सोनभद्र। जिले में चल रहे निर्माण कार्यों की धीमी प्रगति पर डीएम ने सख्त रुख अपनाया है। कड़ी नाराजगी जताते हुए पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड व निर्माण खंड-2 के एक्सईएन, पैकफेड व सीएनडीएस के प्रोजेक्ट मैनेजर, मुख्य पशु चिकित्साधिकरी समेत सात अफसरों से स्पष्टीकरण मांगा है। शौचालय निर्माण व जियो टैगिंग व 15वें वित्त आयोग की धनराशि व्यय की धीमी प्रगति पर डीपीआरओ से भी स्पष्टीकरण तलब किया है।
शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में डीएम ने शासन की विकास प्राथमिकता वाली योजनाओं की बिंदुवार समीक्षा की। उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि शासन के निर्देश के क्रम में महत्वपूर्ण योजनाओं, परियोजनाओं, सेवाओं की समीक्षा प्रत्येक माह सीएम डैशबोर्ड पर उपलब्ध सूचनाओं के आधार पर की जाएगी। सभी अधिकारी अपने विभाग की योजनाओं की प्रगति की निगरानी सीएम डैशबोर्ड के माध्यम से करते रहें। समीक्षा के दौरान प्रगति धीमी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए उनके विरूद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। कई योजनाओं की धीमी प्रगति पर डीएम ने संबंधित अफसरों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। विद्युत विभाग की समीक्षा के दौरान डीएम ने एक्सईएन को निर्देशित किया कि विद्युत की आपूर्ति शासन से निर्धारित समय अवधि के अनुसार सुनिश्चित करें। लोकल फाल्ट आदि की समस्याएं शीघ्रता के साथ पूर्ण कराई जाय।बैठक में सीडीओ सौरभ गंगवार, डीडीओ शेषनाथ चौहान, डीसी मनरेगा रमेश यादव, डीसी एनआरएलएम एके जौहरी, जिला समाज कल्याण अधिकारी रमांशकर यादव आदि मौजूद रहे।