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Sonebhadra News: 5000 रुपये में दी इंटरमीडिएट की फर्जी मार्कशीट
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ताड़ी गांव निवासी एक युवक की इंटरमीडिएट की मार्कशीट खो गई। पुलिस लाइन के बगल में स्थित बोर्ड ऑफिस जाने पर उसे एक व्यक्ति मिला और 5000 रुपये लेकर फर्जी मार्कशीट थमाया। जांच में मार्कशीट फर्जी निकली तो युवक ने अपना पैसा वापस मांगा। इस पर फर्जी मार्कशीट देने वाले ने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए युवक को जान से मारने की धमकी दी। प्रकरण को लेकर ताड़ी गांव निवासी बाला की तहरीर के आधार पर देवेंद्र प्रताप सिंह उर्फ डीपी दलाल के खिलाफ कैंट थाने में धोखाधड़ी सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज किया गया है।
चोलापुर थाना क्षेत्र के ताड़ी गांव निवासी बाला ने पुलिस को बताया कि उनकी इंटरमीडिएट की मार्कशीट खो गई थी। नई मार्कशीट बनवाने के लिए वह पुलिस लाइन के बगल में स्थित बोर्ड ऑफिस गए तो उन्हें वहां देवेंद्र प्रताप सिंह उर्फ डीपी दलाल मिला। देवेंद्र ने बताया कि वह बोर्ड ऑफिस में लोगों का काम कराता है और पांच हजार रुपये में नई मार्कशीट बनवा देगा। देवेंद्र की बात पर विश्वास कर बाला ने उसे पांच हजार रुपये दे दिया। कुछ दिनों बाद देवेंद्र ने बाला को इंटरमीडिएट की नई मार्कशीट दे दी। बाला ने कहा कि उनके करीबियों ने बताया कि मार्कशीट को एक बार बोर्ड ऑफिस से चेक जरूर करा लेना कि कहीं वह फर्जी तो नहीं है। इस पर वह बोर्ड ऑफिस गए तो पता लगा कि मार्कशीट वहां से जारी ही नहीं हुई है। उन्होंने देवेंद्र से संपर्क किया और मार्कशीट के फर्जी होने का हवाला देकर अपना पैसा वापस मांगा। देवेंद्र ने कहा कि पैसा वह बोर्ड ऑफिस के अधिकारियों को दे दिया है। इसके साथ ही उसने पैसे के बारे में भूल जाने की बात कहते हुए जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर जान से मारने की धमकी दी। इस संबंध में कैंट थानाध्यक्ष दुर्गेश कुमार मिश्र ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
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चोलापुर थाना क्षेत्र के ताड़ी गांव निवासी बाला ने पुलिस को बताया कि उनकी इंटरमीडिएट की मार्कशीट खो गई थी। नई मार्कशीट बनवाने के लिए वह पुलिस लाइन के बगल में स्थित बोर्ड ऑफिस गए तो उन्हें वहां देवेंद्र प्रताप सिंह उर्फ डीपी दलाल मिला। देवेंद्र ने बताया कि वह बोर्ड ऑफिस में लोगों का काम कराता है और पांच हजार रुपये में नई मार्कशीट बनवा देगा। देवेंद्र की बात पर विश्वास कर बाला ने उसे पांच हजार रुपये दे दिया। कुछ दिनों बाद देवेंद्र ने बाला को इंटरमीडिएट की नई मार्कशीट दे दी। बाला ने कहा कि उनके करीबियों ने बताया कि मार्कशीट को एक बार बोर्ड ऑफिस से चेक जरूर करा लेना कि कहीं वह फर्जी तो नहीं है। इस पर वह बोर्ड ऑफिस गए तो पता लगा कि मार्कशीट वहां से जारी ही नहीं हुई है। उन्होंने देवेंद्र से संपर्क किया और मार्कशीट के फर्जी होने का हवाला देकर अपना पैसा वापस मांगा। देवेंद्र ने कहा कि पैसा वह बोर्ड ऑफिस के अधिकारियों को दे दिया है। इसके साथ ही उसने पैसे के बारे में भूल जाने की बात कहते हुए जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर जान से मारने की धमकी दी। इस संबंध में कैंट थानाध्यक्ष दुर्गेश कुमार मिश्र ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
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