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कोडार गाव में दो किसानों के घरो को हाथियों ने ढहाया

Sat, 29 Aug 2020 10:42 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 29 Aug 2020 10:42 PM IST
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Elephants demolished the houses of two farmers
बभनी। जिले के सीमावर्ती इलाकों में सप्ताह भर से हाथियों का उत्पात जारी है। ग्रामीण दहशत में जीने को मजबूर हैं। हाथियों का झुंड छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में किसानों का घर ढहाने के बाद अब यूपी के जरहां वन रेंज में पहुंच कर उत्पात मचा रहे हैं।
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शुक्रवार रात कोडार गांव में हाथियों ने दो किसानों के मकानों को ढहाने के बाद फसलों को काफी नुकसान पहुंचाया। इसकी जानकारी होने पर वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी जंगल में पहुंच कर हाथियों को भगाने में जुट गए हैं। लेकिन शुक्रवार को नक्टू जंगल में हाथियों का झुंड भ्रमण करता रहा। किसान घर में रखे खाने की सामग्री को छिपाकर रख रहे हैं।
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शुक्रवार भोर हाथी कोडार के जंगल से होते हुए गांव में घुस कर दूधनाथ बैगा पुत्र रंजीत, मानशाह पुत्र रंजीत बैगा का घर ढहा दिया और फसलों को भी नुकसान पहुंचाया। ग्रामीण और वन विभाग की टीम ने हाथियों को खदेड़ा। इसके बाद हाथियों का झुंड नकटु और कोडार के जंगल में चले गए।
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हाथियों की निगरानी के लिए वन क्षेत्राधिकारी जरहा जहिर मिर्जा, डिप्टी रेजर पंकज सिंह, वन दरोगा राजबली सिंह सहित अन्य वन कर्मी ग्रामीणों के साथ हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ने में लगे हुए हैं। डिप्टी रेंजर पंकज कुमार सिंह ने बताया कि हाथियों का झुंड गांव में न प्रवेश कर सके इसके लिए टीम जंगल के सीमाओं पर तैनात है। कहा कि जिले से हाथियों को खदेड़ने का पूरा प्रयास किया जा रहा है।
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इनसेट
नवाटोला गांव में भी ढहा चुके हैं घर
बभनी। पांच दिन पूर्व हाथियों का झुंड बभनी रेंज के नवाटोला गांव के रहने वाले किसान रामवृक्ष और अरविंद कुमार का घर ढहा चुके हैं। इसके साथ ही दर्जनों किसानों के फसलों को नुकसान पहुंचाया है। नवाटोला के बाद हाथियों का झुंड चरचरी, झापर और गोभा होते हुए शुक्रवार की रात जरहा वन रेंज के कोडार पहुंच कर मकानों को गिरा दिया। ग्रामीण और वन कर्मियों के खदेड़ने पर नक्टू जंगल में घुस गए हैं।
पिछले साल भी पहुंचाया था नुकसान
बभनी। पिछले साल हाथियों का दल अक्टूबर और नवंबर महीने में बभनी तथा जरहां रेंज के गांवों में किसानों का काफी नुकसान पहुंचाया था। इस वर्ष अगस्त में ही हाथियों का झुंड पहुंच गया। वन क्षेत्राधिकारी जरहां जहीर मिर्जा ने बताया कि हाथी छत्तीसगढ़ के सेंचुरी एरिया में रहते हैं। सेंचुरी एरिया से हाथियों के निकलने के कई कारण हैं जैसे हाथियों में दुराव हो जाता है, खाने की समस्या हो जाती है। इस नाते हाथी बाहर की ओर रुख करते हैं।

कहा कि महुआ का फूल, शराब दूर रखें उसकी महक से भी हाथी पहुंचते हैं। हाथियों से छेड़खानी न करें, हमेशा समूह में रहें, घर के आस-पास अलाव जलाकर रखें इससे हाथी दूर भागते हैं।
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