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उत्पादन पर लेने के प्रयास तेज
ब्यूरो,अमर उजाला/सोनभद्र
Updated Sun, 27 Mar 2016 11:57 PM IST
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बिजली
- फोटो : अमर उजाला
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अनपरा डी की पांच सौ मेगावाट वाली दूसरी इकाई से लगातार उत्पादन को देखते हुए, अब इसी क्षमता की पहली इकाई को भी जल्द से जल्द उत्पादन पर लाने का प्रयास जारी है। इसी कड़ी में रविवार से स्टीम ब्लोइंग (भाप के जरिए मशीन के अंदर पड़ी गंदगी को बाहर निकालना) का काम शुरू कर दिया गया।
इसके बाद स्टीम डंपिंग (टरबाइन के हिस्से की भाप के जरिए साफ-सफाई) की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। सब कुछ ओके मिला तो अप्रैल के दूसरे सप्ताह में इकाई को लाइटअप कर उत्पादन पर ले लिया जाएगा।
तपिश में बढ़ती बिजली की जरूरत को देखते हुए होली से ही थर्मल बैकिंग का सिलसिला थम गया है। वहीं अनपरा डी से भी भरपूर बिजली उत्पादन की उम्मीद की जाने लगी है।
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इसी क्रम में दूसरी इकाई से साढ़े तीन से चार सौ मेगावाट लगातार बिजली पैदा किए जाने का क्रम जारी है।
इसी के साथ पहली इकाई को रविवार को स्टीम ब्लोइंग प्रक्रिया में ले लिया गया। भेल के अनपरा डी निर्माण प्रबंधक इं. आरके श्रीवास्तव ने बताया कि इस प्रक्रिया के पूर्ण होने के बाद स्टीम डंपिंग की प्रक्रिया अपनाकर सिलिका कम से कम करने की कोशिश की जाएगी और भाप डंपिंग के स्तर का पैरामीटर चेक किया जाएगा।
उम्मीद है कि अप्रैल के पहले सप्ताह तक सब कुछ ओके हो जाएगा और दूसरे सप्ताह में इकाई को उत्पादन पर लेने की कवायद शुरू कर दी जाएगी। इसे लेकर इकाई में तैयारी चरम पर है।
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इसके बाद स्टीम डंपिंग (टरबाइन के हिस्से की भाप के जरिए साफ-सफाई) की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। सब कुछ ओके मिला तो अप्रैल के दूसरे सप्ताह में इकाई को लाइटअप कर उत्पादन पर ले लिया जाएगा।
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तपिश में बढ़ती बिजली की जरूरत को देखते हुए होली से ही थर्मल बैकिंग का सिलसिला थम गया है। वहीं अनपरा डी से भी भरपूर बिजली उत्पादन की उम्मीद की जाने लगी है।
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इसी क्रम में दूसरी इकाई से साढ़े तीन से चार सौ मेगावाट लगातार बिजली पैदा किए जाने का क्रम जारी है।
इसी के साथ पहली इकाई को रविवार को स्टीम ब्लोइंग प्रक्रिया में ले लिया गया। भेल के अनपरा डी निर्माण प्रबंधक इं. आरके श्रीवास्तव ने बताया कि इस प्रक्रिया के पूर्ण होने के बाद स्टीम डंपिंग की प्रक्रिया अपनाकर सिलिका कम से कम करने की कोशिश की जाएगी और भाप डंपिंग के स्तर का पैरामीटर चेक किया जाएगा।
उम्मीद है कि अप्रैल के पहले सप्ताह तक सब कुछ ओके हो जाएगा और दूसरे सप्ताह में इकाई को उत्पादन पर लेने की कवायद शुरू कर दी जाएगी। इसे लेकर इकाई में तैयारी चरम पर है।