है। किसान आर्थिक तंगी के कारण आगे की खेती नहीं कर पाएगा। सरकार को सर्वे कराकर उचित मुआवजा देना चाहिए।
- महेंद्र प्रताप सिंह, बगही।