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मनमाफिक बीज न मिलने से नहीं खरीद रहे किसान
अमर उजाला ब्यूरो, सोनभद्र
Updated Mon, 19 Jun 2017 11:29 PM IST
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सीड्स प्लांटों पर की छापेमारी
- फोटो : पीलीभ्ाीत/उत्ततर प्रदेश्ा
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ब्लॉक स्तर पर स्थित सभी बीज भंडार में विभिन्न प्रजातियों के धान, ज्वार,अरहर के बीज और कीटनाशक की खेप पहुंच गई है। लेकिन किसान खरीदारी नहीं कर रहे क्योंकि वे मानते हैं कि बीज यहां की जलवायु के हिसाब से नहीं हैं।
बताते चले कि वर्ष 2017-18 मेें जिले में 76442 हजार हेक्टेयर खेत मेें खरीफ की खेती की जाएगी। इसके लिए शासन ने कृषि विभाग को लक्ष्य निर्धारित किया है। हालांकि जिले अत्यधिक क्षेत्रफल पहाड़ी और जंगलों से आच्छादित है। खेतों का समतलीकरण न होने से धान एवं गेहूं की खेती कम होती है। सर्वाधिक राबर्ट्सगंज और घोरावल तहसील क्षेत्रों में धान व गेहूं की खेती-बारी की जाती है।
कृषि विभाग इस वर्ष 76442 हेक्टेयर में धान, ज्वार, अरहर, मक्का, बाजरा, मूंग, मूंगफली इत्यादि की खेतीबारी कराने के लिए मिले लक्ष्य को पूरा करने के लिए ब्लॉक स्तर पर गोष्ठी कर किसानों को जागरूक करने का निर्णय लिया है, क्योंकि अधिकांश किसान अशिक्षित है।
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जिला कृषि अधिकारी राजीव भारती ने कहा कि राबर्ट्सगंज, घोरावल और दुद्धी तहसील क्षेत्र में प्रत्येक वर्ष करीब 40 हजार हेक्टेयर धान की खेती-बारी होती है। किसानों को कम लागत में अत्यधिक पैदावार वाले धान, अरहर समेत अन्य बीजों के बारे में जागरूक करने का कार्य शुरू कर दिया गया है।
ब्लॉक स्तर पर स्थित बीज भंडार में डीडीआर 44, डीडीआर 42, मालवीय 105, मालवीय 109, स्वर्णा सब वन, आरएच 42 और आरएच 44 नामक विभिन्न प्रजातियों के धान, ज्वार, अरहर आदि का बीज, उर्वरक और कीटनाशक दवाएं पर्याप्त मात्रा में पहुंच गई है। किसान बीज भंडार से बीज और दवाएं ले सकते है। मातहतों को किसानों को सरकार की ओर से मिलने वाली सभी सुविधाएं मुहैया कराने का निर्देश दिया गया है।
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बताते चले कि वर्ष 2017-18 मेें जिले में 76442 हजार हेक्टेयर खेत मेें खरीफ की खेती की जाएगी। इसके लिए शासन ने कृषि विभाग को लक्ष्य निर्धारित किया है। हालांकि जिले अत्यधिक क्षेत्रफल पहाड़ी और जंगलों से आच्छादित है। खेतों का समतलीकरण न होने से धान एवं गेहूं की खेती कम होती है। सर्वाधिक राबर्ट्सगंज और घोरावल तहसील क्षेत्रों में धान व गेहूं की खेती-बारी की जाती है।
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कृषि विभाग इस वर्ष 76442 हेक्टेयर में धान, ज्वार, अरहर, मक्का, बाजरा, मूंग, मूंगफली इत्यादि की खेतीबारी कराने के लिए मिले लक्ष्य को पूरा करने के लिए ब्लॉक स्तर पर गोष्ठी कर किसानों को जागरूक करने का निर्णय लिया है, क्योंकि अधिकांश किसान अशिक्षित है।
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जिला कृषि अधिकारी राजीव भारती ने कहा कि राबर्ट्सगंज, घोरावल और दुद्धी तहसील क्षेत्र में प्रत्येक वर्ष करीब 40 हजार हेक्टेयर धान की खेती-बारी होती है। किसानों को कम लागत में अत्यधिक पैदावार वाले धान, अरहर समेत अन्य बीजों के बारे में जागरूक करने का कार्य शुरू कर दिया गया है।
ब्लॉक स्तर पर स्थित बीज भंडार में डीडीआर 44, डीडीआर 42, मालवीय 105, मालवीय 109, स्वर्णा सब वन, आरएच 42 और आरएच 44 नामक विभिन्न प्रजातियों के धान, ज्वार, अरहर आदि का बीज, उर्वरक और कीटनाशक दवाएं पर्याप्त मात्रा में पहुंच गई है। किसान बीज भंडार से बीज और दवाएं ले सकते है। मातहतों को किसानों को सरकार की ओर से मिलने वाली सभी सुविधाएं मुहैया कराने का निर्देश दिया गया है।