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समय से ओपीडी में न आने वाले डाक्टरों पर गिरेगी गाज
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जिले के राजकीय अस्पतालों में विलंब से आने के आदी हो चुके चिकित्सकों पर अब कभी भी कार्रवाई हो सकती है। शासन के निर्देश पर अब जिला संयुक्त चिकित्सालय, सीएचसी और पीएचसी सहित अन्य स्वास्थ्य केंद्र पर डाक्टरों के अस्पताल में आने व जाने की गोपनीय रिपोर्ट तैयार होने लगी है। सीएमओ और सीएमएस समय से ओपीडी में न आने वाले डॉक्टरों की रिपोर्ट शासन को भेजेंगे।
जिला संयुक्त चिकित्सालय लोढ़ी हो या जिले के सीएचसी- पीएचसी सहित अन्य स्वास्थ्य केंद्र, यहां डाक्टरों के समय से ओपीडी में न पहुंचने की शिकायतें आती रही हैं। जबकि शासन की ओर से ओपीडी का समय सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक निर्धारित है। पूर्व में एडी स्वास्थ्य और सीएमओ के निरीक्षण के दौरान ये साबित हो चुका है कि अस्पतालों में तैनात कई चिकित्सक या तो बिना अवकाश के अनुपस्थित रहते हैं या निर्धारित समय से एक से दो घंटे लेट अस्पताल पहुंचते हैं। समय से पहले ओपीडी छोड़कर चले भी जाते हैं।
ऐसे में अब उपमुख्यमंत्री (स्वास्थ्य मंत्री) ब्रजेश पाठक ने ओपीडी में देर से आने वाले डॉक्टरों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। अब जिला अस्पतालों और सीएचसी की ओपीडी में देर से आने वाले डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई होगी। जिले में एक टीम गोपनीय तरीके से चिकित्सकों की उपस्थिति की जांच करेगी। जो डॉक्टर नियमित रूप से ओपीडी में देर से आ रहे हैं, वार्ड में राउंड नहीं लेते हैं, उनकी सूची तैयार होगी। चिकित्सकों की लेटलतीफी की सूचना अस्पताल सीएमएस और सीएमओ को शासन को भेजनी होगी।
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शाम को वार्ड में लगाना होगा राउंड
जिला अस्पताल व सीएचसी में भर्ती मरीजों की शिकायत रहती है कि डाक्टर शाम के वक्त वार्ड में भर्ती मरीजों को देखने तक नहीं आते हैं। मरीजों को अगले दिन ही देखा जाता है लेकिन अब डॉक्टरों को अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों को शाम को भी देखना होगा। इसके लिए संबंधित डॉक्टरों को शाम को वार्ड में राउंड लगाना अनिवार्य किया गया है।
जिले के अस्पतालों समय-समय पर औचक निरीक्षण किया जा रहा है। लापरवाही मिलने पर कार्रवाई भी की जाती है। शासन से निर्देश मिलते ही गोपनीय रिपोर्ट भेजी जाएगी। - डॉ. रमेश सिंह ठाकुर, सीएमओ।
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जिला संयुक्त चिकित्सालय लोढ़ी हो या जिले के सीएचसी- पीएचसी सहित अन्य स्वास्थ्य केंद्र, यहां डाक्टरों के समय से ओपीडी में न पहुंचने की शिकायतें आती रही हैं। जबकि शासन की ओर से ओपीडी का समय सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक निर्धारित है। पूर्व में एडी स्वास्थ्य और सीएमओ के निरीक्षण के दौरान ये साबित हो चुका है कि अस्पतालों में तैनात कई चिकित्सक या तो बिना अवकाश के अनुपस्थित रहते हैं या निर्धारित समय से एक से दो घंटे लेट अस्पताल पहुंचते हैं। समय से पहले ओपीडी छोड़कर चले भी जाते हैं।
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ऐसे में अब उपमुख्यमंत्री (स्वास्थ्य मंत्री) ब्रजेश पाठक ने ओपीडी में देर से आने वाले डॉक्टरों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। अब जिला अस्पतालों और सीएचसी की ओपीडी में देर से आने वाले डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई होगी। जिले में एक टीम गोपनीय तरीके से चिकित्सकों की उपस्थिति की जांच करेगी। जो डॉक्टर नियमित रूप से ओपीडी में देर से आ रहे हैं, वार्ड में राउंड नहीं लेते हैं, उनकी सूची तैयार होगी। चिकित्सकों की लेटलतीफी की सूचना अस्पताल सीएमएस और सीएमओ को शासन को भेजनी होगी।
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शाम को वार्ड में लगाना होगा राउंड
जिला अस्पताल व सीएचसी में भर्ती मरीजों की शिकायत रहती है कि डाक्टर शाम के वक्त वार्ड में भर्ती मरीजों को देखने तक नहीं आते हैं। मरीजों को अगले दिन ही देखा जाता है लेकिन अब डॉक्टरों को अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों को शाम को भी देखना होगा। इसके लिए संबंधित डॉक्टरों को शाम को वार्ड में राउंड लगाना अनिवार्य किया गया है।
जिले के अस्पतालों समय-समय पर औचक निरीक्षण किया जा रहा है। लापरवाही मिलने पर कार्रवाई भी की जाती है। शासन से निर्देश मिलते ही गोपनीय रिपोर्ट भेजी जाएगी। - डॉ. रमेश सिंह ठाकुर, सीएमओ।