Sonbhadra News: पीतल के सिक्के को मुगलकालीन सोने का बताकर बेचते थे जालसाज, दो आरोपी गिरफ्तार
सोनभद्र पुलिस को बड़ी सफलता मिली। पुलिस व एसओजी की संयुक्त टीम ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। दोनों आरोपी पीतल के सिक्के को मुगलकालीन सोने का बताकर बेचते थे। आरोपियों के पास से करीब 6.7 किलो सिक्के बरामद किए गए।
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सोनभद्र जिले की सदर कोतवाली पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने मंगलवार को दो अंतर जनपदीय ठगों को गिरफ्तार किया। उनके पास से भारी मात्रा में कांसा व पीतल के अलग-अलग आकार में बने सिक्के बरामद हुए हैं। जालसाज इन सिक्कों को मुगलकालीन और सोने का बताकर लोगों को महंगे दामों में बेचते थे। जालसाजों ने सोनभद्र, मिर्जापुर, प्रयागराज सहित अन्य जिलों में कइयों को शिकार बनाया है।
यह है पूरा मामला
सदर कोतवाली परिसर में एएसपी मुख्यालय कालू सिंह ने मीडिया को बताया कि मुखबिर की सूचना पर उरमौरा स्थित अहाते से दो संदिग्धों को पकड़ा गया। पूछताछ में उनकी पहचान आजमगढ़ के अहिरौला थाना क्षेत्र के पनियागौर निवासी रवि विश्वकर्मा और गोरखपुर के गुलरिहां थाना क्षेत्र निवासी विजय कुमार अरोरा के रूप में हुई।
तलाशी में रवि के पास मौजूद झोले से पीली धातु से बने 442 सिक्के मिले। उन पर एक विशेष आकृति व फारसी जैसी भाषा में कुछ अंकित था। विजय के पास झोले से मानव आकृति बने पीली धातु के 107 सिक्के और एक रुपये वाले 134 पुराने सिक्के बरामद हुए।
ऐसे करते थे जालसाजी
दोनों ने पूछताछ में बताया कि प्रयागराज के घूरपुर थाना क्षेत्र निवासी गुलाब मल्लाह उन्हें यह सिक्के उपलब्ध कराता है। इन सिक्कों में खुद से कुछ सोने का अंश मिली धातु को चिपका देते हैं। ग्राहकों को यही हिस्सा जांचने के लिए देते हैं, जिसमें सोने का अंश मिल जाता है। ग्राहक उन पर भरोसा कर यह सिक्का महंगे दामों पर खरीद लेते हैं।
सिक्का बेचने के लिए वह अपने परिवार के किसी सदस्य की बीमारी के लिए पैसे की जरूरत या खोदाई में सिक्के मिलने की बात कहकर झांसे में लेते थे। बताया कि यहां वह संतोष जायसवाल नाम के एक व्यक्ति को सिक्का बेचने आए थे।
एएसपी ने बताया कि जालसाजों को पूछताछ के बाद जेल भेज दिया गया। उनके साथियों की तलाश की जा रही है। सिक्कों का कुल वजन 6.7 किलोग्राम है। पुलिस टीम में एसओजी प्रभारी निरीक्षक रामस्वरूप वर्मा, एसआई विमलेश सिंह आदि शामिल रहे।