{"_id":"69a086f7c43caa7a2f07b5a3","slug":"drone-survey-conducted-inside-ishana-mine-information-was-obtained-about-mining-and-permits-issued-sonbhadra-news-c-194-1-son1002-142546-2026-02-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sonebhadra News: इशाना खदान के अंदर ड्रोन से कराया सर्वे, खनन और जारी परमिट की जानकारी ली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sonebhadra News: इशाना खदान के अंदर ड्रोन से कराया सर्वे, खनन और जारी परमिट की जानकारी ली
विज्ञापन
ओबरा में जांच करने पहुंची आयकर विभाग की टीम। संवाद
- फोटो : संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सोनभद्र/ओबरा। बलिया के रसड़ा से बसपा विधायक उमाशंकर सिंह सहित जिले के प्रमुख खनन कारोबारियों के ठिकानों पर आयकर विभाग की जांच बृहस्पतिवार को भी जारी रही। आयकर के 50 से ज्यादा अधिकारियों की टीम ने करीब 36 घंटे की जांच के दौरान खनन कारोबारियों के यहां से नकदी-जेवरात सहित कई अहम दस्तावेज हासिल किए हैं। खदान क्षेत्र में कैंप कर टीम ने ड्रोन के माध्यम से सर्वे भी कराया। खनन और जारी परमिट की जानकारी भी जुटाई।
ओबरा के कस्तूरबा मार्केट स्थित एसबीआई शाखा में 20 लाख रुपये नकद आयकर विभाग के खाते में जमा कराने का दावा किया गया। एक अन्य टीम ने भी कुछ अन्य सामान जमा कराए। हालांकि उसकी स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी। देर शाम तक टीम जांच में जुटी रही। आयकर विभाग की टीम बुधवार की सुबह करीब 10 बजे जिले में आई।
टीम ने बसपा विधायक उमाशंकर सिंह के रॉबर्ट्सगंज की अमरती कॉलोनी स्थित छात्र शक्ति कंस्ट्रक्शन के दफ्तर में पहुंचकर जांच शुरू की तो एक अन्य टीम ओबरा के बिल्ली मारकुंडी स्थित क्रशर प्लांट पर पहुंची। इसके अलावा डाला-बिल्ली क्रशर एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सिंह, उनके पड़ोसी व खनन कारोबारी सीबी गुप्ता के ओबरा सेक्टर 8 स्थित आवास, खनन कारोबारी देवेंद्र केशरी के शिवनगर कॉलोनी और संजीत चौबे के डिग्री कॉलेज रोड स्थित आवास पर भी आयकर की टीम पहुंची थी। चोपन में एक अन्य खनन कारोबारी नियाज अंसारी का प्रीतनगर स्थित आवास भी जांच के दायरे में हैं।
विज्ञापन
सभी ठिकानों पर पूरी रात और बृहस्पतिवार को भी देर शाम टीम छानबीन में जुटी रही। इस बीच बिल्ली मारकुंडी स्थित इशाना कंस्ट्रक्शन के खदान में पहुंचकर खनन क्षेत्र, बिक्री के लिए जारी होने वाले परमिट, बोल्डर परमिट सहित अन्य बिंदुओं पर जानकारी जुटाने में लगी हुई है। टीम ने ड्रोन कैमरा उड़ाकर खनन क्षेत्र की वास्तविक स्थिति का भी सर्वे किया। बृहस्पतिवार को दोपहर बाद आयकर विभाग की एक टीम ओबरा के कस्तूरबा मार्केट स्थित एसबीआई शाखा पहुंची। वहां आयकर विभाग के एसबीआई खाते में 20 लाख रुपये जमा कराए गए। कुछ देर बाद एक अन्य टीम भी पहुंची। आयकर विभाग की जांच से खनन कारोबारी सहमे हुए हैं।
दूसरे दिन भी ठप रहा खनन
आयकर विभाग की मौजूदगी का असर खनन क्षेत्र पर साफ देखा जा रहा है। ओबरा, डाला के खनन क्षेत्रों में बुधवार से बंद खनन कार्य दूसरे दिन भी ठप रहा। इस दौरान न ब्लास्टिंग हुई और न ही क्रशर प्लांटों पर काेई हलचल दिखी। गिट्टी लेने के लिए जो ट्रक पहले से नंबर लगाए थे, उन्हें भी इस हिदायत के साथ वापस कर दिया गया कि टीम के जाने पर ही कोई कार्य आगे बढ़ेगा।
सामान फेंकने की रही चर्चा
आयकर अधिकारियों की टीम पिछले 36 घंटे से भी अधिक समय से जिले में सात से अधिक अलग-अलग स्थानों पर जांच कर रही है। टीम गोपनीयता का ध्यान रखते हुए किसी भी प्रकार की जानकारी साझा करने से बच रही है। इस बीच अफवाहों का बाजार भी गर्म है। बुधवार की रात किसी कारोबारी के घर से नकदी-जेवर बाहर फेंकने की जोरों पर चर्चा थी, लेकिन कोई पुष्टि नहीं हो सकी।
विज्ञापन
ओबरा के कस्तूरबा मार्केट स्थित एसबीआई शाखा में 20 लाख रुपये नकद आयकर विभाग के खाते में जमा कराने का दावा किया गया। एक अन्य टीम ने भी कुछ अन्य सामान जमा कराए। हालांकि उसकी स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी। देर शाम तक टीम जांच में जुटी रही। आयकर विभाग की टीम बुधवार की सुबह करीब 10 बजे जिले में आई।
विज्ञापन
टीम ने बसपा विधायक उमाशंकर सिंह के रॉबर्ट्सगंज की अमरती कॉलोनी स्थित छात्र शक्ति कंस्ट्रक्शन के दफ्तर में पहुंचकर जांच शुरू की तो एक अन्य टीम ओबरा के बिल्ली मारकुंडी स्थित क्रशर प्लांट पर पहुंची। इसके अलावा डाला-बिल्ली क्रशर एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सिंह, उनके पड़ोसी व खनन कारोबारी सीबी गुप्ता के ओबरा सेक्टर 8 स्थित आवास, खनन कारोबारी देवेंद्र केशरी के शिवनगर कॉलोनी और संजीत चौबे के डिग्री कॉलेज रोड स्थित आवास पर भी आयकर की टीम पहुंची थी। चोपन में एक अन्य खनन कारोबारी नियाज अंसारी का प्रीतनगर स्थित आवास भी जांच के दायरे में हैं।
विज्ञापन
सभी ठिकानों पर पूरी रात और बृहस्पतिवार को भी देर शाम टीम छानबीन में जुटी रही। इस बीच बिल्ली मारकुंडी स्थित इशाना कंस्ट्रक्शन के खदान में पहुंचकर खनन क्षेत्र, बिक्री के लिए जारी होने वाले परमिट, बोल्डर परमिट सहित अन्य बिंदुओं पर जानकारी जुटाने में लगी हुई है। टीम ने ड्रोन कैमरा उड़ाकर खनन क्षेत्र की वास्तविक स्थिति का भी सर्वे किया। बृहस्पतिवार को दोपहर बाद आयकर विभाग की एक टीम ओबरा के कस्तूरबा मार्केट स्थित एसबीआई शाखा पहुंची। वहां आयकर विभाग के एसबीआई खाते में 20 लाख रुपये जमा कराए गए। कुछ देर बाद एक अन्य टीम भी पहुंची। आयकर विभाग की जांच से खनन कारोबारी सहमे हुए हैं।
दूसरे दिन भी ठप रहा खनन
आयकर विभाग की मौजूदगी का असर खनन क्षेत्र पर साफ देखा जा रहा है। ओबरा, डाला के खनन क्षेत्रों में बुधवार से बंद खनन कार्य दूसरे दिन भी ठप रहा। इस दौरान न ब्लास्टिंग हुई और न ही क्रशर प्लांटों पर काेई हलचल दिखी। गिट्टी लेने के लिए जो ट्रक पहले से नंबर लगाए थे, उन्हें भी इस हिदायत के साथ वापस कर दिया गया कि टीम के जाने पर ही कोई कार्य आगे बढ़ेगा।
सामान फेंकने की रही चर्चा
आयकर अधिकारियों की टीम पिछले 36 घंटे से भी अधिक समय से जिले में सात से अधिक अलग-अलग स्थानों पर जांच कर रही है। टीम गोपनीयता का ध्यान रखते हुए किसी भी प्रकार की जानकारी साझा करने से बच रही है। इस बीच अफवाहों का बाजार भी गर्म है। बुधवार की रात किसी कारोबारी के घर से नकदी-जेवर बाहर फेंकने की जोरों पर चर्चा थी, लेकिन कोई पुष्टि नहीं हो सकी।