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मांगों को लेकर विद्युत कर्मियों ने उठाई आवाज
ब्यूरो/ अमर उजाला /सोनभद्र
Updated Mon, 25 Jul 2016 10:12 PM IST
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अनपरा परियोजना गेट पर 31 सूत्रीय मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन करते विद्युत कर्मचारी।
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। उत्पादन प्रोत्साहन भत्ता लागू करने सहित 31 सूत्री मांगों को लेकर भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध उत्तर प्रदेश ताप विद्युत मजदूर संघ ने सोमवार से अनपरा परियोजना गेट पर बेमियादी धरना शुरू कर दिया। मांगों को लेकर प्रदर्शन भी किया। अगुवाई कर रहे अध्यक्ष शारदा प्रसाद ने कहा कि टेक्नीशियन ग्रेड प्रथम के 76 रिक्त पदों पर टेक्नीशियन ग्रेड द्वितीय पद के कार्मिकों की पदोन्नति की जाए।
उन्होंने परिचालकीय कार्मिकों को अप्रैल 2015 से बकाया ओवरटाइम का भुगतान, अवर अभियंता के 40 प्रतिशत पदों पर पदोन्नति, अनपरा डी के परिचालकीय कर्मियों को ओवर टाइम, राख/कोयला भत्ता, नवनियुक्त तकनीकी ग्रेड द्वितीय कर्मियों को सेकेंड टाइप आवास, सीयूजी मोबाइल सुविधा की मांग की । मंत्री ओमदत्त सिंह ने प्रबंधन पर उपेक्षा का आरोप लगाया और मृतक आश्रितों के लिए आवास आवंटन आदेश में अवधि की सीमा, किराया-जल शुल्क वसूली समाप्त करने, जलापूर्ति में नियोजित संविदा श्रमिकों को नियमित कर्मियों की भांति वेतन, आवासीय सुविधा, बोनस, नियोजन कार्ड, ईपीएफ आदि की मांग की। महामंत्री पवन श्रीवास्तव ने कहा कि आडिटोरियम के आधुनिकीकरण, आवासों को दुरुस्त कराने, ग्रेच्युटी एक्ट 1972 और अनुग्रह क्षतिपूर्ति योजना के तहत प्रपत्र भरवाकर सेवा पुस्तिका में चस्पा करने की मांग लंबे समय से की जा रही है। मनमोहन गोपाल, शिवलाल, श्रवण कुमार, राधे श्याम मिश्र, कमला आदि मौजूद रहे।
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उन्होंने परिचालकीय कार्मिकों को अप्रैल 2015 से बकाया ओवरटाइम का भुगतान, अवर अभियंता के 40 प्रतिशत पदों पर पदोन्नति, अनपरा डी के परिचालकीय कर्मियों को ओवर टाइम, राख/कोयला भत्ता, नवनियुक्त तकनीकी ग्रेड द्वितीय कर्मियों को सेकेंड टाइप आवास, सीयूजी मोबाइल सुविधा की मांग की । मंत्री ओमदत्त सिंह ने प्रबंधन पर उपेक्षा का आरोप लगाया और मृतक आश्रितों के लिए आवास आवंटन आदेश में अवधि की सीमा, किराया-जल शुल्क वसूली समाप्त करने, जलापूर्ति में नियोजित संविदा श्रमिकों को नियमित कर्मियों की भांति वेतन, आवासीय सुविधा, बोनस, नियोजन कार्ड, ईपीएफ आदि की मांग की। महामंत्री पवन श्रीवास्तव ने कहा कि आडिटोरियम के आधुनिकीकरण, आवासों को दुरुस्त कराने, ग्रेच्युटी एक्ट 1972 और अनुग्रह क्षतिपूर्ति योजना के तहत प्रपत्र भरवाकर सेवा पुस्तिका में चस्पा करने की मांग लंबे समय से की जा रही है। मनमोहन गोपाल, शिवलाल, श्रवण कुमार, राधे श्याम मिश्र, कमला आदि मौजूद रहे।
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