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अंतरजनपदीय ट्रांसफर किए जाने के लिए शिक्षिकाओं का प्रदर्शन
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सोनभद्र। बेसिक शिक्षा विभाग की शिक्षिकाओं ने अंतरजनपदीय ट्रांसफर किये जाने की मांग को लेकर सोमवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। शिक्षिकाओं ने एक प्रदेश एक नियम, सबको मिले समान अवसर के नारे लगाए। प्रदर्शन कर रही शिक्षिका जेबा अफरोज ने कहा कि अन्य जनपद की तरह सोनभद्र के शिक्षकों को भी स्थानांतरण का लाभ दिए जाने की मांग प्रशासन से की जा रही है। कहा कि सरकारी नौकरी में पति के होने के बावजूद महिला शिक्षिकाओं का ट्रांसफर नहीं किया जा रहा है।
प्रज्ञा दुबे ने कहा कि दिव्यांगजनों को अंतरजनपदीय ट्रांसफर में वरीयता देने की बात कही गई थी, उसका भी पालन नहीं किया गया है। गरिमा त्रिपाठी व भारती पांडेय ने कहा कि स्थानांतरण सूची को भारांक के साथ सार्वजनिक किया जाये। नीति आयोग की रिपोर्ट में कार्मिकों का स्थानांतरण दो वर्षों के बाद करने की छूट थी लेकिन यहां पांच वर्ष बाद भी स्थानांतरण नहीं हुआ। शिक्षिकाओं ने कहा कि संविधान ने भी हम लोगों को समानता का अधिकार दिया है तो एक प्रदेश एक नियम लागू क्यों नहीं किया जा रहा है। जब इस जिले को आकांक्षी से बाहर लाने का लक्ष्य रखा ही गया है तो जिले के मुखिया के स्थानांतरण पर भी रोक लगाई जानी चाहिए। सवाल किया कि क्या आकांक्षी जिलों को अग्रणी में लाने की समस्त जिम्मेदारी शिक्षकों की ही हैं। सभी ने सरकार से अन्य जिलों की तरह समान अवसर प्रदान करते हुए स्थानांतरण का लाभ प्रदान करने की मांग की। प्रदर्शन करने वालों में मुख्य रूप से शिक्षिका संजना सिंह, सुनीता रानी, रंजना राय, प्रज्ञा त्रिपाठी, स्नेहशिखा, फौजिया तबस्सुम, अंजली राय, कुमार सिद्दीकी, रूही परवीन, गूंजा सिंह, दिव्या श्रीवास्तव, रूबी, कंचन प्रभा, कुसुम सिंह, रत्ना प्रज्ञा, शालिनी, निशा राजपूत, अंकिता, नम्रता सिंह, शैलजा सिंह, सुनीता रानी, प्रीति यादव, सौम्या सिंह, निधि लोगानी, प्रिया श्रीवास्तव, मधु मिश्रा आदि शामिल रहीं।
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प्रज्ञा दुबे ने कहा कि दिव्यांगजनों को अंतरजनपदीय ट्रांसफर में वरीयता देने की बात कही गई थी, उसका भी पालन नहीं किया गया है। गरिमा त्रिपाठी व भारती पांडेय ने कहा कि स्थानांतरण सूची को भारांक के साथ सार्वजनिक किया जाये। नीति आयोग की रिपोर्ट में कार्मिकों का स्थानांतरण दो वर्षों के बाद करने की छूट थी लेकिन यहां पांच वर्ष बाद भी स्थानांतरण नहीं हुआ। शिक्षिकाओं ने कहा कि संविधान ने भी हम लोगों को समानता का अधिकार दिया है तो एक प्रदेश एक नियम लागू क्यों नहीं किया जा रहा है। जब इस जिले को आकांक्षी से बाहर लाने का लक्ष्य रखा ही गया है तो जिले के मुखिया के स्थानांतरण पर भी रोक लगाई जानी चाहिए। सवाल किया कि क्या आकांक्षी जिलों को अग्रणी में लाने की समस्त जिम्मेदारी शिक्षकों की ही हैं। सभी ने सरकार से अन्य जिलों की तरह समान अवसर प्रदान करते हुए स्थानांतरण का लाभ प्रदान करने की मांग की। प्रदर्शन करने वालों में मुख्य रूप से शिक्षिका संजना सिंह, सुनीता रानी, रंजना राय, प्रज्ञा त्रिपाठी, स्नेहशिखा, फौजिया तबस्सुम, अंजली राय, कुमार सिद्दीकी, रूही परवीन, गूंजा सिंह, दिव्या श्रीवास्तव, रूबी, कंचन प्रभा, कुसुम सिंह, रत्ना प्रज्ञा, शालिनी, निशा राजपूत, अंकिता, नम्रता सिंह, शैलजा सिंह, सुनीता रानी, प्रीति यादव, सौम्या सिंह, निधि लोगानी, प्रिया श्रीवास्तव, मधु मिश्रा आदि शामिल रहीं।
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