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जिला बनाने के लिए धरना
अमर उजाला ब्यूरो (सोनभद्र)
Updated Tue, 09 Feb 2016 12:08 AM IST
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दुद्धी को जिला बनाओ संघर्ष मोर्चा ने सोमवार को राबर्ट्सगंज तहसील परिसर
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में धरना दिया। पूर्व मुख्यमंत्री पर दुद्धी के लोगों से किए गए वादों को
पूरा न करने का आरोप मढ़ा। दुद्धी को जिला न बनाए जाने पर वृहद आंदोलन करने
की चेतावनी दी।
कार्यक्रम का संचालन और नेतृत्व कर रहे अशोक कुमार कन्नौजिया एडवोकेट ने कहा कि दुद्धी जिला बनाने के सभी मानक को पूरा करता है। सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने दुद्धीवासियों से जिला बनाने का वादा किया था मगर इस पर अभी तक अमल नहीं हो सका।
कहा कि सोनभद्र मुख्यालय से मिर्जापुर और वाराणसी की दूरी करीब सौ किमी है। वहीं सोनभद्र मुख्यालय से अंतिम छोर की दूरी करीब दो सौ मीटर है, ऐसे में दुद्धी को जिला बनना ही चाहिए। महासचिव प्रभु सिंह एडवोकेट ने कहा कि 1974 में के घोषणा पर अभी तक अमल न होना दुखद है।
कहा कि पूर्व में कई बार दुद्धी को जिला बनाने के लिए जिला प्रशासन के माध्यम से शासन का मांगपत्र भेजा जा चुका है। लेकिन कोई ठोस पहल नहीं हो सका। कहा कि दुद्धी को जिला बनाने की मांग को लेकर संघर्ष जारी रहेगा।
प्रदेश सचिव विकास शाक्य ने कहा कि छोटे-छोटे जिले का विरोध करने वाले लोग उस समय कहां थे जब मिर्जापुर से कट कर सोनभद्र जिला बना। इस मौके पर धनंजय मौर्य, पवन सिंह, शारदा मौर्य, आरके शर्मा, बुद्धिराम, ओमप्रकाश सिंह, कलीम, राजदेव सिंह, रामप्रवेश, रामयण आदि रहे।
कार्यक्रम का संचालन और नेतृत्व कर रहे अशोक कुमार कन्नौजिया एडवोकेट ने कहा कि दुद्धी जिला बनाने के सभी मानक को पूरा करता है। सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने दुद्धीवासियों से जिला बनाने का वादा किया था मगर इस पर अभी तक अमल नहीं हो सका।
कहा कि सोनभद्र मुख्यालय से मिर्जापुर और वाराणसी की दूरी करीब सौ किमी है। वहीं सोनभद्र मुख्यालय से अंतिम छोर की दूरी करीब दो सौ मीटर है, ऐसे में दुद्धी को जिला बनना ही चाहिए। महासचिव प्रभु सिंह एडवोकेट ने कहा कि 1974 में के घोषणा पर अभी तक अमल न होना दुखद है।
कहा कि पूर्व में कई बार दुद्धी को जिला बनाने के लिए जिला प्रशासन के माध्यम से शासन का मांगपत्र भेजा जा चुका है। लेकिन कोई ठोस पहल नहीं हो सका। कहा कि दुद्धी को जिला बनाने की मांग को लेकर संघर्ष जारी रहेगा।
प्रदेश सचिव विकास शाक्य ने कहा कि छोटे-छोटे जिले का विरोध करने वाले लोग उस समय कहां थे जब मिर्जापुर से कट कर सोनभद्र जिला बना। इस मौके पर धनंजय मौर्य, पवन सिंह, शारदा मौर्य, आरके शर्मा, बुद्धिराम, ओमप्रकाश सिंह, कलीम, राजदेव सिंह, रामप्रवेश, रामयण आदि रहे।