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गांवों के बैंकों से मायूस लौट रहे उपभोक्ता
अमर उजाला ब्यूरो/सोनभद्र
Updated Thu, 17 Nov 2016 12:36 AM IST
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गांवों के बैंकों से मायूस लौट रहे उपभोक्ता
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बड़े नोटों पर प्रतिबंध के सातवें दिन पुराने नोट जमा करने से ज्यादा धनराशि निकालने के लिए बैंकों और एटीएम पर भीड़ हुई। बुधवार को 90 करोड़ रुपये की निकासी हुई जबकि करीब 70 करोड़ रुपये ही जमा हुए। गुरुवार को निकासी और भी बढ़ने की उम्मीद है। लीड बैंक प्रबंधक करूणेश कुलश्रेष्ठ के मुताबिक गुरुवार को करीब 60 करोड़ रुपये विभिन्न बैंकों के चेस्टों में पहुंच जाएंगे। ग्रामीण बैंकों पर भी धनराशि पहुंचेगी।
पांच सौ और एक हजार रुपये की नोट का प्रचलन बंद होने के बाद पुरानी नोटों को जमा करने की होड़ अब धीमी पड़ती जा रही है। अब नोटों को जमा करने से ज्यादा लोग निकासी के लिए परेशान हैं। नगरीय इलाकों में बैंकों और एटीएम पर अब भी लोगों की भीड़ लग रही है। हालांकि जमा करने वालों की भीड़ निकालने वालों की तुलना में कम हो रही। बुुधवार को राबर्ट्सगंज के एसबीआई से लेकर अन्य बैंकों में शाम तक एटीएम से पैसे निकाले गए।
जबकि गांवों में स्थिति अब भी बदतर है। नगवां ब्लॉक के पनिकप कला में स्थित इलाहाबाद बैंक , दुद्धी ब्लॉक के महुली में स्थित इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक, चतरा में स्थित इलाहाबाद बैंक में लोगों को रुपये निकालने के नाम पर मायूसी हाथ लगी। लीड बैंक प्रबंधक करूणेश कुलश्रेष्ठ ने बताया कि गुरुवार से ग्रामीण इलाकों के बैंकों में भी पर्याप्त धन पहुंच जाएंगे। गुरुवार तक जिले में करीब साठ करोड़ रुपये और आ जाएंगे।
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अनपरा प्रतिनिधि के अनुसार एक सप्ताह तक फुटकर पैसों के लिए हो रही मारामारी बुधवार को मद्धिम पड़ गई। एसबीआई को छोड़कर एक समय में किसी पर भी तीस से अधिक लोग बुधवार को कतार में नहीं थे। बैंक अधिकारियों का कहना है कि पुराने नोट जमा करने वालों की तादात में कमी आने तथा अंगूली में स्याही लगाने के चलते बुधवार को भीड़ काफी कम रहीं। बेटे की शादी करने वाले देवेश कुमार सिंह ने बताया कि शादी-विवाह में इतने अधिक आइटम होते हैं कि सबकी खरीददारी नेट बैकिंग अथवा चेक से करना संभव नहीं है। इसके चलते उन्हें काफी समस्याएं आ रहीं है।
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पांच सौ और एक हजार रुपये की नोट का प्रचलन बंद होने के बाद पुरानी नोटों को जमा करने की होड़ अब धीमी पड़ती जा रही है। अब नोटों को जमा करने से ज्यादा लोग निकासी के लिए परेशान हैं। नगरीय इलाकों में बैंकों और एटीएम पर अब भी लोगों की भीड़ लग रही है। हालांकि जमा करने वालों की भीड़ निकालने वालों की तुलना में कम हो रही। बुुधवार को राबर्ट्सगंज के एसबीआई से लेकर अन्य बैंकों में शाम तक एटीएम से पैसे निकाले गए।
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जबकि गांवों में स्थिति अब भी बदतर है। नगवां ब्लॉक के पनिकप कला में स्थित इलाहाबाद बैंक , दुद्धी ब्लॉक के महुली में स्थित इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक, चतरा में स्थित इलाहाबाद बैंक में लोगों को रुपये निकालने के नाम पर मायूसी हाथ लगी। लीड बैंक प्रबंधक करूणेश कुलश्रेष्ठ ने बताया कि गुरुवार से ग्रामीण इलाकों के बैंकों में भी पर्याप्त धन पहुंच जाएंगे। गुरुवार तक जिले में करीब साठ करोड़ रुपये और आ जाएंगे।
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अनपरा प्रतिनिधि के अनुसार एक सप्ताह तक फुटकर पैसों के लिए हो रही मारामारी बुधवार को मद्धिम पड़ गई। एसबीआई को छोड़कर एक समय में किसी पर भी तीस से अधिक लोग बुधवार को कतार में नहीं थे। बैंक अधिकारियों का कहना है कि पुराने नोट जमा करने वालों की तादात में कमी आने तथा अंगूली में स्याही लगाने के चलते बुधवार को भीड़ काफी कम रहीं। बेटे की शादी करने वाले देवेश कुमार सिंह ने बताया कि शादी-विवाह में इतने अधिक आइटम होते हैं कि सबकी खरीददारी नेट बैकिंग अथवा चेक से करना संभव नहीं है। इसके चलते उन्हें काफी समस्याएं आ रहीं है।