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बिगड़ता जा रहा प्रदूषण का स्तर, एक्यूआई 178 हुआ
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जिले में प्रदूषण का स्तर लगातार बिगड़ता जा रहा है। रविवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 178 दर्ज किया गया जबकि शनिवार को यह 165 था। पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश के सिंगरौली में एक्यूआई 191 तक पहुंच गया। तेजी से बढ़ते प्रदूषण के बावजूद सुरक्षा मानकों की अनदेखी से स्थिति गंभीर होती जा रही है। लापरवाही नहीं थमी तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
देश के सर्वाधिक प्रदूषित शहरों में सूचीबद्ध सोनभद्र व सिंगरौली के लिए एनजीटी ने कड़े प्रतिबंध लागू किए हैं। इस क्षेत्र में स्थित सभी औद्योगिक इकाइयों, तापीय व कोल परियोजनाओं, कार्यदायी संस्थाओं को प्रदूषण नियंत्रण के हर जरूरी उपाय अपनाने को कहा गया है, जिससे वायु प्रदूषण की स्थिति खतरनाक श्रेणी (एक्यूआई 200 से ऊपर) में न जा सके। ऐसा होने पर कड़े जुर्माने और अन्य सख्त कार्रवाई का निर्देश है। इसके बावजूद स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। नवंबर के शुरुआत में ही प्रदूषण का स्तर 178 तक पहुंच गया है, जबकि सिंगरौली में यह 191 दर्ज किया गया। वातावरण में बढ़ते प्रदूषण के लिए पटाखों के बेतहाशा उपयोग के अलावा क्रशर प्लांटों व औद्योगिक इकाइयों से उठ रहे धुल-धुएं के गुबार को माना जा रहा है।
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देश के सर्वाधिक प्रदूषित शहरों में सूचीबद्ध सोनभद्र व सिंगरौली के लिए एनजीटी ने कड़े प्रतिबंध लागू किए हैं। इस क्षेत्र में स्थित सभी औद्योगिक इकाइयों, तापीय व कोल परियोजनाओं, कार्यदायी संस्थाओं को प्रदूषण नियंत्रण के हर जरूरी उपाय अपनाने को कहा गया है, जिससे वायु प्रदूषण की स्थिति खतरनाक श्रेणी (एक्यूआई 200 से ऊपर) में न जा सके। ऐसा होने पर कड़े जुर्माने और अन्य सख्त कार्रवाई का निर्देश है। इसके बावजूद स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। नवंबर के शुरुआत में ही प्रदूषण का स्तर 178 तक पहुंच गया है, जबकि सिंगरौली में यह 191 दर्ज किया गया। वातावरण में बढ़ते प्रदूषण के लिए पटाखों के बेतहाशा उपयोग के अलावा क्रशर प्लांटों व औद्योगिक इकाइयों से उठ रहे धुल-धुएं के गुबार को माना जा रहा है।
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