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Sonebhadra News: पहले तीन-चार जलते थे, अब रोज फुंक रहे 8-9 ट्रांसफाॅर्मर

Thu, 01 May 2025 11:20 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 01 May 2025 11:20 PM IST
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Earlier three-four transformers used to burn, now 8-9 transformers are blowing up every day
सोनभद्र। मौसम की मार और फिर लोड बढ़ने से ओवर हिटिंग के कारण ट्रांसफाॅर्मर फुंकने की संख्या में इजाफा हुआ है। सामान्य दिनों में औसतन तीन से चार ट्रांसफॉर्मर रोज जलते थे, अब इनकी संख्या आठ से नौ तक पहुंच गई है। इससे वर्कशॉप पर लोड बढ़ा है। छोटे ट्रांसफॉर्मर उपलब्ध होने पर शीघ्र बदल दिए जा रहे हैं, लेकिन 100 केवीए क्षमता से बड़े ट्रांसफॉर्मर बदलने में वक्त लग रहा है। इन इलाकों में बिजली आपूर्ति के लिए ट्रॉली ट्रांसफॉर्मर की मदद ली जा रही है।
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गर्मी इन दिनों चरम पर है। मध्य अप्रैल से ही तापमान में वृद्धि हुई है। गर्मी से बचने के लिए लोग कूलर, एसी, पंखा, फ्रिज जैसे उपकरणों का उपयोग कर रहे हैं। इसके चलते बिजली की खपत में इजाफा हुआ है। सामान्य दिनों की अपेक्षा जिले में खपत डेढ़ से दोगुना तक बढ़ गई है। ओवरलोड के कारण जंपर उड़ना, तार टूटने और ट्रांसफॉर्मर जलने की समस्या आम हो गई है। बिजली निगम के छपका स्थित वर्कशॉप के अवर अभियंता चंदन कुमार के अनुसार गर्मी बढ़ने और ओवर हिटिंग के कारण ट्रांसफाॅर्मर ज्यादा फुंक रहे हैं। सामान्य दिनों में जनपद में औसतन तीन से चार ट्रांसफाॅर्मर रोज जलते थे। इनकी मरम्मत कराते हुए 48 घंटे के अंदर भेज दिया जाता था।
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गर्मी बढ़ने के साथ ही ट्रांसफाॅर्मर जलने की घटनाएं भी बढ़ गई हैं। अब इनकी संख्या आठ से नौ तक पहुंच गई है। जले ट्रांसफाॅर्मर की मरम्मत कराई जा रही है। मरम्मत के सारे उपकरण उपलब्ध हैं, अभी कोई दिक्कत नहीं है। अवर अभियंता के मुताबिक अप्रैल माह में 112 ट्रांसफाॅर्मर जले हैं। ज्यादातर ट्रांसफाॅर्मर ओवर हिटिंग के कारण जल रहे हैं। सबसे अधिक ग्रामीण क्षेत्रों में लगे 10, 25, 63 केवीए के ट्रांसफाॅर्मर जल रहे हैं।
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फाॅल्ट के नाम पर तीन से चार घंटे कटौती
जिला मुख्यालय रॉबर्ट्सगंज में निर्बाध बिजली आपूर्ति का रोस्टर है। मगर फाॅल्ट होने तथा मरम्मत किए जाने के नाम पर जिला मुख्यालय की बिजली घंटों बाधित रहती है। लगभग हर दिन रॉबर्ट्सगंज में तीन से चार घंटे की कटौती की जा रही है। कटौती होने से उपभोक्ताओं को काफी परेशान होना पड़ रहा है।
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ग्रामीण क्षेत्र में दो घंटे में दस बार कटौती
जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण इलाकों तक बेतहाशा बिजली कटौती से उपभोक्ता परेशान हैं। कुसुम्हा उपकेंद्र के साथ ही अन्य इलाकों में दो घंटे में 10 से अधिक बिजली कट रही है। अनियमित बिजली आपूर्ति तथा अंधाधुंध कटौती से लोग परेशान हैं। गांवों में 18 घंटे बिजली देने के वादों को अधिकारी पूरा नहीं कर रहे हैं। दिन में महज दो से तीन घंटे ही बिजली सप्लाई हो रही है। उसमें भी ट्रिपिंग की समस्या बनी रहती है।

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वर्जन:

गर्मी बढ़ने से ट्रांसफाॅर्मर पहले से ज्यादा जल रहे हैं। पहले औसतन तीन से चार ट्रांसफाॅर्मर प्रतिदिन जलते थे, अब इसकी संख्या आठ से नौ तक पहुंच गई है। ट्रांसफाॅर्मर की मरम्मत कराई जा रही है। 48 घंटे के अंदर जले ट्रांसफाॅर्मर बदले जा रहे हैं। - चंदन कुमार, अवर अभियंता, वर्कशॉप बिजली छपका।
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