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हर स्कूल की होगी वेबसाइट, विद्यार्थियों की बनेगी ईमेल आईडी
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जिले के माध्यमिक विद्यालयों में डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके लिए विद्यालयों की वेबसाइट तैयार की जाएगी। उस पर पाठ्यक्रम से जुड़ी सामग्री अपलोड की जाएगी। बच्चों की ई-मेल आईडी बनाई जाएगी। डीआईओएस ने इसके लिए सभी प्रधानाचार्यों को निर्देशित कर दिया है। डीआओएस कार्यालय से मॉनिटरिंग की जाएगी।
माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से राजकीय व माध्यमिक विद्यालयों में निजी स्कूलों की तर्ज पर बच्चों को शिक्षा मुहैया कराने की दिशा में पहल तेज कर दी गई है। शासन के निर्देश पर जल्द ही 46 राजकीय हाईस्कूल व इंटर और 10 सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों की वेबसाइट तैयार की जाएगी। स्कूल में दाखिला पाने वाले हर बच्चे की यूनीक आईडी बनाई जाएगी। इंटरमीडिएट तक की कक्षाओं में प्रवेश इसी आईडी के आधार पर मिलेगा। स्कूल की वेबसाइट पर विद्यालयों को छात्र-छात्राओं का ब्योरा अपलोड करना होगा। इस पहल से पता चल सकेगा कि निजी स्कूल के कितने बच्चे सरकारी स्कूलों में दाखिल हुए और सरकारी स्कूलों के कितने बच्चों ने निजी विद्यालयों की राह पकड़ी। यदि दोनों जगह नहीं हैं तो बच्चे कहां हैं? इस कार्य के लिए बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग मिलकर कार्य करेगा और सॉफ्टवेयर एजेंसियों का भी सहयोग लेगा।
सभी प्रधानाचार्यों को पत्र भेजकर स्कूलों की वेबसाइट और बच्चों की ई-मेल आईडी बनाने के लिए निर्देशित कर दिया गया है। लापरवाही बरतने वाले प्रधानाचार्यों केे खिलाफ कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों से संस्तुति की जाएगी। - रविशंकर, जिला विद्यालय निरीक्षक।
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माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से राजकीय व माध्यमिक विद्यालयों में निजी स्कूलों की तर्ज पर बच्चों को शिक्षा मुहैया कराने की दिशा में पहल तेज कर दी गई है। शासन के निर्देश पर जल्द ही 46 राजकीय हाईस्कूल व इंटर और 10 सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों की वेबसाइट तैयार की जाएगी। स्कूल में दाखिला पाने वाले हर बच्चे की यूनीक आईडी बनाई जाएगी। इंटरमीडिएट तक की कक्षाओं में प्रवेश इसी आईडी के आधार पर मिलेगा। स्कूल की वेबसाइट पर विद्यालयों को छात्र-छात्राओं का ब्योरा अपलोड करना होगा। इस पहल से पता चल सकेगा कि निजी स्कूल के कितने बच्चे सरकारी स्कूलों में दाखिल हुए और सरकारी स्कूलों के कितने बच्चों ने निजी विद्यालयों की राह पकड़ी। यदि दोनों जगह नहीं हैं तो बच्चे कहां हैं? इस कार्य के लिए बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग मिलकर कार्य करेगा और सॉफ्टवेयर एजेंसियों का भी सहयोग लेगा।
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सभी प्रधानाचार्यों को पत्र भेजकर स्कूलों की वेबसाइट और बच्चों की ई-मेल आईडी बनाने के लिए निर्देशित कर दिया गया है। लापरवाही बरतने वाले प्रधानाचार्यों केे खिलाफ कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों से संस्तुति की जाएगी। - रविशंकर, जिला विद्यालय निरीक्षक।
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