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हक के िलए कर्मचारी एकजुट
ब्यूरो/अमर उजाला/सोनभद्र
Updated Mon, 28 Mar 2016 11:16 PM IST
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खडिय़ा परियोजना में महाप्रबंधक कार्यालय के समक्ष अनशन के दौरान प्रदर्शन कर आवाज उठाते तकनीकी कर्मचारी।
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खाली आवासों के आवंटन, वेतन विसंगति, एचआरए (आवासीय भत्ता) सहित 14 सूत्री मांगों को लेकर कोल इंडिया आईटीआई इंप्लाइज एसोसिएशन (सीटिया) ने सोमवार से क्रमिक अनशन की शुरुआत कर दी। मांगें पूरी न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी गई।
एनसीएल जोन महामंत्री वीके पटेल ने कहा कि खड़िया परियोजना में 14 सूत्री और निगाही में 12 सूत्री मांगों को लेकर संगठन लंबे समय से आवाज उठा रहा है, लेकिन अब तक एक भी मांग का सही हल नहीं निकल सका है।
खड़िया इकाई के अध्यक्ष एसएन चौधरी, सचिव सत्यजीत राजू, संगठन मंत्री आरएस मिश्रा, देवेंद्र सिंह का कहना था कि परियोजना प्रबंधन से खाली पड़े आवासों के आवंटन, अवैध कब्जों को खाली कराने, लंबित एरियर का भुगतान, वेतन विसंगति दूर करने, रिक्त पदों को पदोन्नति कर भरे जाने आदि को लेकर कई बार मांग की गई। पत्रक सौंपा गया।
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एनसीएल मुख्यालय को अवगत कराया गया लेकिन अभी तक समस्याएं जस की तस हैं। निगाही इकाई सचिव द्वारिकानाथ वर्मा, अखिलेश सिंह, संरक्षक सुभाष सिंह का कहना था कि आवासीय भत्ता सहित कई मसलों पर उनके यहां गतिरोध बना हुआ है।
संगठन स्तर से कई बार इसको लेकर प्रबंधन के लोगों से मुलाकात की गई लेकिन किसी भी बिंदु पर ठोस निर्णय नहीं हुआ। कहा कि शीघ्र मांगों पर संजीदगी पूर्ण पहल सामने नहीं आई तो खड़िया, निगाही के साथ ही अन्य परियोजनाओं में भी संगठन आंदोलन की शुरुआत करने को बाध्य होंगे।
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एनसीएल जोन महामंत्री वीके पटेल ने कहा कि खड़िया परियोजना में 14 सूत्री और निगाही में 12 सूत्री मांगों को लेकर संगठन लंबे समय से आवाज उठा रहा है, लेकिन अब तक एक भी मांग का सही हल नहीं निकल सका है।
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खड़िया इकाई के अध्यक्ष एसएन चौधरी, सचिव सत्यजीत राजू, संगठन मंत्री आरएस मिश्रा, देवेंद्र सिंह का कहना था कि परियोजना प्रबंधन से खाली पड़े आवासों के आवंटन, अवैध कब्जों को खाली कराने, लंबित एरियर का भुगतान, वेतन विसंगति दूर करने, रिक्त पदों को पदोन्नति कर भरे जाने आदि को लेकर कई बार मांग की गई। पत्रक सौंपा गया।
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एनसीएल मुख्यालय को अवगत कराया गया लेकिन अभी तक समस्याएं जस की तस हैं। निगाही इकाई सचिव द्वारिकानाथ वर्मा, अखिलेश सिंह, संरक्षक सुभाष सिंह का कहना था कि आवासीय भत्ता सहित कई मसलों पर उनके यहां गतिरोध बना हुआ है।
संगठन स्तर से कई बार इसको लेकर प्रबंधन के लोगों से मुलाकात की गई लेकिन किसी भी बिंदु पर ठोस निर्णय नहीं हुआ। कहा कि शीघ्र मांगों पर संजीदगी पूर्ण पहल सामने नहीं आई तो खड़िया, निगाही के साथ ही अन्य परियोजनाओं में भी संगठन आंदोलन की शुरुआत करने को बाध्य होंगे।