खतरनाक घोषित खदानों में खनन पर नोटिस जारी
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पांचों खदानों में तत्काल काम बंद करा दिया गया है। साथ ही रोक के बावजूद इन खदानों में विस्फोट की आपूर्ति की जांच कराते हुए पट्टे धारक को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। बताया जाता है कि इनमें से कुछ लीज धारक पूर्व में वीआईपी सिंडिकेट से जुड़े लोगों का है। वहीं मंगलवार को टीम ने बिल्ली मारकुंडी के कई खदानों में जांच पड़ताल की।
बिल्ली मारकुडी खनन क्षेत्र में 46 खदानें डेंजर जोन की श्रेणी में पहुंच चुकी हैं। बीते वर्ष जुलाई माह में खान सुरक्षा निदेशालय ने इन खदानों में सेक्शन 22(3) लगाई थी। इन प्रतिबंधित खदानों में सिर्फ सुधारात्मक काम करने की इजाजत थी मगर इसी के आड़ में अधिकतर लीज धारक अवैध रूप से खनन कराते रहे।
इसी बीच 15 अक्तूबर को प्रतिबंधित आराजी संख्या 5593 खदान के पास गोदाम में विस्फोट होने से आठ मजदूरों की मौत हो गई थी। अमर उजाला ने सिलसिलेवार अनियमितता की रिपोर्ट प्रकाशित की थी। हादसे के बाद तत्कालीन डीएम ने खदानों में काम बंद कराने का निर्देश दिया था। बावजूद प्रशासन, खान विभाग, चोपन और डाला पुलिस की मिलीभगत से यहां काम चलता रहा।
रोक के बावजूद इन खदानों में पोकलेन मशीनों की आवाज सुनाई देती रही। सोमवार को एडीएम को किसी ने यहां पर काम होने की जानकारी दी। इस पर खान अधिकारी आरपी सिंह ने सर्वेयर वेदप्रकाश शुक्ला को मौके पर भेजा। खान अधिकारी ने बताया कि आराजी संख्या 7402, 7407, 7536, 7410, खदानों में रोक के बावजूद काम होते मिला। बताया कि वहां पर दो पोकलेन मशीनें और टिपर पत्थर ढोते मिले। दो टिपर को सीज करते हुए तत्काल काम बंद करा दिया गया। इन लीज धारकों को नोटिस जारी की गई है। साथ की थाने में कानूनी कार्रवाई कराने जा रहे हैं।