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कांपी धरती, ढहे मकान, पड़ीं दरारें
ब्यूरो अमर उजाला, सोनभद्र
Updated Sun, 26 Apr 2015 12:01 AM IST
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जनपद में शनिवार की दोपहर आधे घंटे के भीतर दो बार भूकंप के झटके महसूस किए गए। पहली बार करीब दो मिनट, दूसरी बार दस सेकेंड तक भूकंप की तीव्रता बनी रही।
तीसरी बार भी भूकंप के झटके की आशंका से लोग देर तक सहमे रहे। इसके चलते कई जगहों पर कच्चे मकान ढह गए। पक्के मकान की दीवारों में दरारें पड़ गईं।
दोपहर में आराम फरमाने वालों की नींद उड़ रही। घड़ी की सुइयों ने जब तीन बजाया, तब जाकर लोगों ने राहत की सांस ली।
राबर्ट्सगंज परिक्षेत्र में भूकंप का पहला झटका पूर्वान्ह 11:44 बजे आया। यह झटका 30 से 50 सेकेंड तक रहा। घरों के बर्तन, चौकी, दरवाजा हिलने लगे तो लोग घरों से बाहर भाग आए।
अस्पताल, कचहरी, सरकारी और गैर सरकारी कार्यालयों सब जगह यहीं हाल रहा। राबर्ट्सगंज कचहरी में वकील अपने चैम्बर में बैठे हुए थे तभी अचानक उनकी मेज हिलने लगी तो भूकंप आने की बात कहकर शोरगुल करके वादकारियों के साथ बाहर निकल आए। कलेक्ट्रेट स्थित विकास भवन कार्यालय के कई भवनों में दरारें पड़ गईं।
इसी तरह ऊर्जांचल में पहली बार 11.45 पर झटका आया। खदान क्षेत्र की एरिया होने के कारण पहले तो लोगों ने समझा कि कहीं तेजी से हुए विस्फोट का का कंपन है, लेकिन घड़ी पर नजर गई तो उनके होश उड़ गए।
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अनपरा, कुलडोमरी, बैरपान, बीना, रेणुसागर, ककरी, शक्तिनगर, अंबेडकरनगर, सिंगरौली, बैढ़न, मोरवा, नवानगर सभी जगहों पर लोग बाहर के लिए भाग पड़े । स्कूलों में छुट्टी के समय आए भूकंप ने अफरातफरी की स्थिति मचा दी।
अनपरा स्थित सेंट फ्रांसिस स्कूल, डीएवी पब्लिक स्कूल, डा. अंबेडकर सरस्वती विद्या मंदिर आदि विद्यालयों के बच्चे क्लास छोड़ परिसर में भाग निकले।
अनपरा डी परियोजना में स्ट्रक्चर हिलता देख तमाम मजदूर काम छोड़कर सुरक्षित जगह के लिए दौड़ पड़े। औड़ी स्थित सेंटर प्वाइंट, होटल, लाज के ऊपरी हिस्सों से सड़क पर भागने के सिलसिले ने चंद मिनट के लिए अफरातफरी की स्थिति पैदा कर दी।
इसमें करीब 15 सेकेंड तक तीव्रता तेज होने के कारण कई घरों की दीवारों में दरार आ गई। 11.17 पर दस सेकेंड के लिए दोबारा झटका आया लेकिन इसकी तीव्रता कम होने के कारण कोई खास असर नहीं हुआ लेकिन इस बार लोग बेचैन होकर घरों के बाहर निकल पड़े।
दो से 2.40 के बीच भी झटके की आशंका लोगों को बेचैन किए रही। तमाम लोगों ने इस समय को घरों के बाहर लान, पार्किंग, पार्क, सड़कों पर टहलकर बिताया।
वैनी प्रतिनिधि के मुताबिक नगवां सीएचसी पर भूकंप के झटके आने पर लोग बाहर भाग लिए। रायपुर थाना क्षेत्र के सिकरवार गांव निवासी बाघे सिंह का बैठका और आमडीह गांव निवासी अवधेश प्रजापति का घर भूकंप के झटके से भरभराकर गिर पड़ा।
सिकरवार गांव निवासी रामकृत यादव के मकान में दरार पड़ गई। भूकंप का असर सीमा से सटे झारखंड और बिहार में भी देखने को मिला।
रामगढ़ प्रतिनिधि के मुताबिक भूकंप के झटके से पन्नूगंज थाना क्षेत्र के शिवपुर गांव निवासी राजकुमार देव पांडेय, बकवार गांव निवासी अशोक वियार का मकान ढह गया।
संकठा प्रसाद माध्यमिक विद्यालय बनौरा का टीन शेड गिर गया। जयमोहरा गांव निवासी धर्मेंद्र मिश्रा, बकवार गांव निवासी रामराज की दीवार में दरार पड़ गई।
बभनी/कोन/केकराही/सलखन प्रतिनिधि के मुताबिक भूकंप के झटके के चलते तमाम लोग घरों से बाहर निकल आए।
घोरावल प्रतिनिधि के अनुसार इलाके के घोरावल बाजार, लोहाड़ी, शिवद्वार, वर्दिया, लिलवाही, कोहरथा, खगिया, मध्य प्रदेश के सीमावर्ती गांवों झरकटा, खैड़ार, पोड़ी, गोड़गवां, बरवाडीह में देर तक बेचैनी का सबब बना रहा।
चोपन प्रतिनिधि के मुताबिक क्षेत्र के कई गांवों में भूकंप का असर रहा। डाला प्रतिनिधि के मुताबिक भूकंप के चलते लोग घरों और दूकानाें से बाहर निकल आए। विंढमगंज प्रतिनिधि के मुताबिक लोग देर तक घरों से बाहर शरण लिए रहे।
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तीसरी बार भी भूकंप के झटके की आशंका से लोग देर तक सहमे रहे। इसके चलते कई जगहों पर कच्चे मकान ढह गए। पक्के मकान की दीवारों में दरारें पड़ गईं।
दोपहर में आराम फरमाने वालों की नींद उड़ रही। घड़ी की सुइयों ने जब तीन बजाया, तब जाकर लोगों ने राहत की सांस ली।
राबर्ट्सगंज परिक्षेत्र में भूकंप का पहला झटका पूर्वान्ह 11:44 बजे आया। यह झटका 30 से 50 सेकेंड तक रहा। घरों के बर्तन, चौकी, दरवाजा हिलने लगे तो लोग घरों से बाहर भाग आए।
अस्पताल, कचहरी, सरकारी और गैर सरकारी कार्यालयों सब जगह यहीं हाल रहा। राबर्ट्सगंज कचहरी में वकील अपने चैम्बर में बैठे हुए थे तभी अचानक उनकी मेज हिलने लगी तो भूकंप आने की बात कहकर शोरगुल करके वादकारियों के साथ बाहर निकल आए। कलेक्ट्रेट स्थित विकास भवन कार्यालय के कई भवनों में दरारें पड़ गईं।
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इसी तरह ऊर्जांचल में पहली बार 11.45 पर झटका आया। खदान क्षेत्र की एरिया होने के कारण पहले तो लोगों ने समझा कि कहीं तेजी से हुए विस्फोट का का कंपन है, लेकिन घड़ी पर नजर गई तो उनके होश उड़ गए।
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अनपरा, कुलडोमरी, बैरपान, बीना, रेणुसागर, ककरी, शक्तिनगर, अंबेडकरनगर, सिंगरौली, बैढ़न, मोरवा, नवानगर सभी जगहों पर लोग बाहर के लिए भाग पड़े । स्कूलों में छुट्टी के समय आए भूकंप ने अफरातफरी की स्थिति मचा दी।
अनपरा स्थित सेंट फ्रांसिस स्कूल, डीएवी पब्लिक स्कूल, डा. अंबेडकर सरस्वती विद्या मंदिर आदि विद्यालयों के बच्चे क्लास छोड़ परिसर में भाग निकले।
अनपरा डी परियोजना में स्ट्रक्चर हिलता देख तमाम मजदूर काम छोड़कर सुरक्षित जगह के लिए दौड़ पड़े। औड़ी स्थित सेंटर प्वाइंट, होटल, लाज के ऊपरी हिस्सों से सड़क पर भागने के सिलसिले ने चंद मिनट के लिए अफरातफरी की स्थिति पैदा कर दी।
इसमें करीब 15 सेकेंड तक तीव्रता तेज होने के कारण कई घरों की दीवारों में दरार आ गई। 11.17 पर दस सेकेंड के लिए दोबारा झटका आया लेकिन इसकी तीव्रता कम होने के कारण कोई खास असर नहीं हुआ लेकिन इस बार लोग बेचैन होकर घरों के बाहर निकल पड़े।
दो से 2.40 के बीच भी झटके की आशंका लोगों को बेचैन किए रही। तमाम लोगों ने इस समय को घरों के बाहर लान, पार्किंग, पार्क, सड़कों पर टहलकर बिताया।
वैनी प्रतिनिधि के मुताबिक नगवां सीएचसी पर भूकंप के झटके आने पर लोग बाहर भाग लिए। रायपुर थाना क्षेत्र के सिकरवार गांव निवासी बाघे सिंह का बैठका और आमडीह गांव निवासी अवधेश प्रजापति का घर भूकंप के झटके से भरभराकर गिर पड़ा।
सिकरवार गांव निवासी रामकृत यादव के मकान में दरार पड़ गई। भूकंप का असर सीमा से सटे झारखंड और बिहार में भी देखने को मिला।
रामगढ़ प्रतिनिधि के मुताबिक भूकंप के झटके से पन्नूगंज थाना क्षेत्र के शिवपुर गांव निवासी राजकुमार देव पांडेय, बकवार गांव निवासी अशोक वियार का मकान ढह गया।
संकठा प्रसाद माध्यमिक विद्यालय बनौरा का टीन शेड गिर गया। जयमोहरा गांव निवासी धर्मेंद्र मिश्रा, बकवार गांव निवासी रामराज की दीवार में दरार पड़ गई।
बभनी/कोन/केकराही/सलखन प्रतिनिधि के मुताबिक भूकंप के झटके के चलते तमाम लोग घरों से बाहर निकल आए।
घोरावल प्रतिनिधि के अनुसार इलाके के घोरावल बाजार, लोहाड़ी, शिवद्वार, वर्दिया, लिलवाही, कोहरथा, खगिया, मध्य प्रदेश के सीमावर्ती गांवों झरकटा, खैड़ार, पोड़ी, गोड़गवां, बरवाडीह में देर तक बेचैनी का सबब बना रहा।
चोपन प्रतिनिधि के मुताबिक क्षेत्र के कई गांवों में भूकंप का असर रहा। डाला प्रतिनिधि के मुताबिक भूकंप के चलते लोग घरों और दूकानाें से बाहर निकल आए। विंढमगंज प्रतिनिधि के मुताबिक लोग देर तक घरों से बाहर शरण लिए रहे।