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Sonebhadra News: 1240 मेगावाट बढ़ी बिजली की मांग
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बारिश के बाद धूप निकलने से तापमान में लगातार वृद्धि हो रही है। इससे 1240 मेगावाट बिजली की मांग बढ़ी है।
जल विद्युत इकाइयों से लगातार उत्पादन हो रहा है। सात फाटक खुलने के बाद रिहंद का जलस्तर 868.2 फीट पर आ गया। बारिश के कारण तापमान में गिरावट आने के बाद प्रदेश में बिजली की मांग बुधवार को 25251 मेगावाट पर आ गई थी।
बारिश के बाद धूप निकलने से उमस और तापमान बढ़ गया। जिस कारण बिजली की मांग भी चार दिन में चार हजार मेगावाट बढ़ गई। शनिवार को बिजली की अधिकतम मांग 27886 मेगावाट और न्यूनतम मांग 17662 मेगावाट पर थी।
अगले दिन रविवार को बिजली की अधिकतम मांग 29126 मेगावाट और न्यूनतम मांग 19055 मेगावाट दर्ज की गई। छत्तीसगढ़ में बारिश बंद होने पर रिहंद का जलस्तर स्थिर हो गया है। इस बीच अनपरा की 210 मेगावाट की पहली ईकाई बीटीएल के कारण बंद हो गई।
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रविवार की देर शाम निगम की सभी इकाइयों से 3873 मेगावाट का उत्पादन कर निगम को आपूर्ति जारी रही। पीक आवर में बिजली की अधिकतम मांग 29126 मेगावाट और न्यूनतम मांग 19055 मेगावाट पर रही।
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जल विद्युत इकाइयों से लगातार उत्पादन हो रहा है। सात फाटक खुलने के बाद रिहंद का जलस्तर 868.2 फीट पर आ गया। बारिश के कारण तापमान में गिरावट आने के बाद प्रदेश में बिजली की मांग बुधवार को 25251 मेगावाट पर आ गई थी।
बारिश के बाद धूप निकलने से उमस और तापमान बढ़ गया। जिस कारण बिजली की मांग भी चार दिन में चार हजार मेगावाट बढ़ गई। शनिवार को बिजली की अधिकतम मांग 27886 मेगावाट और न्यूनतम मांग 17662 मेगावाट पर थी।
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अगले दिन रविवार को बिजली की अधिकतम मांग 29126 मेगावाट और न्यूनतम मांग 19055 मेगावाट दर्ज की गई। छत्तीसगढ़ में बारिश बंद होने पर रिहंद का जलस्तर स्थिर हो गया है। इस बीच अनपरा की 210 मेगावाट की पहली ईकाई बीटीएल के कारण बंद हो गई।
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रविवार की देर शाम निगम की सभी इकाइयों से 3873 मेगावाट का उत्पादन कर निगम को आपूर्ति जारी रही। पीक आवर में बिजली की अधिकतम मांग 29126 मेगावाट और न्यूनतम मांग 19055 मेगावाट पर रही।