UP: पाइप हटाते वक्त हवा में उछला किसान गड्ढे में गिरा, मौत के बाद जमकर हंगामा; टावर निर्माण रोकने गए थे जगदीश
Sonbhadra News: मध्यप्रदेश के सिंगरौली में खेत में हाईटेंशन टावर निर्माण का विरोध करने पहुंचे किसान की पाइप खिसकाते समय गड्ढे में गिरने से मौत हो गई। घटना के बाद ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी।
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UP News: शक्तिनगर सीमा से सटे मध्यप्रदेश के सिंगरौली में अपने खेत में हाईटेंशन टावर निर्माण का विरोध करने पहुंचे किसान की मौत पर जमकर हंगामा हुआ। गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस कर्मियों की तैनाती कर दी गई। तहसीलदार ने घटना को लापरवाही बताते हुए संबंधितों पर कार्रवाई की बात कही इसके बावजूद मामला शांत नहीं हुआ।
सिंगरौली में टावर निर्माण रोकने पहुंचा किसान मौके पर मौजूद एक पाइप को खिसकाने की कोशिश कर रहा है इसी दौरान पाइप के झटके से उछल कर गड्ढे में गिर गया और चोट लगने से उसकी मौके पर मौत हो गई। घटना के वक्त का वीडियो सामने आने के बाद मौके पर काफी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हो गए और कंपनी प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मुआवजे व कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा शुरू कर दिया।
बताया जा रहा है कि खम्हरिया ग्राम पंचायत के परदेही गांव में पावरग्रिड कार्पोरेशन टावर निर्माण करा रही है। इसी निर्माण का विरोध करने किसान मौके पर पहुंचा था जहां उसकी मौत हो गई। वाकए का लाइव वीडियो भी सामने आया है लेकिन अमर उजाला इसकी पुष्टि नहीं करता। वीडियो में किसान जमीन पड़ी एक भारी-भरकम पाइप को खिसकाने की कोशिश करता दिख रहा है, लेकिन अगले पल पाइप सहित हवा में कई फीट ऊपर उछल कर गड्ढे में गिर जाता है।
मृत किसान जगदीश शाह के परिजनों ने प्रशासनिक अधिकारियों और कंपनी प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि जिस जमीन पर टावर का निर्माण किया जा रहा था, उसे लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था।
परिवार की आपत्तियों और बार-बार मना करने के बावजूद कंपनी द्वारा निर्माण कार्य जबरी किया जा रहा था। तहसीलदार प्रीति सिकरवार ने बताया कि घटना से पहले किसी तरह की शिकायत किसान के तरफ से नहीं की गई थी। उन्होंने कंपनी की लापरवाही बताते हुए जांच व दोषीजनों पर कार्रवाई की बात कहा। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है। दिया है।
बैढ़न कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक अशोक सिंह परिहार ने बताया कि यह हादसा पाइप के भीतर किसी अत्यधिक दबाव (हाई-प्रेशर) के कारण हुआ या इसके पीछे निर्माण कार्य में बरती गई कोई बड़ी लापरवाही थी यह सब विधिवत तकनीकी जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट हो सकेगा।