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जिला अस्पताल की दुर्व्यवस्था पर भड़के डीएम, सीएमएस से बोले : आप इस पद लायक नहीं

Sun, 18 Sep 2022 11:33 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 18 Sep 2022 11:33 PM IST
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DM furious over the mismanagement of the district hospital, said to CMS: You do not deserve this post
जिला संयुक्त चिकित्सालय का निरीक्षण करते डीएम चंद्र विजय सिंह। संवाद - फोटो : SONBHADRA
जिला अस्पताल के औचक निरीक्षण पर रविवार को पहुंचे डीएम दुर्व्यवस्था देख आपे से बाहर हो गए। अस्पताल में गंदगी का अंबार लगा था। मरीजों के बेड पर चादर नहीं थी। वार्ड में डॉक्टर-कर्मचारी भी नहीं थे। मरीजों को परोसा जा रहा भोजन घटिया था। बार-बार हिदायतों के बावजूद व्यवस्था में कोई सुधार न होने पर डीएम ने सीएमएस को कड़ी फटकार लगाई। कार्यक्षमता पर सवाल उठाते हुए सीएमओ को नए योग्य सीएमएस की तैनाती के लिए तत्काल शासन को प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया।
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डीएम चंद्र विजय सिंह सुबह पल्स पोलियो अभियान का उद्घाटन करने जिला अस्पताल पहुंचे थे। कार्यक्रम के बाद वह अचानक अस्पताल के वार्डों में पहुंचे तो वहां की लापरवाही और दुर्व्यवस्था की भरमार मिली। जनरल वार्ड में अत्यंत गंदगी मिली। शौचालय की सफाई नहीं हुई थी। नाला चोक होने से मरीजों को परेशानी हो रही थी।
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देखने से साफ लग रहा था कि वार्डों की नियमित सफाई नहीं होती। एक महिला मरीज फर्श पर लेटी थी। कई मरीजों के बेड पर चादर नहीं थी। थी भी तो बेहद गंदी। उन्होंने सीएमएस को बेड पर कलर कोडिंग के साथ साफ चादर बिछवाने का निर्देश दिया। संबंधित ठेकेदार का ठेका निरस्त करते हुए नए ठेकेदार के शीघ्र चयन करने के लिए कहा।
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वार्ड में स्टाफ नर्स की ड्यूटी का चार्ट आठ सितंबर का था। इसके बाद से इस पर कोई अपडेट नहीं था। स्टाफ नर्स बिंद्रावती संतोषजनक उत्तर नहीं दे सकीं। कई नर्स एक ही जगह रहकर मरीजों की देखभाल कर रही थीं। डीएम ने स्टाफ नर्स का अन्यत्र तबादला करने और नर्सों की अलग-अलग ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए।
वार्ड में भर्ती मरीजों ने बताया कि साढ़े 11 बजे तक कोई भी डॉक्टर भ्रमण पर नहीं आया है। मरीजों के फाइल पर भी इसका कोई उल्लेख नहीं था। डीएम ने सीएमएस को संबंधित डॉक्टरों से स्पष्टीकरण लेकर अवगत कराने और फाइल पर भ्रमण का नियमित ब्योरा दर्ज करने का निर्देश दिया। डीएम ने इमरजेंसी और डिलीवरी वार्ड का भी भ्रमण किया। वार्ड में प्रसूताओं की कम संख्या पर सीएमओ से दो दिन में जांच कर रिपोर्ट देने को कहा।

भोजन में हर रोज दाल-रोटी, लौकी की सब्जी
डीएम निरीक्षण के दौरान भोजनालय में पहुंचे तो वहां दो रसोइयां मौजूद थे। जिस आटे से रोटी बनाई जा रही थी, उसकी गुणवत्ता ठीक नहीं थी। फ्रिज में तीन छोटी लौकी और एक किलो टमाटर रखा था। इसके अलावा कंटेनर में आटा, दाल व नमक पाया गया। पूछताछ में मरीजों ने बताया कि रोजाना भोजन में दाल-रोटी और लौकी की सब्जी दी जाती है। मेन्यू के अनुसार पौष्टिक भोजन न दिए जाने पर नाराजगी जताते हुए डीएम ने संबंधित ठेकेदार का ठेका निरस्त करते हुए नए के चयन का निर्देश दिया, ताकि मरीजों को नियमित पौष्टिक भोजन मिल सके। निरीक्षण के दौरान सीएमओ डॉ. आरएस ठाकुर व सीएमएस डॉ. क्रांति कुमार भी मौजूद रहे।
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