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बिजली नहीं पहुंची, बिल आने लगा
ब्यूरो/ अमर उजाला /सोनभद्र
Updated Mon, 16 May 2016 10:09 PM IST
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परिक्षेत्र के नेमना, पिंडारी, सेंदूर, जरहां के दिघुल टोला में बिजली आनी शुरू नहीं हुई है, लेकिन विद्युत बिल पहुंचना शुरू हो गया है। इसको लेकर पीड़ितों ने संबंधितों से कई बार फरियाद लगाई लेकिन अब तक उन्हें कागज पर प्रयोग की जा रही बिजली और इसके एवज में भेजे जा रहे बिल से निजात नहीं मिल सका है। अलबत्ता अब उन पर बिल अदायगी का दबाव बनाया जाने लगा है। यह हाल तब है, जब चारों गांव लोहिया समग्र ग्राम का दर्जा पा चुके हैं।
नेमना के पूर्व प्रधान लक्ष्मीनारायण विश्वकर्मा, शैलेंद्र दुबे, जरहां निवासी लल्लू बाबू, मुन्नालाल, राजकुमार सिंह आदि का कहना है कि वर्ष भर पूर्व चारों गांवों में विद्युतीकरण की प्रक्रिया शुरू किए जाने की बात सामने आई, लेकिन नेमना, पिंडारी, सेंदूर में जहां बिजली तार का ही पता नहीं है। वहीं दिघुल टोला में खंभे गाड़कर तार खिंच दिए गए लेकिन ट्रांसफार्मर नदारद हैं।
ग्रामीणों के मुताबिक करीब एक वर्ष पूर्व उनके यहां कैंप लगाकर बिजली कनेक्शन दिए गए। कहा गया कि एक दो महीने में विद्युतीकरण कार्य पूरा कर बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी और इसके बाद ही विद्युत बिल वसूला जाएगा। लेकिन बिजली तो नहीं आई बिल जरूर पहुंचने लगा। लक्ष्मी बताते हैं कि वह ग्रामीणों के साथ मसले को लेकर तहसील दिवस के साथ ही विभागीय अधिकारियों से कई बार गुहार लगा चुके हैं लेकिन राहत अब तक नसीब नहीं हो सकी। लोगों का कहना है कि बिजली न मिलने से हम लोग आदिम युग में जीने को मजबूर हैं। बिजली के अभाव में कई जरूरी चीजों से हम लोग वंचित है। उधर, पिपरी विद्युत वितरण खंड के एक्सईएन एके लाल का कहना था कि उन्हें फिलहाल प्रकरण की जानकारी नहीं है। जानकारी करके जरूरी कदम उठाएंगे।
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नेमना के पूर्व प्रधान लक्ष्मीनारायण विश्वकर्मा, शैलेंद्र दुबे, जरहां निवासी लल्लू बाबू, मुन्नालाल, राजकुमार सिंह आदि का कहना है कि वर्ष भर पूर्व चारों गांवों में विद्युतीकरण की प्रक्रिया शुरू किए जाने की बात सामने आई, लेकिन नेमना, पिंडारी, सेंदूर में जहां बिजली तार का ही पता नहीं है। वहीं दिघुल टोला में खंभे गाड़कर तार खिंच दिए गए लेकिन ट्रांसफार्मर नदारद हैं।
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ग्रामीणों के मुताबिक करीब एक वर्ष पूर्व उनके यहां कैंप लगाकर बिजली कनेक्शन दिए गए। कहा गया कि एक दो महीने में विद्युतीकरण कार्य पूरा कर बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी और इसके बाद ही विद्युत बिल वसूला जाएगा। लेकिन बिजली तो नहीं आई बिल जरूर पहुंचने लगा। लक्ष्मी बताते हैं कि वह ग्रामीणों के साथ मसले को लेकर तहसील दिवस के साथ ही विभागीय अधिकारियों से कई बार गुहार लगा चुके हैं लेकिन राहत अब तक नसीब नहीं हो सकी। लोगों का कहना है कि बिजली न मिलने से हम लोग आदिम युग में जीने को मजबूर हैं। बिजली के अभाव में कई जरूरी चीजों से हम लोग वंचित है। उधर, पिपरी विद्युत वितरण खंड के एक्सईएन एके लाल का कहना था कि उन्हें फिलहाल प्रकरण की जानकारी नहीं है। जानकारी करके जरूरी कदम उठाएंगे।
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