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अस्ताचलगामी भगवान सूर्य को अर्घ्य
ब्यूरो, अमर उजाला, सोनभद्र
Updated Sun, 06 Nov 2016 11:00 PM IST
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राबर्ट्सगंज में छठ पुजन करती महिलाएं।
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पुत्रों की दीर्घायु और मंगल कामना के लिए माताएं कार्तिक शुक्ल पक्ष के षष्ठी तिथि रविवार को तीसरे दिन निर्जल एवं निराहार रहकर शाम के समय बाजे-गाजे के साथ छठ मईया के गीत कांचे ही बांस के बहंगिया बहंगी लचकत जाए को गाते हुए घाटों पर पहुंची और अस्ताचलगामी सूर्य को पहला अर्घ्य दिया। ठेकुआ, चावल के लड्डू, फल आदि को प्रसाद के रूप में चढ़ाया। छठ घाटों पर मेले का आयोजन किया गया। जिला मुख्यालय राबर्ट्सगंज स्थित राम सरोवर तालाब, बढ़ौली गांव के शिव सरोवर, अकड़हवा पोखरा, मेहुड़ी नहर, बभनी बांध, विंढमगंज स्थित सततवाहिनी नदी, कोन स्थित पांडू नदी, चोपन स्थित सोन नदी, सांगोबाध स्थित पांगन नदी, ओबरा स्थित रेणु नदी के किनारे छठ घाटों पर व्रती महिलाओं ने अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया।
ओबरा:: रेणु नदी तट स्थित छठ घाट एवं अन्य घाटों पर पहुंचकर व्रती महिलाओं ने अस्तांलचगामी सूर्य को पानी में खड़े होकर पहला अर्घ्य दिया। व्रती महिलाएं लगातार छठ मईया के गीत कांचे ही बांस के बहंगिया बहंगी लचकत जाए सहित कई छठ गीत को गाती हुई पूजन स्थल की ओर बढ़ रही थी। नगर के सेक्टर नौ, बिल्ली पोखरा, खैरटिया बंधी, सेक्टर आठ, दस, मालवीय नगर में छठपूजा हुई। रेणु नदी तट पर भगवान सूर्य की प्रतिमा का पूजन विधि-विधान व वैदिक मंत्रोचार के साथ हुआ।
मुख्य यजमान नपं अध्यक्ष दुर्गावती देवी, इओ विजय बहादुर यादव, रमेश सिंह यादव, उमा शंकर सिंह, कन्हैयालाल जायसवाल, वनिता मंडल की अध्यक्ष पूनम तिवारी आदि मौजूद रही। बभनी: क्षेत्र के बभनी, चपकी, नधिरा, असनहर, चौना, सतबहनी, मचबंधवा, रनदह में छठ घाट पर रविवार को व्रती महिलाओं ने अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया। विंढमगंज: व्रती महिलाओं ने सततवाहिनी नदी स्थित छठ घाट पर सोमवार की शाम को अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया। यहां पर झारखंड, बिहार, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश से श्रद्धालु आए थे।
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चोपन: सोन नदी तट पर बने छठ घाट पर व्रती महिलाओं ने रविवार को अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया। इस दौरान नपं चेयरमैन इम्तियाज अहमद मौजूद रहे। रेणुकूट: हनुमान मंदिर, न्यू मार्केट, बैकुंठपुर कॉलोनी में बने छठ कुंड, मुरली गढ़ी, काली मंदिर एवं सभी वार्डों में बने छठ कुंडो पर रविवार को व्रती महिलाओं ने अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया। सागोबांध: पांगन नदी जो छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश की सीमा पर स्थित है,
यहां पर रविवार को व्रती महिलाओं ने अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया। म्योरपुर: कस्बे में लीलासी मोड़ पर स्थित हनुमान मंदिर के सामने तालाब के घाट पर रविवार को व्रती महिलाओं ने शाम के समय अस्तांचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया। सलखन और चुर्क: तालाब पर बने छठ घाट पर व्रती महिलाओं ने रविवार की शाम को अस्तांचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया। केकराही और करमा: क्षेत्र के करमा, केकराही, भरुहा, कसयां, बहेरा गांवों में रविवार को छठ घाटों पर व्रती महिलाओं ने अस्तांचलॉगामी सूर्य को अर्घ्य दिया।
दुद्धी और अमवार: छठ पूजा का कठिन व्रत करने वाली महिलाएं मन्नत के अनुसार दंडवत करते हुए छठ घाटों तक पहुंचीं। दुद्धी के प्राचीन शिवाजी तालाब तथा लवकुश कैलाश कुंज द्वार, लऊवा नदी, ठेमा नदी, कनहर नदी, टेढ़ा छठ घाट, नगवां तथा अमवार छठ घाटों पर महिलाओं ने अस्तांचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया।
ओबरा:: रेणु नदी तट स्थित छठ घाट एवं अन्य घाटों पर पहुंचकर व्रती महिलाओं ने अस्तांलचगामी सूर्य को पानी में खड़े होकर पहला अर्घ्य दिया। व्रती महिलाएं लगातार छठ मईया के गीत कांचे ही बांस के बहंगिया बहंगी लचकत जाए सहित कई छठ गीत को गाती हुई पूजन स्थल की ओर बढ़ रही थी। नगर के सेक्टर नौ, बिल्ली पोखरा, खैरटिया बंधी, सेक्टर आठ, दस, मालवीय नगर में छठपूजा हुई। रेणु नदी तट पर भगवान सूर्य की प्रतिमा का पूजन विधि-विधान व वैदिक मंत्रोचार के साथ हुआ।
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मुख्य यजमान नपं अध्यक्ष दुर्गावती देवी, इओ विजय बहादुर यादव, रमेश सिंह यादव, उमा शंकर सिंह, कन्हैयालाल जायसवाल, वनिता मंडल की अध्यक्ष पूनम तिवारी आदि मौजूद रही। बभनी: क्षेत्र के बभनी, चपकी, नधिरा, असनहर, चौना, सतबहनी, मचबंधवा, रनदह में छठ घाट पर रविवार को व्रती महिलाओं ने अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया। विंढमगंज: व्रती महिलाओं ने सततवाहिनी नदी स्थित छठ घाट पर सोमवार की शाम को अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया। यहां पर झारखंड, बिहार, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश से श्रद्धालु आए थे।
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चोपन: सोन नदी तट पर बने छठ घाट पर व्रती महिलाओं ने रविवार को अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया। इस दौरान नपं चेयरमैन इम्तियाज अहमद मौजूद रहे। रेणुकूट: हनुमान मंदिर, न्यू मार्केट, बैकुंठपुर कॉलोनी में बने छठ कुंड, मुरली गढ़ी, काली मंदिर एवं सभी वार्डों में बने छठ कुंडो पर रविवार को व्रती महिलाओं ने अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया। सागोबांध: पांगन नदी जो छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश की सीमा पर स्थित है,
यहां पर रविवार को व्रती महिलाओं ने अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया। म्योरपुर: कस्बे में लीलासी मोड़ पर स्थित हनुमान मंदिर के सामने तालाब के घाट पर रविवार को व्रती महिलाओं ने शाम के समय अस्तांचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया। सलखन और चुर्क: तालाब पर बने छठ घाट पर व्रती महिलाओं ने रविवार की शाम को अस्तांचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया। केकराही और करमा: क्षेत्र के करमा, केकराही, भरुहा, कसयां, बहेरा गांवों में रविवार को छठ घाटों पर व्रती महिलाओं ने अस्तांचलॉगामी सूर्य को अर्घ्य दिया।
दुद्धी और अमवार: छठ पूजा का कठिन व्रत करने वाली महिलाएं मन्नत के अनुसार दंडवत करते हुए छठ घाटों तक पहुंचीं। दुद्धी के प्राचीन शिवाजी तालाब तथा लवकुश कैलाश कुंज द्वार, लऊवा नदी, ठेमा नदी, कनहर नदी, टेढ़ा छठ घाट, नगवां तथा अमवार छठ घाटों पर महिलाओं ने अस्तांचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया।